उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) स्थित एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक महिला की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। Meerut Hospital Delivery Death की इस घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में भारी लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ भी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुलानी पड़ी।

ऑपरेशन से डिलीवरी, स्वस्थ बच्ची को दिया जन्म जानकारी के अनुसार, मुंडाली थाना क्षेत्र के मुरलीपुर निवासी बृजनंदन किशोर गांव में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उनकी पत्नी राधा (लखवाया गांव निवासी) गर्भवती थीं। परिजनों के मुताबिक, 12 अक्टूबर की सुबह करीब 10:30 बजे राधा को गढ़ रोड स्थित अजंता मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल (Ajanta Hospital Meerut) में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन (C-Section) की सलाह दी। परिवार की सहमति के बाद ऑपरेशन किया गया, जिसमें राधा ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

नस कटने का आरोप और 11 यूनिट ब्लड की व्यवस्था पति बृजनंदन द्वारा दी गई पुलिस शिकायत के मुताबिक, 13 अक्टूबर की सुबह 10 बजे अस्पताल स्टाफ ने अचानक खून और प्लाज्मा की व्यवस्था करने को कहा। परिजनों का सीधा आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की कोई नस कट गई, जिससे लगातार खून बहता रहा। राधा की जान बचाने के लिए परिवार ने 11 यूनिट ब्लड और प्लाज्मा की व्यवस्था की, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। परिजनों का दावा है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें मरीज की वास्तविक स्थिति की स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

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सीपीआर देते मिला स्टाफ, मौत के बाद फूटा गुस्सा शिकायत के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब दो बजे जब परिजन राधा को देखने पहुंचे, तो अस्पताल का स्टाफ उसे आईसीयू में सीपीआर (CPR) दे रहा था। इसके कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने राधा को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी।

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तीन थानों की फोर्स तैनात, डॉक्टरों पर केस हंगामे की सूचना मिलते ही मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालात बिगड़ते देख नौचंदी और लिसाड़ी गेट थानों की फोर्स को भी बुला लिया गया। पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस के ठोस आश्वासन पर परिजन शांत हुए। पति बृजनंदन ने डॉ. गुरुचरण, डॉ. हिमांशु और अस्पताल के अन्य स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी है।

सीओ सिविल लाइन का आधिकारिक बयान सीओ सिविल लाइन दीक्षा भोरिया ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अजंता हॉस्पिटल में महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए विरोध जताया था। परिवार ने पुलिस को तहरीर दे दी है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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