लद्दाख में पूर्ण राज्य के दर्जे और संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर दो दिन पहले हुई हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने कड़े तेवर दिखाए हैं। इस हिंसा के सिलसिले में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे एक दिन पहले ही, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके एनजीओ स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का FCRA लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया था।Read also:-'यहीं दफना दिया जाएगा…' – महाराष्ट्र के बीड में 'आई लव मोहम्मद' कार्यक्रम के मंच से सीएम योगी को मौलाना की खुली धमकी, शिवसेना भड़की
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सोनम वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप
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    गिरफ्तारी का कारण: वांगचुक की गिरफ्तारी लेह हिंसा के मामले में की गई है। सरकार ने उन्हें इस हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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    NGO लाइसेंस रद्द: गृह मंत्रालय ने SECMOL के खातों में कथित विसंगतियाँ पाए जाने के बाद उसका विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) लाइसेंस रद्द कर दिया। इन विसंगतियों में स्वीडन से धन अंतरण भी शामिल था, जिसे मंत्रालय ने 'राष्ट्रीय हित के खिलाफ' पाया।
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हिंसा और कर्फ्यू का माहौल
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    घटना: लेह एपेक्स बॉडी (LAB) की ओर से बुधवार को बुलाए गए बंद के दौरान विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसा में बदल गया।
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    क्षति: इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई और 90 लोग घायल हो गए थे।
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    कार्रवाई: हिंसा के सिलसिले में अब तक करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
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    स्थिति: कल गुरुवार को लेह शहर में तनावपूर्ण शांति बनी रही और पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों ने सख्ती से कर्फ्यू लागू किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कर्फ्यू वाले इलाकों में स्थिति नियंत्रण में है।
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    शैक्षणिक संस्थान बंद: लेह के जिला मजिस्ट्रेट ने हिंसा के बाद अगले दो दिनों (शुक्रवार से) के लिए सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दिया।
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वांगचुक की भूख हड़ताल टूटी
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लेह में हिंसा बढ़ने के कारण जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अपनी पखवाड़े भर से चल रही भूख हड़ताल को बीच में ही छोड़ना पड़ा। उन्होंने हिंसा की निंदा करते हुए कहा, "यह लद्दाख के लिए सबसे दुखद दिन है। पिछले पांच सालों से हम जिस रास्ते पर चल रहे थे, वह शांतिपूर्ण था।"
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फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों (LAB और सरकार) से जुड़े लोगों पर कड़ी नजर रख रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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