क्राइम डेस्क, लखनऊ/सहारनपुर/बुलंदशहर | उत्तर प्रदेश
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। रविवार की सुबह यूपी के अपराधियों के लिए काल बनकर आई। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच पुलिस की पिस्तौल ने आग उगल दी। प्रदेश में महज 2 घंटे के भीतर 200 किलोमीटर की दूरी पर दो अलग-अलग एनकाउंटर हुए, जिसमें पुलिस और एसटीएफ (STF) ने दो कुख्यात अपराधियों को यमलोक पहुंचा दिया।READ ALSO:-UP Weather Breaking: यूपी में 'बर्फीला टॉर्चर', पहाड़ों से भी सर्द हुए मैदानी इलाके; 4.7 डिग्री पारे के साथ कांपा प्रदेश, 28 जिलों में 'लॉकडाउन' जैसा कोहरा
\r\n\r\n\r\n\r\n
पहला एनकाउंटर दिल्ली से सटे बुलंदशहर में हुआ, तो दूसरा वहां से करीब 200 किलोमीटर दूर सहारनपुर में अंजाम दिया गया। मरने वालों में मुख्तार अंसारी गैंग का हिस्ट्रीशीटर और सुल्तानपुर का कुख्यात अपराधी सिराज शामिल है, जिस पर 1 लाख का इनाम था। वहीं, दूसरा बदमाश 50 हजार का इनामी जुबैर उर्फ पीटर था, जिसने पुलिस की नाक में दम कर रखा था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बीते 85 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यूपी पुलिस का यह 14वां एनकाउंटर है जिसमें अपराधी मारा गया है। आइए, सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कि रविवार की सुबह कैसे यूपी में 'ऑपरेशन क्लीन' को अंजाम दिया गया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
पहला एनकाउंटर: बुलंदशहर में 15 किमी पीछा और 'द एंड'
\r\n\r\nसमय: सुबह 3:00 बजे स्थान: बुलंदशहर, स्याना रोड मृतक: जुबैर उर्फ पीटर (50 हजार का इनामी)
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
रविवार तड़के जब पूरा शहर नींद के आगोश में था, बुलंदशहर पुलिस की वायरलेस सेट पर एक अलर्ट गूंजा। इनपुट मिला था कि 50 हजार का इनामी बदमाश जुबैर अपने साथी के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में स्याना रोड से गुजरने वाला है। सूचना पुख्ता थी, लिहाजा पुलिस ने फौरन जाल बिछा दिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कोहरे में फिल्मी स्टाइल में चेज पुलिस ने जसनावली के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। कोहरे के बीच एक बाइक आती दिखाई दी। पुलिस ने टॉर्च की रोशनी से रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक सवार बदमाशों ने रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए मेरठ की तरफ भागने लगे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
SSP दिनेश सिंह ने बताया कि पुलिस ने हार नहीं मानी। करीब 15 किलोमीटर तक पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए बदमाशों का पीछा करती रहीं। बदमाश सैल्टन बंबा रोड की तरफ मुड़े, लेकिन वहां पहले से मौजूद गुलावठी थाना पुलिस ने उन्हें घेर लिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बदमाशों ने की अंधाधुंध फायरिंग अपने आप को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस फायरिंग में एक पुलिसकर्मी के हाथ में गोली लग गई। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में एक गोली जुबैर उर्फ पीटर को लगी और वह बाइक से गिर पड़ा। कोहरे का फायदा उठाकर उसका दूसरा साथी खेतों के रास्ते भागने में कामयाब रहा। घायल जुबैर को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल: 'अब बच्चों का क्या होगा?'
\r\n\r\nजुबैर की मौत की खबर जैसे ही उसके परिवार को मिली, कोहराम मच गया। उसकी पत्नी बानो बदहवास हालत में जिला अस्पताल पहुंची। पति का शव देखते ही वह फूट-फूटकर रोने लगी। अस्पताल परिसर में उसकी चीखें गूंज रही थीं। वह बार-बार एक ही रट लगा रही थी- "ये क्या हो गया... अब मैं कैसे जिउंगी... मेरे 6 बच्चों का क्या होगा?" जुबैर के 6 बच्चे हैं (दो बेटे और चार बेटियां), जिनके सिर से अब पिता का साया उठ चुका है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
जुबैर उर्फ पीटर: बकरा चोरी से डकैती तक का सफर
\r\n\r\nजुबैर मूल रूप से मेरठ के टीपीनगर का रहने वाला था, लेकिन अपराध की दुनिया में उसका कद लगातार बढ़ता गया।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
- \r\n
- \r\n अपराध की शुरुआत: जुबैर ने साल 2006 में पहला अपराध किया था। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।\r\n \r\n
- \r\n केस हिस्ट्री: उस पर बिजनौर, मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली और उत्तराखंड समेत कई जिलों में 60 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। इनमें लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट और चोरी के मामले शामिल हैं।\r\n \r\n
- \r\n हालिया वारदातः 7 अक्टूबर को उसने गुलावठी के एक फार्म से 18 बकरे चोरी किए थे। वहीं, 2 नवंबर को उसने लूट की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद डीआईजी मेरठ ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था।\r\n \r\n
- \r\n बर्बादी: अपराध के चलते जुबैर ने अपना घर तक गंवा दिया था। वह अपने ससुर के घर रहने लगा था, लेकिन पुलिस की दबिश के बाद ससुर ने भी उसे बेदखल कर दिया था। वह पिछले एक साल से फरार चल रहा था।\r\n \r\n
\r\n\r\n
दूसरा एनकाउंटर: सहारनपुर में STF ने किया 'हिसाब बराबर'
\r\n\r\nसमय: सुबह 5:00 बजे स्थान: सहारनपुर, गंगोह क्षेत्र मृतक: सिराज अहमद (1 लाख का इनामी)
\r\n\r\n\r\n\r\n
बुलंदशहर एनकाउंटर की खबर अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि दो घंटे बाद ही सहारनपुर से गोलियों की तड़तड़ाहट की खबर आ गई। यहां यूपी एसटीएफ (STF) ने मुख्तार अंसारी गैंग (D-68) के शार्प शूटर सिराज को ढेर कर दिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सुल्तानपुर का बदला सहारनपुर में सिराज कोई मामूली अपराधी नहीं था। उसने 8 अगस्त 2023 को सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता आजाद अहमद की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में वकीलों को आंदोलित कर दिया था। सिराज तभी से फरार चल रहा था और पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कैसे हुआ एनकाउंटर? एसटीएफ को सूचना मिली थी कि सिराज सहारनपुर के गंगोह इलाके में छिपा है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला है। एसटीएफ ने इलाके की घेराबंदी की। बाइक सवार सिराज को जब रोका गया, तो उसने एसटीएफ टीम पर फायरिंग झोंक दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की गोली सिराज के सीने को चीरती हुई निकल गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
माफिया मुख्तार का करीबी था सिराज
\r\n\r\nसिराज का मारा जाना यूपी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n गैंग कनेक्शन: सिराज माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के इंटर-स्टेट गैंग D-68 का सक्रिय सदस्य था।\r\n \r\n
- \r\n संपत्ति जब्त: योगी सरकार की चोट उस पर पहले ही पड़ चुकी थी। 9 महीने पहले प्रशासन ने सिराज की 4.66 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क कर ली थी।\r\n \r\n
- \r\n क्राइम कुंडली: सुल्तानपुर के रहने वाले सिराज पर हत्या, रंगदारी, लूट और डकैती के 30 से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज थे। वह वकीलों और व्यापारियों के लिए दहशत का दूसरा नाम बन चुका था।\r\n \r\n
\r\n\r\n
आंकड़े बोल रहे हैं: यूपी में 'ठोक दो' नीति का असर
\r\n\r\nयोगी सरकार के कार्यकाल में यूपी पुलिस का एक्शन मोड लगातार चर्चा में है। आंकड़े बताते हैं कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस किस कदर सख्त है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 85 दिन, 14 एनकाउंटर: पिछले ढाई-तीन महीनों में पुलिस ने औसतन हर 6 दिन में एक अपराधी को ढेर किया है। इसमें मंगेश यादव और सुल्तानपुर डकैती कांड के आरोपी भी शामिल हैं।\r\n \r\n
- \r\n 2017 से अब तक: राज्य सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 से अक्टूबर 2025 तक यूपी पुलिस ने 259 खूंखार अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है।\r\n \r\n
- \r\n घायल और गिरफ्तार: इस दौरान 15,000 से ज्यादा मुठभेड़ हुईं, जिनमें 10,000 से अधिक अपराधी पुलिस की गोली से घायल (लंगड़ा) हुए और 31,000 से ज्यादा को गिरफ्तार किया गया।\r\n \r\n
\r\n\r\n
अपराध पर 'फुल स्टॉप' की तैयारी
\r\n\r\nरविवार को हुए ये दो एनकाउंटर यह साफ संदेश देते हैं कि उत्तर प्रदेश में अपराध करने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। चाहे वह मुख्तार अंसारी जैसे माफिया का गुर्गा हो या फिर हाईवे पर लूटपाट करने वाला डकैत, कानून का शिकंजा सब पर बराबर कस रहा है। बुलंदशहर में जहां एक परिवार ने अपने मुखिया को खोया और विलाप किया, वहीं सहारनपुर में एक वकील की हत्या का इंसाफ हुआ।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पुलिस पर गोली चलाने वालों का अंजाम यही होगा। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज हो सकता है, क्योंकि पुलिस के पास अभी भी कई इनामी बदमाशों की लिस्ट तैयार है।
Sabse pehle comment karne wale banein.