नई दिल्ली/भोपाल। देश में एक बार फिर से महंगाई का बम फूट गया है। आम आदमी जो पहले से ही रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से परेशान था, उसे अब ईंधन के मोर्चे पर लगातार बड़े झटके लग रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगी आग के बीच अब सीएनजी (CNG) भी आम आदमी के बजट से बाहर होती जा रही है। रविवार, 17 मई से दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) सहित देश के कई हिस्सों में सीएनजी के दामों में एक बार फिर से बढ़ोतरी कर दी गई है। पिछले कुछ ही दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह लगातार वृद्धि न केवल आपके वाहन चलाने का खर्च बढ़ाएगी, बल्कि इसका सीधा और घातक असर आपकी रसोई और दैनिक जीवन के बजट पर भी पड़ने वाला है।READ ALSO:-मेरठ के सरधना में धू-धू कर जला क्रॉकरी शोरूम: गंज बाजार में मची भारी अफरातफरी, लपटें देख जान बचाकर भागे कर्मचारी
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

CNG की कीमतों में लगातार आग: 2 दिन में दूसरी बार बढ़े रेट

\r\n\r\n
दिल्ली और इसके आस-पास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सीएनजी वाहन चालकों के लिए यह हफ्ता बेहद भारी साबित हो रहा है। 17 मई (रविवार) की सुबह से दिल्ली-NCR में CNG के दाम 1 रुपए प्रति किलोग्राम और बढ़ा दिए गए हैं। इस नई बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में अब CNG 80.09 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
वहीं, एनसीआर के महत्वपूर्ण शहरों यानी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद (Noida-Ghaziabad CNG Price) में सीएनजी की कीमत अब 88.70 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। आपको बता दें कि महज 48 घंटे के भीतर यानी 2 दिनों में सीएनजी की कीमतों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे ठीक पहले 15 मई को भी तेल और गैस वितरण कंपनियों ने CNG के दाम में सीधे 2 रुपए प्रति किलो का इजाफा किया था। उस समय दिल्ली में 1 किलो सीएनजी के लिए ग्राहकों को 79.09 रुपए चुकाने पड़ रहे थे, जो अब बढ़कर 80.09 रुपए हो गए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में भी गैस की कीमतों ने उपभोक्ताओं को रुला दिया है। मध्य प्रदेश में शनिवार रात से ही सीएनजी के रेट में 3 रुपए प्रति किलोग्राम तक का भारी इजाफा कर दिया गया है। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद राजधानी भोपाल (Bhopal) में 1 किलो सीएनजी गैस का रेट अब 93.75 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे ऑटो और कैब चालकों में भारी रोष देखने को मिल रहा है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने भी तोड़े रिकॉर्ड (₹3-₹3 की वृद्धि)

\r\n\r\n
सीएनजी से पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel Price Hike) की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिला था। देश भर में पेट्रोल और डीजल दोनों की ही कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की एकमुश्त बढ़ोतरी की गई थी। इस भारी वृद्धि के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.67 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गई है। ईंधन के दामों में अचानक आई इस तेजी ने ट्रांसपोर्टरों से लेकर आम नौकरीपेशा वर्ग तक सभी की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट (प्रति लीटर)

\r\n\r\n
विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट (VAT) और स्थानीय करों के कारण देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भिन्नता होती है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के 9 प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के वर्तमान रेट इस प्रकार हैं:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
शहर का नाम (City)
\r\n
\r\n
पेट्रोल (₹ प्रति लीटर)
\r\n
\r\n
डीजल (₹ प्रति लीटर)
\r\n
\r\n
दिल्ली (Delhi)
\r\n
\r\n
97.77
\r\n
\r\n
90.67
\r\n
\r\n
मुंबई (Mumbai)
\r\n
\r\n
106.68
\r\n
\r\n
93.14
\r\n
\r\n
कोलकाता (Kolkata)
\r\n
\r\n
108.74
\r\n
\r\n
95.13
\r\n
\r\n
चेन्नई (Chennai)
\r\n
\r\n
103.67
\r\n
\r\n
95.25
\r\n
\r\n
भोपाल (Bhopal)
\r\n
\r\n
109.63
\r\n
\r\n
94.82
\r\n
\r\n
रायपुर (Raipur)
\r\n
\r\n
103.56
\r\n
\r\n
96.55
\r\n
\r\n
जयपुर (Jaipur)
\r\n
\r\n
107.75
\r\n
\r\n
93.03
\r\n
\r\n
पटना (Patna)
\r\n
\r\n
109.06
\r\n
\r\n
95.10
\r\n
\r\n
चंडीगढ़ (Chandigarh)
\r\n
\r\n
97.27
\r\n
\r\n
85.25
\r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
(नोट: ये कीमतें IOCL के नवीनतम आंकड़ों पर आधारित हैं। स्थानीय स्तर पर मामूली बदलाव संभव है।)
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस तालिका से स्पष्ट है कि भोपाल और पटना जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमतें 109 रुपये के आंकड़े को भी पार कर चुकी हैं, जबकि मुंबई और कोलकाता में भी यह 106 से 108 रुपये के बीच झूल रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

रसोई से लेकर खेती तक: कहां-कहां पड़ेगा इस महंगाई का सीधा असर?

