टाटा समूह के फैशन ब्रांड के फैसले पर ग्राहकों की नाराजगी, UPI, डेबिट कार्ड या नकद भुगतान करने पर बच सकता है अतिरिक्त चार्ज

नई दिल्ली। टाटा समूह के फैशन रिटेल ब्रांड Westside के स्टोर पर अब क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने पर ग्राहकों को ₹49 अतिरिक्त सुविधा शुल्क देना पड़ रहा है। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, यह नियम 8 अक्टूबर 2026 से लागू है और स्टोर में क्रेडिट कार्ड से किए जाने वाले सभी लेनदेन पर लागू होता है। इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर ग्राहकों ने नाराजगी जताई है।

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶

इस व्यवस्था के तहत ग्राहक चाहे कम कीमत का सामान खरीदें या बड़ी खरीदारी करें, क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर प्रति लेनदेन ₹49 का अतिरिक्त शुल्क लगेगा। यह खरीदारी की कुल कीमत के हिसाब से तय प्रतिशत वाला शुल्क नहीं, बल्कि एक निश्चित राशि है। इसलिए छोटी खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर इसका अनुपातिक असर ज्यादा हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

UPI और डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर विकल्प

Westside के स्टोर पर खरीदारी करने वाले ग्राहक भुगतान का तरीका चुनते समय इस अतिरिक्त शुल्क को ध्यान में रख सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, UPI, डेबिट कार्ड या नकद भुगतान करने पर यह ₹49 का क्रेडिट कार्ड सुविधा शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि, भुगतान करने से पहले स्टोर पर लागू शर्तों की पुष्टि करना उचित रहेगा।

सोशल मीडिया पर कई ग्राहकों ने सवाल उठाया है कि जब ग्राहक सामान की पूरी कीमत चुका रहा है, तो क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने के लिए अलग से शुल्क क्यों देना चाहिए। कुछ लोगों ने इस फैसले को अनुचित बताया, जबकि अन्य ने कहा कि ग्राहक भुगतान का तरीका बदलकर अतिरिक्त खर्च से बच सकते हैं।

RBI के नियम क्या कहते हैं?

इस मामले में डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के नियमों के बीच अंतर समझना जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट किया है कि उसने क्रेडिट कार्ड लेनदेन पर व्यापारियों की ओर से लगाए जाने वाले शुल्क के संबंध में कोई विशेष निर्देश जारी नहीं किया है। वहीं, डेबिट कार्ड लेनदेन में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का बोझ ग्राहकों पर डालने पर रोक से जुड़े अलग निर्देश हैं।

MDR वह शुल्क है, जो कार्ड से भुगतान स्वीकार करने के लिए व्यापारी को बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता को देना पड़ सकता है। कुछ व्यापारी क्रेडिट कार्ड भुगतान की लागत को ग्राहक से वसूलने की कोशिश करते हैं। लेकिन RBI की ओर से क्रेडिट कार्ड शुल्क पर स्पष्ट व्यापक रोक नहीं होने का अर्थ यह नहीं है कि हर तरह का अतिरिक्त शुल्क अपने आप वैध हो जाता है।

शुल्क किस नाम से लिया जा रहा है, ग्राहक को इसकी जानकारी कब दी गई, और व्यापारी के बैंक या कार्ड नेटवर्क के साथ हुए समझौते में क्या शर्तें हैं—इन बातों से भी स्थिति प्रभावित हो सकती है। यदि ग्राहक को भुगतान के समय अचानक शुल्क बताया जाता है या कीमत को लेकर भ्रामक जानकारी दी जाती है, तो वह इसकी शिकायत कर सकता है।

ग्राहकों की नाराजगी क्यों?

Westside के इस फैसले पर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्राहकों की मुख्य आपत्ति यह है कि क्रेडिट कार्ड से भुगतान की सुविधा देने के बाद उसके इस्तेमाल पर अलग शुल्क लेना खरीदारी की लागत बढ़ाता है। खासकर कम कीमत के उत्पाद खरीदने वाले ग्राहकों को ₹49 अतिरिक्त देना भारी लग सकता है।

उदाहरण के तौर पर, यदि कोई ग्राहक ₹500 का सामान खरीदता है और उस पर ₹49 का अतिरिक्त शुल्क लगता है, तो यह सामान की कीमत का लगभग 9.8 प्रतिशत अतिरिक्त खर्च होगा। वहीं, ₹5,000 की खरीदारी पर यही शुल्क कुल कीमत का लगभग 0.98 प्रतिशत होगा। यानी शुल्क की राशि समान रहने के बावजूद छोटी खरीदारी पर इसका अनुपातिक असर अधिक होगा।

फिलहाल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर यह शुल्क लागू होने की जानकारी दी गई है। ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि बिल बनवाने से पहले भुगतान के तरीके और उससे जुड़ी अतिरिक्त लागत की जानकारी ले लें।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें