नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के बीच सक्रिय चक्रवाती गतिविधियों ने देश के मौसम का मिजाज बदल दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के दौरान देश के 14 राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड से लेकर बिहार और झारखंड तक मध्यम से भारी बारिश के आसार बन रहे हैं, वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में भी बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के बीच हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

​दिल्ली-एनसीआर और यूपी में मौसम का हाल

​मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 9 से 14 अक्टूबर के दौरान आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है।

  • ​दिल्ली-एनसीआर: 10 और 11 अक्टूबर को 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और छिटपुट बारिश होने का अनुमान है।
  • ​उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में 9 से 11 अक्टूबर के बीच बारिश का असर देखने को मिलेगा।
  • ​राजस्थान, पंजाब और हरियाणा: पंजाब व हरियाणा में 9 से 14 अक्टूबर तक हल्की बारिश के आसार हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 11 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 12 अक्टूबर को मौसम करवट ले सकता है।

​उत्तराखंड और पर्वतीय राज्यों में अलर्ट, चारधाम यात्रा पर सतर्कता

​पहाड़ी राज्यों में मौसम का असर अधिक तीव्र रहने की आशंका है। उत्तराखंड में 9 से 14 अक्टूबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। पिथौरागढ़, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे संवेदनशील जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने केदारनाथ और बद्रीनाथ जाने वाले चारधाम यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

​वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9-10 तथा 13-14 अक्टूबर को तेज गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। डोडा, पुलवामा, अनंतनाग, पुंछ और श्रीनगर में तेज हवाओं का असर दिखेगा। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मनाली और चंबा में 13 और 14 अक्टूबर को बारिश की संभावना जताई गई है।

​बिहार, झारखंड और मध्य भारत में वज्रपात की चेतावनी

​गंगा के मैदानी इलाकों में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। बिहार और झारखंड में 9 से 11 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हो सकती है। पटना, रांची और धनबाद समेत कई जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली गिरने (Lightning) का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

​मध्य भारत की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना और शहडोल जिलों में 9 से 11 अक्टूबर के बीच 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में 14 अक्टूबर को वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है। पूर्वोत्तर राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 अक्टूबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान है।

​बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव, पूर्वोत्तर मॉनसून की तैयारी

​आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों से विदा ले चुका है। देश में अक्टूबर के पहले हफ्ते में सामान्य से लगभग 72% कम बारिश दर्ज हुई है, जहां मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में यह कमी 97% तक रही।

​हालांकि, 13 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है। यह वेदर सिस्टम अगले 4 दिनों में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिससे प्रायद्वीपीय भारत में 'पूर्वोत्तर मॉनसून' (Northeast Monsoon) की औपचारिक शुरुआत होगी। इसके प्रभाव से कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है।

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