अनिल कुमार शर्मा विशेष संवाददाता बिजनौर। धामपुर, बिजनौर: भू-माफिया किस कदर बेखौफ होकर जमीन हड़पने का खेल खेल रहे हैं, इसका एक चौंकाने वाला मामला धामपुर तहसील क्षेत्र में सामने आया है। यहाँ एक संगठित गिरोह ने सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर शेरकोट निवासी एक व्यक्ति की दो बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करा ली। इस धोखाधड़ी में सरकारी अस्पताल के एक लैब टेक्नीशियन और एक अध्यापक की मिलीभगत सामने आई है, जिससे हड़कंप मच गया है।READ ALSO:-धामपुर में भक्तिमय हुआ माहौल: शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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क्या है पूरा मामला?
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शेरकोट निवासी अमित कुमार, जो वर्तमान में देहरादून की एक दवा कंपनी में मैनेजर हैं, उनकी करीब 20 बीघा जमीन दर्ज है। हाल ही में जब उनके चाचा वीरेंद्र कुमार ने जमीन की फर्द निकलवाई, तो उन्हें पता चला कि उनकी दो बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर दी गई है।
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जांच में सामने आया कि 25 जून 2025 को धामपुर रजिस्ट्री कार्यालय में एक युवक ने अमित के नाम पर फर्जी आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर खुद को अमित बताकर परविंदर कुमार के नाम जमीन का बैनामा करा दिया।
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फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा
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इस धोखाधड़ी के बारे में पड़ताल करते हुए वीरेंद्र ने फुलबाग कॉलोनी निवासी पुनीत को पकड़ा, जिसने इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा कर दिया। पुनीत ने बताया कि इस घोटाले के पीछे शेरकोट निवासी सरीन, जो हरिद्वार में एक अध्यापक हैं, और धामपुर के सरकारी अस्पताल में कार्यरत लैब टेक्नीशियन संदीप का हाथ है। इन दोनों ने मिलकर अमित के नाम से नकली दस्तावेज तैयार कराए और जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करा दी।
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इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। लोगों का कहना है कि जब सरकारी कार्यालय में इस तरह की धोखाधड़ी हो सकती है, तो आम आदमी की जमीनें कैसे सुरक्षित रहेंगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर असली भूमि स्वामी की मौजूदगी के बिना यह रजिस्ट्री कैसे हो गई। फिलहाल, जमीन मालिक के पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया है ताकि इस गिरोह को बेनकाब किया जा सके।
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