पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान साहिबजादा फरहान ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा विश्व रिकॉर्ड बनाया है, जो इससे पहले किसी ने नहीं किया। श्रीलंका के खिलाफ हाल में खेली गई तीन मैचों की द्विपक्षीय सीरीज की तीनों पारियों में उन्होंने अर्धशतक लगाया। इसके साथ ही वे किसी तीन मैचों की टी20 सीरीज के सभी मुकाबलों में फिफ्टी जड़ने वाले दुनिया के पहले कप्तान बन गए।

आईसीसी की वेबसाइट के अनुसार, फरहान ने पूरी सीरीज में 238 रन बनाए। यह फुल मेंबर देशों के बीच तीन मैचों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड है। उनकी इस बल्लेबाजी के बावजूद पाकिस्तान को आखिरी मुकाबले में हार मिली।

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶

तीनों मैचों में दिखा बल्ले का दम

रावलपिंडी में हुए सीरीज के तीसरे और अंतिम मैच में फरहान ने 76 रन की पारी खेली। पहले टी20 में उन्होंने 89 रन बनाए थे, जबकि दूसरे मैच में 73 रन आए। इस तरह तीनों पारियों में उनका स्कोर अर्धशतक से आगे रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

आखिरी मुकाबले में पाकिस्तान को श्रीलंका के हाथों आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा। टीम की इस हार के बीच भी फरहान की बल्लेबाजी सीरीज का बड़ा आकर्षण रही। कप्तान के तौर पर उन्होंने तीनों मैचों में टीम के लिए रन बनाए।

अभिषेक शर्मा का रिकॉर्ड टूटा

फरहान ने इस सीरीज में 238 रन बनाकर भारत के अभिषेक शर्मा को पीछे छोड़ दिया। अभिषेक ने इस साल की शुरुआत में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 229 रन बनाए थे। तब उनके नाम तीन मैचों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड था।

आईसीसी वेबसाइट के मुताबिक, फरहान का यह प्रदर्शन टी20 क्रिकेट के इतिहास में दुर्लभ है। कप्तान के रूप में तीन मैचों की सीरीज की हर पारी में अर्धशतक लगाने का यह रिकॉर्ड अब तक किसी अन्य कप्तान के नाम दर्ज नहीं है।

फरहान ने पहले मैच में 89, दूसरे में 73 और तीसरे में 76 रन बनाए। इन तीनों पारियों ने उन्हें सीरीज में 238 रन तक पहुंचाया। यह आंकड़ा ही उनके दोहरे रिकॉर्ड की सबसे बड़ी वजह बना—एक तरफ हर मैच में अर्धशतक, दूसरी तरफ सीरीज में सर्वाधिक रन।

तीन मैचों की द्विपक्षीय सीरीज में लगातार तीन अर्धशतक लगाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। फरहान ने यह काम कप्तान की जिम्मेदारी संभालते हुए किया। सीरीज का नतीजा पाकिस्तान के पक्ष में नहीं रहा, लेकिन फरहान का व्यक्तिगत प्रदर्शन रिकॉर्ड के लिहाज से अहम रहा।

स्रोत: Kannada Prabha Online

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें