उत्तर प्रदेश के मौसम ने अचानक एक बार फिर करवट ले ली है। यूपी में बेमौसम बारिश का दौर लगातार जारी है, जिसने आम जनजीवन से लेकर किसानों की रातों की नींद तक उड़ा दी है। शुक्रवार देर रात प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। सुल्तानपुर, रायबरेली और अमेठी जैसे जिलों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि भी हुई है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए प्रदेश के 39 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।READ ALSO:-बिजनौर में खौफ: बाइक पर बैठे युवक पर दबंग का लोहे की रॉड से 'तालिबानी' हमला, खौफनाक सीसीटीवी वीडियो वायरल
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प्रयागराज और वाराणसी में भी झमाझम बारिश ने मौसम में अचानक ठंडक ला दी है। वहीं, प्रतापगढ़ में आंधी के साथ बरसात ने काफी तबाही मचाई है। सदर कोतवाली इलाके में अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के किनारे लगा एक विशाल यूनीपोल (विज्ञापन बोर्ड) तेज हवाओं का दबाव नहीं झेल पाया और उखड़कर एक खड़ी कार पर जा गिरा। गनीमत यह रही कि उस समय कार के अंदर कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। इस हादसे में कार का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
\r\n\r\nपश्चिमी विक्षोभ है यूपी में बेमौसम बारिश का मुख्य कारण
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मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन के पीछे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का सीधा असर है। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल सिंह ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान की तरफ से आ रही ठंडी हवाओं के कारण उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में भारी बदलाव आया है। इसी कारण यह नया बारिश का दौर शुरू हुआ है।
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पिछले 24 घंटों की बात करें तो लखनऊ, कानपुर, सीतापुर समेत प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई है। दुखद खबर हरदोई से है, जहां खेत में काम कर रहे एक किसान की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। इस बीच, प्रदेश में तापमान का भी अजीब खेल चल रहा है। एक तरफ जहां बारिश हो रही है, वहीं बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.8°C दर्ज किया गया। इसके विपरीत, मुजफ्फरनगर में सबसे कम 15.8°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।
\r\n\r\nलखनऊ एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग
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खराब मौसम का असर सिर्फ सड़क परिवहन या खेती पर ही नहीं, बल्कि हवाई यात्राओं पर भी साफ तौर पर देखा जा रहा है। शुक्रवार देर रात बेंगलुरु से कोलकाता जा रही एअर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) की एक कमर्शियल फ्लाइट की लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
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जानकारी के मुताबिक, कोलकाता में अचानक मौसम बेहद खराब हो गया था और वहां विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो गई थी। विजिबिलिटी मानकों से नीचे चले जाने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने विमान को कोलकाता में उतरने की अनुमति नहीं दी। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पायलट ने विमान को लखनऊ की तरफ डायवर्ट कर दिया और सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
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अगले 4 दिनों का मौसम पूर्वानुमान: रहें सावधान
\r\n\r\nमौसम विभाग ने 29 मार्च को एक और नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी है। इसके प्रभाव से पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और अधिकतम तापमान में 3°C तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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- \r\n 29 मार्च: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है।\r\n \r\n
- \r\n 30 मार्च: पूरे उत्तर प्रदेश में बादलों की आवाजाही रहेगी। गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ विशेष क्षेत्रों में भारी बारिश और आंधी की भी आशंका जताई गई है।\r\n \r\n
- \r\n 31 मार्च: पश्चिमी यूपी में छिटपुट बौछारें पड़ेंगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा रह सकती है।\r\n \r\n
- \r\n 1 अप्रैल: अप्रैल की शुरुआत भी खराब मौसम के साथ होगी। पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और आंधी चलने की प्रबल संभावना है। कुछ इलाकों में फिर से ओले गिर सकते हैं।\r\n \r\n
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महानगरों का हाल: गाजियाबाद, प्रयागराज और वाराणसी
