उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में दो अलग-अलग जघन्य हत्याकांडों में अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाया है। प्रेम-प्रसंग के चलते अपने ही पतियों को मौत के घाट उतारने वाली दो महिलाओं और उनके प्रेमियों को कोर्ट ने हत्या का दोषी करार दिया है। Meerut Crime News से जुड़ी यह दोनों घटनाएं अपने खौफनाक तरीकों— 'नीले ड्रम' और 'सर्पदंश' की साजिश— के कारण देशभर में सुर्खियों में रही थीं। अब अदालत क्रमशः 14 और 16 अक्टूबर को इन दोनों मामलों में सजा का एलान करेगी।

सौरभ हत्याकांड: नीले ड्रम में मिले थे टुकड़े ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र का सौरभ राजपूत हत्याकांड अपने खौफनाक तरीके के लिए जाना जाता है। इस मामले में मृतक की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने साजिश रचकर सौरभ की हत्या की थी और शव के टुकड़े कर उसे एक नीले ड्रम में छिपा दिया था। कोर्ट ने इस हत्याकांड को पूर्व नियोजित और जघन्य अपराध माना है। इस मामले में दोनों दोषियों (मुस्कान और साहिल) को 14 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी।

अमित हत्याकांड: सर्पदंश की रची गई थी झूठी कहानी दूसरा मामला बहसुमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां अमित नाम के युवक की हत्या को प्राकृतिक मौत साबित करने के लिए सांप के काटने (सर्पदंश) की झूठी कहानी रची गई थी। लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि अमित की पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर यह गहरी साजिश रची थी। अदालत ने रविता और अमरदीप को भी हत्या का दोषी मान लिया है। इन दोनों अपराधियों को कोर्ट द्वारा 16 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

लखनऊ और आगरा सेंट्रल जेल किए जाएंगे शिफ्ट सजा का एलान होने के बाद चारों दोषियों को मेरठ जेल से शिफ्ट करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि दोनों महिला दोषियों (मुस्कान और रविता) को लखनऊ सेंट्रल जेल भेजा जाएगा। वहीं, दोनों पुरुष दोषियों (साहिल और अमरदीप) को आगरा सेंट्रल जेल में रखा जाएगा। जेल अधीक्षक के मुताबिक, दोषी सिद्ध होने के बाद से चारों अपराधी जेल में काफी शांत और गुमसुम रहने लगे हैं।

खबरों के लिए ज्वाइन करें हमारा Whatsapp Channel

पीड़ित परिवारों ने की फांसी की मांग दोनों मृतकों के परिवारों ने दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है। मृतक सौरभ की मां रेणु का कहना है कि उनकी बहू ने रिश्तों को तार-तार करते हुए उनके बेटे के टुकड़े कर दिए, इसलिए उसे फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए। वहीं, अमित के परिवार ने भी अदालत से सख्त इंसाफ की गुहार लगाई है। मामले की शासकीय अधिवक्ता फरजाना मेकसूद ने भी स्पष्ट किया है कि यह अपराध किसी भी कीमत पर माफी के लायक नहीं है, हालांकि सजा (उम्रकैद या फांसी) का अंतिम फैसला अदालत 16 अक्टूबर को ही करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें