मेरठ। उत्तराखंड में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई कहासुनी के विरोध में मेरठ के कलाकारों ने प्रदर्शन किया। शनिवार को कला शक्ति महासंघ के सदस्यों और स्थानीय कलाकारों ने कमिश्नरी चौराहे पर एकत्र होकर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के खिलाफ विरोध जताया। कलाकारों ने मंत्री से दलेर मेहंदी के प्रति की गई टिप्पणियों को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया।
कला शक्ति महासंघ के सदस्यों ने मांग पूरी करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। कलाकारों का कहना है कि यदि तय समय में सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई तो मेरठ में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। महासंघ ने मांग की है कि माफी केवल गायक तक सीमित न रहे, बल्कि कलाकार समुदाय और उनके प्रशंसकों की भावनाओं को भी ध्यान में रखा जाए।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶18 अक्टूबर को उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में हुआ था विवाद
यह विवाद 18 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुआ था। दलेर मेहंदी मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे, तभी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर सवाल उठाए।
मंच पर मंत्री ने दलेर मेहंदी के ठीक से नहीं बोल पाने और गायन को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने गायक पर नशे में होने का आरोप भी लगाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद विवाद बढ़ गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तुति लाइव गायन के बजाय पहले से रिकॉर्ड किए गए ट्रैक पर आधारित होने को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि, गायक के नशे में होने के आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›‘कलाकार कोई खरीदा हुआ प्रोडक्ट नहीं’
कला शक्ति महासंघ के सदस्य और मेरठ के कलाकार मोहित ने कहा कि दलेर मेहंदी को उनके प्रशंसक प्यार से ‘दलेर पाजी’ कहते हैं। उनके मुताबिक, दलेर मेहंदी देश के प्रसिद्ध और वरिष्ठ गायकों में शामिल हैं और उनके साथ सार्वजनिक मंच पर सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
मोहित ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने जिस तरीके से गायक को टोका और उनसे बातचीत की, वह उचित नहीं था। उन्होंने गायक पर शराब पीने के आरोप को भी गलत बताया। मोहित के अनुसार, यदि किसी कलाकार की प्रस्तुति को लेकर आयोजकों को शिकायत थी तो वे मंच के पीछे या आयोजन से जुड़े जिम्मेदार लोगों के माध्यम से अपनी बात रख सकते थे।
उन्होंने कहा कि कलाकार कोई खरीदा हुआ प्रोडक्ट नहीं है, जिसके साथ कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से व्यवहार करे। कलाकार अपनी कला को निखारने के लिए वर्षों मेहनत करते हैं। किसी कार्यक्रम में बुलाए जाने या भुगतान किए जाने का मतलब यह नहीं कि कलाकार के सम्मान की अनदेखी की जाए।
मोहित ने यह भी कहा कि उनके अनुसार दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, फिर भी वह कार्यक्रम में पहुंचे और प्रस्तुति देने की कोशिश की। ऐसे में उनकी स्थिति को समझते हुए बात रखी जानी चाहिए थी। ये बातें प्रदर्शन में शामिल कलाकार की ओर से कही गईं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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35 लाख रुपये में कार्यक्रम की चर्चा पर भी जताई आपत्ति
मोहित ने कार्यक्रम के भुगतान को लेकर हुई चर्चा पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि किसी कलाकार को कार्यक्रम के लिए भुगतान करना उसके सम्मान को नजरअंदाज करने का आधार नहीं बन सकता। यदि प्रस्तुति को लेकर कोई समस्या थी तो आयोजक या जिम्मेदार व्यक्ति उचित और सम्मानजनक तरीके से अपनी बात रख सकते थे।
मंत्री की ओर से भी प्रस्तुति को लेकर सवाल उठाए गए थे। मीडिया रिपोर्टों में उनके हवाले से भुगतान और कार्यक्रम की अपेक्षाओं का जिक्र किया गया है। मेरठ के कलाकारों का कहना है कि इस विवाद में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा कलाकार के साथ सार्वजनिक मंच पर किए गए व्यवहार का है।
एक सप्ताह में माफी नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
कला शक्ति महासंघ ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में मामले पर संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई की मांग की है। महासंघ चाहता है कि मंत्री दलेर मेहंदी के साथ-साथ देश-विदेश में रहने वाले उनके प्रशंसकों और कलाकारों से भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। इसके साथ लिखित माफीनामा देने की मांग भी रखी गई है।
मोहित के मुताबिक, महासंघ ने मांग पूरी करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। यदि अगले शनिवार तक माफी नहीं मांगी जाती है तो मेरठ के कलाकार दोबारा एकत्र होकर बड़े स्तर पर आंदोलन करने पर विचार करेंगे।
ज्ञापन में निष्पक्ष जांच और कलाकारों के सम्मान की मांग
महासंघ की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों में उत्तराखंड में हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच, अनुचित व्यवहार की पुष्टि होने पर संबंधित मंत्री की सार्वजनिक माफी और कलाकारों के सम्मान व सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है। साथ ही, भविष्य में सार्वजनिक मंचों पर कलाकारों के साथ ऐसी घटनाएं रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की गई है।
इस विवाद पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी 23 अक्टूबर को दलेर मेहंदी से फोन पर बात की थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बातचीत और सकारात्मक माहौल के साथ आगे बढ़ने की बात कही थी।
फिलहाल मेरठ में कला शक्ति महासंघ ने सार्वजनिक माफी की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है और एक सप्ताह में मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अब इस मांग पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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