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- \r\n गाजियाबाद: शनिवार सुबह से ही गाजियाबाद और एनसीआर (NCR) के इलाकों में हल्की धूप खिली हुई है, लेकिन आसमान में बादलों का डेरा है। दिन में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। सुबह का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक जा सकता है।\r\n \r\n
- \r\n प्रयागराज: संगम नगरी में देर रात हुई बारिश के बाद सुबह तेज धूप निकल आई। हवा शांत होने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। यहां का अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।\r\n \r\n
- \r\n वाराणसी: काशी में आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं। शुक्रवार को दिन में तेज धूप के बाद रात में अचानक तेज हवाएं चलीं और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई। रात करीब 10:45 बजे दोबारा हुई भारी बारिश के कारण शहर के मौसम में नमी बढ़ गई है।\r\n \r\n
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कृषि पर मंडराता संकट: फसलों को भारी नुकसान
\r\n\r\nइस बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि का सबसे बड़ा खामियाजा प्रदेश के अन्नदाताओं को भुगतना पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तेज हवा और बारिश का सीधा असर रबी, जायद और बागवानी फसलों पर पड़ेगा।
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वर्तमान में खेतों में खड़ी अरहर, सरसों, चना, मटर, मूंग और मूंगफली की फसलों में फलियां बन रही हैं और दाने भर रहे हैं। तेज आंधी चलने से ये फलियां फट सकती हैं और दाने जमीन पर झड़ सकते हैं। इसके अलावा, गेहूं की फसल पकने की कगार पर है; तेज हवा और बारिश से गेहूं की बालियां टूटकर गिर सकती हैं, जिससे पैदावार में भारी गिरावट का खतरा है। सब्जियों की खेती करने वाले किसान भी परेशान हैं, क्योंकि भिंडी, टमाटर, लौकी, खीरा, तरबूज, खरबूजा, बैंगन और मिर्च के फूल और छोटे फल आंधी के कारण गिर सकते हैं।
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किसानों को कृषि विभाग द्वारा सख्त सलाह दी गई है कि जो भी फसल पक कर तैयार हो चुकी है, उसकी तुरंत कटाई कर लें और उसे किसी सुरक्षित व सूखे स्थान पर भंडारित करें। खेतों में पानी का जमाव न होने दें और जल निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि जड़ों को सड़ने से बचाया जा सके।
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सरकार की राहत: फसल नुकसान पर मिलेगा बीमा क्लेम
\r\n\r\nकिसानों के इस भारी नुकसान को देखते हुए सरकार ने भी राहत के उपाय स्पष्ट किए हैं। पिछले दिनों हुई बारिश, ओलावृष्टि और आगामी मौसम अलर्ट के बीच जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत मुआवजे की मांग कर सकते हैं।
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सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि कटाई के 14 दिनों के भीतर खेत में रखी फसल प्राकृतिक आपदा (जैसे बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि) के कारण खराब होती है, तो किसान बीमा क्लेम करने के हकदार हैं। इसके लिए जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का सघन सर्वे करेगा और अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगा। इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार और बीमा कंपनियां किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान करेंगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे नुकसान के 72 घंटों के भीतर कृषि विभाग या टोल-फ्री नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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लगातार बदलते मौसम के मिजाज ने पूरे प्रदेश की रफ्तार धीमी कर दी है। यूपी में बेमौसम बारिश ने एक तरफ जहां बढ़ती गर्मी से थोड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आम जनता को भी खराब मौसम में बेवजह बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। 39 जिलों में जारी अलर्ट के मद्देनजर अगले कुछ दिन प्रदेशवासियों के लिए बेहद सतर्कता बरतने वाले होंगे।
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Summary: उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में अचानक बदलाव आया है। सुल्तानपुर, रायबरेली और अमेठी में ओलावृष्टि के साथ प्रदेश के 39 जिलों में अगले 4 दिनों तक बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। खराब मौसम के कारण एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। आंधी और बारिश से गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान की आशंका है, जिसके लिए सरकार ने किसानों को फसल बीमा योजना के तहत 14 दिन के भीतर क्लेम करने की सुविधा और दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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