\r\n\r\n
पेट्रोल, और विशेष रूप से डीजल के दाम बढ़ने का सीधा मतलब है देश में चौतरफा महंगाई (Inflation) का आना। डीजल की कीमतों में उछाल का असर सिर्फ वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह एक 'चेन रिएक्शन' (Chain Reaction) पैदा करता है, जिसका खामियाजा समाज के अंतिम व्यक्ति को भुगतना पड़ता है। इसे इस प्रकार समझा जा सकता है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    मालभाड़ा और ट्रांसपोर्टेशन में वृद्धि: देश में माल की ढुलाई मुख्य रूप से ट्रकों और भारी वाणिज्यिक वाहनों (Heavy Commercial Vehicles) के माध्यम से होती है, जो पूरी तरह से डीजल पर निर्भर हैं। डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा होने से ट्रांसपोर्टर मालभाड़े (Freight Charges) में सीधे तौर पर बढ़ोतरी कर देंगे। इसका नतीजा यह होगा कि दूसरे राज्यों से आने वाली ताजी सब्जियां, फल, दूध, और यहां तक कि रोजमर्रा का राशन (आटा, दाल, चावल) भी सीधे तौर पर महंगे हो जाएंगे।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    खेती की लागत में भारी इजाफा: भारतीय कृषि काफी हद तक मशीनों पर निर्भर हो चुकी है। खेतों की जुताई के लिए ट्रैक्टर, फसल काटने के लिए हार्वेस्टर और सिंचाई के लिए पंपिंग सेट (Pumping Sets) चलाने के लिए डीजल की आवश्यकता होती है। डीजल के महंगे होने से किसानों की खेती की लागत (Cost of Cultivation) में भारी इजाफा होगा। इसका अंतिम बोझ या तो किसानों पर पड़ेगा या फिर बाजार में अनाज की कीमतों में वृद्धि के रूप में उपभोक्ताओं पर आएगा।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    सार्वजनिक परिवहन और स्कूली बसें: सीएनजी और डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर बस और ऑटो के किराए पर पड़ता है। आने वाले दिनों में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) से सफर करना और भी महंगा हो जाएगा। इसके साथ ही, बच्चों की स्कूल बसों और वैन का मासिक किराया भी बढ़ने की पूरी आशंका है, जिससे माता-पिता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आखिर क्यों लग रही है ईंधन की कीमतों में आग? (मुख्य कारण)

\r\n\r\n
पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में अचानक हो रही इस बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया भारी उछाल है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
वैश्विक भू-राजनीतिक हालात इस समय बेहद तनावपूर्ण हैं। ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुए तनाव और जंग के हालात ने ग्लोबल सप्लाई चेन को बुरी तरह से बाधित कर दिया है। इस भू-राजनीतिक संकट के शुरू होने से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर थे। लेकिन युद्ध की आहट और सप्लाई लाइन प्रभावित होने के डर से कच्चे तेल की कीमतें अचानक रॉकेट की तरह ऊपर भागने लगीं और अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से भारतीय तेल विपणन कंपनियां (Oil Marketing Companies - OMCs) भारी दबाव और घाटे का सामना कर रही थीं। अपने इसी बढ़ते घाटे (Under-recoveries) की भरपाई के लिए तेल कंपनियों ने आखिरकार कीमतों का बोझ आम जनता पर डालने का यह सख्त कदम उठाया है। विशेषज्ञों की मानें तो अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक यह तेजी बनी रहती है, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में और भी इजाफा किया जा सकता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

भविष्य की चेतावनी: क्या अभी और भी बढ़ेंगे दाम?

\r\n\r\n
अर्थशास्त्रियों और ऊर्जा बाजार के जानकारों (Experts) का साफ मानना है कि उपभोक्ताओं पर जो ₹3 प्रति लीटर की यह बढ़ोतरी थोपी गई है, वह तेल कंपनियों के घाटे को पाटने के लिए नाकाफी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आंकड़ों के मुताबिक, तेल कंपनियों को अपना पिछला और मौजूदा घाटा पूरी तरह से खत्म करने और 'ब्रेक-ईवन' (Break-even) यानी 'नो प्रॉफिट-नो लॉस' की स्थिति में आने के लिए पेट्रोल और डीजल के दामों में एक बड़े सुधार की दरकार है। विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियों को अभी पेट्रोल के दाम में लगभग ₹28 प्रति लीटर और डीजल के दाम में ₹32 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी करने की जरूरत है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले भारतीय बाजार में पेट्रोल पर 29.5% और डीजल पर 36.5% की भारी कमी (Shortfall) बनी हुई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यह आंकड़े डराने वाले हैं। अगर ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में सप्लाई लाइन इसी तरह से बाधित रही और कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर के पार ही टिके रहे, तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के मोर्चे पर और भी बड़े झटके सहने के लिए तैयार रहना होगा। कुल मिलाकर, फिलहाल आम आदमी को महंगाई के इस भयानक चक्रव्यूह से कोई राहत मिलती हुई दिखाई नहीं दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें