प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का भी फैसला किया है। मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा कि वह तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं।

मोदी को पत्र लिखकर बताई इस्तीफे की वजह

मंत्री पद मुक्त करने का अनुरोध

एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री मोदी से उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध किया। उन्होंने पत्र में तमिलनाडु में भाजपा के संगठन को मजबूत करने और पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताई।

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मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब तमिलनाडु में भाजपा अपने संगठन और राजनीतिक आधार को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

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राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ी

राज्यसभा छोड़ने के बाद संगठन फोकस

मुरुगन ने मंत्री पद के साथ राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देने की जानकारी दी है। उनके अगले राजनीतिक कदम का मुख्य फोकस तमिलनाडु में पार्टी के संगठनात्मक काम पर रहने की बात सामने आई है।

मुरुगन तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मार्च 2020 में उन्हें राज्य इकाई की कमान सौंपी गई थी। बाद में जुलाई 2021 में उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया।

भाजपा में संगठनात्मक भूमिका पर रहेगा ध्यान

तमिलनाडु में संगठन पर अधिक ध्यान

एल. मुरुगन लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं। तमिलनाडु में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए उन्होंने पहले भी काम किया है। अब मंत्री पद छोड़ने के बाद वह राज्य में पार्टी की गतिविधियों के लिए अधिक समय दे सकेंगे।

जिम्मेदारियों के नए बंटवारे पर नजर

उनके इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संबंधित जिम्मेदारियों के नए बंटवारे को लेकर आगे की आधिकारिक घोषणा पर नजर रहेगी। फिलहाल इस्तीफे के पीछे मुरुगन ने तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने की इच्छा को वजह बताया है।

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