उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR - Special Intensive Revision) अभियान के बाद एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। इस अभियान के समापन के बाद जिले की सात विधानसभा सीटों की सूची से लगभग छह लाख मतदाताओं के नाम कम हो गए हैं (Meerut Voter List Update)। इतनी बड़ी संख्या में वोटर्स की कमी सामने आने के बाद चुनाव आयोग हरकत में आ गया है और प्रशासन को छूटे हुए सभी पात्र नागरिकों का नाम तुरंत मतदाता सूची में शामिल करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
6 लाख नाम हटने पर विपक्ष का भारी हंगामा मतदाता सूची से छह लाख नाम अचानक कम हो जाने को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि जानबूझकर बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम काटे गए हैं। इस मुद्दे पर हंगामा इतना बढ़ गया है कि विपक्षी नेता लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच आयोग ने जिला प्रशासन को पूरी पारदर्शिता के साथ नए सिरे से मतदाताओं की तलाश करने को कहा है।
ईपी और जेंडर रेश्यो में आई भारी गिरावट प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद मेरठ जनपद में मतदाता सूची के दो सबसे अहम मानक पूरी तरह से गड़बड़ा गए हैं। जिले में ईपी रेश्यो (जनसंख्या और मतदाता का अनुपात) तथा जेंडर रेश्यो (महिला और पुरुष मतदाता का अनुपात) तय मानकों से काफी नीचे आ गया है। इस भारी गिरावट पर खुद चुनाव आयोग ने गहरी चिंता व्यक्त की है और जिला निर्वाचन कार्यालय को जल्द से जल्द इसमें सुधार करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आदेश दिया है।
सरकारी विभागों की टीम करेगी घर-घर जाकर सत्यापन चुनाव आयोग के सख्त निर्देशों के बाद मेरठ जिला प्रशासन ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी और एडीएम (प्रशासन) विजय वर्धन तोमर के अनुसार, जिले में घर-घर जाकर छूटे हुए और नए मतदाताओं की पहचान की जाएगी। इस वृहद कार्य को पूरा करने के लिए कई अलग-अलग सरकारी विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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ग्राम्य विकास और युवा कल्याण विभाग
इन सभी विभागों की टीमें आपसी समन्वय के साथ डोर-टू-डोर कैंपेन चलाकर यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
ऑनलाइन भी कर सकते हैं मतदाता सूची के लिए आवेदन प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए नागरिकों से खुद भी आगे आकर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। एडीएम प्रशासन विजय वर्धन तोमर ने जानकारी दी है कि जो भी युवा 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं या जिनका नाम किसी कारणवश सूची से कट गया है, वे घर बैठे अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
इसके लिए चुनाव आयोग ने कई डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराए हैं। नागरिक आयोग के आधिकारिक ऐप 'ECINET mobile app', 'Voter Helpline app' या सीधे चुनाव आयोग की वेबसाइट
Sabse pehle comment karne wale banein.