चेन्नई/करूर, 1 अक्टूबर 2025:
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तमिलनाडु की धरती पर 41 लोगों की मौत पर अब एक ऐसा "सियासी महाभारत" छिड़ गया है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। करूर में हुई भगदड़ की त्रासदी अब सुपरस्टार एक्टर थलपति विजय और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की सरकार के बीच एक सीधी जंग में तब्दील हो गई है। विजय ने जहां सरकार को ललकारते हुए कहा है कि "हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार करो", वहीं उनकी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने अपनी जान देकर एक ऐसा सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसने पूरे प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।READ ALSO:-बदल गया महीना, बदल गए नियम! गैस सिलेंडर, स्पीड पोस्ट ने दिया झटका, तो UPI-NPS ने दी बड़ी खुशखबरी
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विजय की सीधी ललकार: 'बदला मुझसे लो, मेरे लोगों से नहीं'
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भगदड़ के बाद अपने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से बौखलाए एक्टर विजय ने एक वीडियो जारी कर आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री स्टालिन को चुनौती देते हुए कहा: "यह बदले की राजनीति है। अगर आपको बदला लेना ही है, तो मुझसे लो। मैं घर पर मिलूंगा, ऑफिस में मिलूंगा। मेरी पार्टी के पदाधिकारियों को क्यों निशाना बना रहे हो? उन्हें तुरंत रिहा करो।" विजय के इस आक्रामक रुख ने तमिलनाडु की राजनीति में तूफान ला दिया है।
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 51 साल के अय्यप्पन मायिलम गांव में अपने माता-पिता के घर में फंदे से लटके पाए गए।

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सुसाइड नोट का 'लेटर बम': पूर्व मंत्री और पुलिस पर सीधा आरोप
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इस राजनीतिक जंग का सबसे दर्दनाक और विस्फोटक पहलू TVK कार्यकर्ता अयप्पन की आत्महत्या है। 51 वर्षीय अयप्पन ने भगदड़ से अवसाद में आकर जान दे दी, लेकिन मरने से पहले उन्होंने एक 'लेटर बम' फोड़ दिया। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा: "करूर में विजय के आने पर सुरक्षा नहीं थी। इस हादसे का जिम्मेदार सेंथिल बालाजी है। पुलिस भी इसमें शामिल है। इन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।" एक मृत कार्यकर्ता के इन सीधे आरोपों ने सरकार की लापरवाही के दावों को और गहरा कर दिया है और मामले में एक बड़ी साजिश की ओर इशारा किया है।
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सरकार का पलटवार: 'नियम तोड़े गए, दोगुनी भीड़ बुलाई गई'
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एक्टर विजय के आरोपों के जवाब में स्टालिन सरकार ने भी पलटवार किया है। सरकार ने रैली के कई वीडियो जारी किए हैं, जिसमें यह दिखाने की कोशिश की गई है कि आयोजकों ने नियमों का घोर उल्लंघन किया। सरकार का दावा है कि रैली में अनुमान से दोगुनी भीड़ बुलाई गई और सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जो इस भीषण हादसे का असली कारण है।
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 पौनराज को कोर्ट से बाहर लाने के समय की है। इस पर माथिय्यालगन को पनाह देने का आरोप है।

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राजनैतिक बिसात के मोहरे: कार्यकर्ता और पत्रकार पर एक्शन
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इस सियासी जंग के बीच पुलिस का एक्शन भी जारी है।
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    भगदड़ के मुख्य आरोपी, TVK के जिला सचिव वीपी माथिय्यालगन और उन्हें शरण देने वाले पौनराज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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    अफवाह फैलाने के आरोप में यूट्यूबर फेलिक्स गेराल्ड को भी गिरफ्तार किया गया है।
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विजय के समर्थक इसे सरकार का दमन बता रहे हैं, जबकि सरकार इसे कानून का पालन कह रही है। इस पूरे प्रकरण ने 41 मौतों के दुख को एक जटिल राजनीतिक लड़ाई में उलझा दिया है, जहां हर पक्ष खुद को सही और दूसरे को गलत साबित करने में लगा है।
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