हरियाणा की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर पात्रता पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति ने 4 अगस्त 2026 को खेल विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर मामला हरियाणा सरकार के संज्ञान में लाया है। पत्र के साथ रजिस्ट्रार जसविंदर सिंह का सेवा रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज भी भेजे गए हैं।
कुलपति की ओर से भेजे गए पत्र में रजिस्ट्रार पद के लिए तय प्रशासनिक अनुभव का हवाला दिया गया है। उल्लिखित प्रावधान के अनुसार इस पद पर नियुक्ति के लिए 15 वर्ष का प्रशासनिक अनुभव जरूरी है। इसमें कम से कम आठ वर्ष डिप्टी रजिस्ट्रार या समकक्ष पद पर कार्य करने का अनुभव शामिल होना चाहिए।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶सेवा रिकॉर्ड के मुताबिक जसविंदर सिंह ने 13 मई 2021 को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में डिप्टी रजिस्ट्रार का कार्यभार संभाला था। इसके बाद 31 मई 2024 को वे प्रतिनियुक्ति पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा में डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर पहुंचे। 21 जनवरी 2025 को उन्हें विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया।
इन तारीखों के आधार पर रजिस्ट्रार बनने से पहले उनके पास डिप्टी रजिस्ट्रार पद का करीब तीन वर्ष आठ महीने का अनुभव है। यह अवधि पत्र में उल्लिखित आठ वर्ष के मानक से कम है। कुलपति ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर यही मुद्दा सरकार के सामने रखा है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›UGC नियमों और भर्ती प्रावधानों की भूमिका
कुलपति के पत्र में UGC के नियमों और रजिस्ट्रार पद के अनुभव संबंधी मानकों का हवाला दिया गया है। मामले की समीक्षा में केवल सेवा अवधि ही नहीं, बल्कि नियुक्ति के समय लागू भर्ती नियम भी देखने होंगे। इसमें सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत प्रावधान, प्रशासनिक अनुभव की गणना का तरीका और समकक्ष पदों या वैकल्पिक पात्रता से जुड़े नियम शामिल हैं।
🏪 आपके शहर के ऑफर
साथ ही संबंधित नियुक्ति आदेश की भी जांच जरूरी मानी जा रही है। इन दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकेगा कि निर्धारित पात्रता मानक किस आधार पर लागू किए गए।
पहले कुलपति की पात्रता पर भी उठे थे सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में उच्च पदों पर नियुक्ति की पात्रता चर्चा में आई हो। इससे पहले कुलपति की पात्रता को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं। अब रजिस्ट्रार की नियुक्ति पर कुलपति के ही पत्र से मामला फिर चर्चा में आ गया है।
खबरीलाल न्यूज़ का Telegram चैनल जॉइन करें Join ›सरकार का रुख और रजिस्ट्रार का पक्ष अहम
उपलब्ध दस्तावेजों में इस मामले पर सरकार के किसी अंतिम निर्णय या जांच निष्कर्ष का जिक्र नहीं है। रजिस्ट्रार जसविंदर सिंह का आधिकारिक पक्ष भी सामने नहीं आया है।
अब यह देखना होगा कि खेल विभाग इस पत्र पर क्या रुख अपनाता है। विभाग रिकॉर्ड की जांच करेगा, विश्वविद्यालय से स्पष्टीकरण मांगेगा या नियुक्ति के समय लागू पात्रता मानकों की समीक्षा करेगा, यह आगे की कार्रवाई से तय होगा। खेल विभाग की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्रोत: ETV Bharat
Sabse pehle comment karne wale banein.