मेरठ: नमो भारत में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यात्रा का अनुभव अब सिर्फ तेज और आधुनिक परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) किया है। इसका उद्देश्य नमो भारत स्टेशनों को कला, संस्कृति और भारतीय विरासत से जोड़ना है। इसके तहत स्टेशन परिसरों में कला प्रदर्शनियों से लेकर साहित्यिक कार्यक्रम, वर्कशॉप, व्याख्यान और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
स्टेशन बनेंगे कला और संस्कृति के नए मंच
इस साझेदारी के तहत नमो भारत स्टेशन केवल यात्रियों के आने-जाने की जगह नहीं, बल्कि सार्वजनिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के मंच के रूप में विकसित किए जाएंगे। NCRTC के अनुसार, स्टेशनों पर क्यूरेटेड कला एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनियां, विरासत से जुड़े शोकेस, साहित्यिक कार्यक्रम, कार्यशालाएं और व्याख्यान आयोजित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
इस पहल का खास फायदा छात्रों, कलाकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय समुदायों को मिल सकता है। यात्रियों को अपने रोजमर्रा के सफर के दौरान देश की अलग-अलग कला परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
IGNCA की विशेषज्ञता, NCRTC का इंफ्रास्ट्रक्चर
MOU के तहत IGNCA भारतीय कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण, प्रचार और प्रसार से जुड़ी अपनी विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा। वहीं NCRTC अपने नमो भारत स्टेशन परिसरों को सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सार्वजनिक मंच के रूप में उपलब्ध कराएगा।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›इस सहयोग के पीछे विचार यह है कि संस्कृति तक पहुंच केवल संग्रहालयों, विशेष आयोजनों या निर्धारित स्थानों तक सीमित न रहे। यात्रियों के रोजमर्रा के आवागमन के दौरान भी उन्हें भारतीय इतिहास, कला और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिले।
🏪 आपके शहर के ऑफर
मेरठ-दिल्ली कॉरिडोर के लिए खास महत्व
इस पहल का दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के संदर्भ में विशेष महत्व है। दिल्ली लंबे समय से देश के राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास का प्रमुख केंद्र रही है, जबकि मेरठ का संबंध 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से है। मेरठ और आसपास के क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संबंध महाभारतकालीन संदर्भों से भी जोड़ा जाता है। ऐसे में इस कॉरिडोर के स्टेशनों पर विरासत और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम यात्रियों के लिए स्थानीय इतिहास को समझने का एक नया माध्यम बन सकते हैं।
रोजाना करीब 1.1 लाख यात्रियों तक पहुंचेगी संस्कृति
NCRTC के मुताबिक नमो भारत कॉरिडोर पर वर्तमान में करीब 1.1 लाख यात्री प्रतिदिन सफर कर रहे हैं। कॉरिडोर अब तक 4.5 करोड़ से अधिक कम्यूटर यात्राओं का आंकड़ा पार कर चुका है। अगस्त 2026 में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने भी बताया था कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ RRTS कॉरिडोर फरवरी 2026 से पूरी तरह परिचालन में है और तब तक 3.8 करोड़ से अधिक यात्रियों ने सेवा का इस्तेमाल किया था।
यात्रियों की इतनी बड़ी संख्या के बीच स्टेशन परिसरों को सांस्कृतिक गतिविधियों का मंच बनाने से कला और विरासत को बड़े और विविध दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
आधुनिक सफर के साथ इतिहास और संस्कृति का अनुभव
NCRTC की यह पहल नमो भारत स्टेशनों को ज्यादा जीवंत सार्वजनिक स्थान बनाने की दिशा में है। वहीं IGNCA के लिए यह भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत को नए और व्यापक दर्शक वर्ग तक ले जाने का माध्यम बनेगा। आने वाले समय में इन स्टेशनों पर होने वाले कार्यक्रम यह तय करेंगे कि यात्री अपने रोजमर्रा के सफर में भारतीय संस्कृति के कितने अलग-अलग रंगों से रूबरू हो पाते हैं।
DISCLAIMER:
यह खबर NCRTC और IGNCA के बीच हुए MOU तथा उपलब्ध आधिकारिक/विश्वसनीय रिपोर्टों पर आधारित है। इसमें बताए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों को संभावित/प्रस्तावित गतिविधियों के रूप में समझा जाना चाहिए। किसी विशेष स्टेशन पर कार्यक्रम की तारीख, स्थान या आयोजन की अंतिम जानकारी संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक घोषणा के बाद ही निश्चित मानी जाएगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.