नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है। इस साझेदारी के तहत अब हाईवे पर चलते समय आपके मोबाइल फोन पर आने वाले खतरों का 'रियल-टाइम अलर्ट' (Real-Time Alert) मिलेगा। यह तकनीक-आधारित पहल सड़क हादसों को रोकने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।READ ALSO:-वर्दी का रूतबा या गुंडागर्दी? शारीरिक संबंध बनाने से मना किया तो 'आशिक मिजाज' दरोगा ने फूंक दी महिला की स्कूटी, मेरठ पुलिस ने भेजा जेल
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50 करोड़ जियो यूजर्स को सीधा फायदा 

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इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ रिलायंस जियो के 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों को मिलेगा। इस नई व्यवस्था के तहत, जब भी कोई वाहन चालक हाईवे पर किसी दुर्घटना संभावित क्षेत्र (Black Spot) या खराब मौसम वाले इलाके में प्रवेश करेगा, तो उसे तुरंत मोबाइल पर चेतावनी मिल जाएगी। यह अलर्ट एसएमएस (SMS), व्हाट्सएप (WhatsApp) और यहां तक कि 'हाई-प्रायोरिटी कॉल' (High-Priority Call) के जरिए भी भेजा जा सकता है।
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किन चीजों का मिलेगा अलर्ट?

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NHAI और जियो का यह सिस्टम ड्राइवरों को पहले से सचेत कर देगा ताकि वे सावधानी बरत सकें। मुख्य रूप से इन स्थितियों के लिए अलर्ट जारी किए जाएंगे:
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    कोहरा और खराब मौसम: सर्दियों में धुंध के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए विजिबिलिटी कम होने का अलर्ट।
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    आवारा पशु: ऐसे क्षेत्र जहां जानवरों के सड़क पर आने का खतरा ज्यादा है।
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    दुर्घटना संभावित क्षेत्र: ब्लैक स्पॉट्स की जानकारी।
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    अचानक डायवर्जन: निर्माण कार्य या हादसे के कारण रूट डायवर्जन की सूचना।
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बिना किसी नए हार्डवेयर के काम करेगा सिस्टम

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इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए सड़क किनारे किसी नए हार्डवेयर या मशीनरी को लगाने की जरूरत नहीं होगी। यह पूरा सिस्टम Jio के 4G और 5G नेटवर्क और 'जियो-फेंसिंग' तकनीक पर आधारित होगा। यह पूरी तरह से ऑटोमेटेड (Automated) होगा, जो यूजर की लोकेशन को ट्रैक करके उसे संबंधित क्षेत्र की जानकारी भेजेगा। NHAI का मानना है कि यह लागत प्रभावी (Cost-effective) और तुरंत लागू होने वाला समाधान है।
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'राजमार्गयात्रा' ऐप और 1033 हेल्पलाइन से जुड़ाव

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NHAI ने बताया कि इस सेफ्टी अलर्ट सिस्टम को भविष्य में उनके आधिकारिक मोबाइल ऐप 'Rajmargyatra' और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 1033 के साथ भी इंटीग्रेट किया जाएगा। इसका मकसद यह है कि यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सड़क की स्थिति, मौसम की जानकारी और आपातकालीन सहायता मिल सके।
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पायलट प्रोजेक्ट से शुरुआत

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फिलहाल इस योजना को 'पायलट प्रोजेक्ट' के तौर पर कुछ चुनिंदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर शुरू किया जा रहा है। यहां मिलने वाले नतीजों और फीडबैक के आधार पर इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो भारत में सड़क सुरक्षा प्रबंधन (Road Safety Management) का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।
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NHAI और जियो की यह साझेदारी 'डिजिटल इंडिया' का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां तकनीक का इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए किया जा रहा है। हाईवे पर होने वाली मौतों के आंकड़ों को देखते हुए, मोबाइल पर मिलने वाला एक छोटा सा अलर्ट भी किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकता है।
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NHAI ने रिलायंस जियो के साथ मिलकर हाईवे पर मोबाइल-आधारित सेफ्टी अलर्ट सिस्टम शुरू करने का समझौता किया है। इसके तहत जियो यूजर्स को कोहरे, एक्सीडेंट जोन और डायवर्जन की जानकारी कॉल या मैसेज के जरिए मिलेगी। यह सिस्टम जियो के नेटवर्क पर काम करेगा और इसे 'राजमार्गयात्रा' ऐप से भी जोड़ा जाएगा।
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