लखनऊ: उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने अपनी बढ़ती हुई डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 103 टेक्निकल प्रोग्रामर की भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। रोड सेफ्टी सेल की तर्ज पर अब विभाग में एक 'टेक्निकल सेल' स्थापित करने की तैयारी है, जिसके लिए यह भर्ती प्रक्रिया कई साल बाद शुरू की जा रही है।READ ALSO:-Jio vs Airtel vs Vi: 1 महीने के बेस्ट रिचार्ज प्लान, अनलिमिटेड 5G किसका दमदार?
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
ऑनलाइन सेवाओं में आई खामियों को दूर करने की तैयारी
\r\n\r\n
परिवहन विभाग की अधिकांश सेवाएं अब ऑनलाइन हो चुकी हैं। सारथी (Sarathi) और वाहन (Vahan) पोर्टल के माध्यम से कुल मिलाकर 58 सेवाएं ऑनलाइन की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 50 सेवाएं फेसलेस (Face-less) हैं। यानी लोगों को इन कामों के लिए अब आरटीओ (RTO) कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    समस्या का क्षेत्र: डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर टेक्निकल संजय नाथ झा ने बताया कि फेसलेस सेवाओं के बावजूद, विशेष रूप से ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित तकनीकी खामियां ज्यादा आ रही हैं, जिससे नागरिकों को परेशानी होती है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    समाधान: इन समस्याओं को तत्काल दूर करने और सेवाओं की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए ही इन टेक्निकल प्रोग्रामर की भर्ती की योजना बनाई गई है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
भर्ती प्रक्रिया और योग्यता
\r\n\r\n
भर्ती के लिए शासन की मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    भर्ती एजेंसी: इन 103 टेक्निकल प्रोग्रामर को यूपीडेस्को (UPDESCO) के माध्यम से भर्ती किया जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अनिवार्य योग्यता: डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर संजय नाथ झा के अनुसार, टेक्निकल प्रोग्रामर के लिए योग्यता MCA (मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) अनिवार्य होगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    वेतन और समयसीमा: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी टेक्निकल प्रोग्रामर का अंतिम वेतनमान तय नहीं हुआ है। फिलहाल यह बताना मुश्किल है कि यह भर्ती प्रक्रिया कब तक पूरी हो पाएगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

खबरों के लिए ज्वाइन करें हमारा Whatsapp Channel
\r\n\r\n
भर्ती का फायदा: आरटीओ के काम होंगे आसान
\r\n\r\n
इस टेक्निकल सेल की स्थापना का सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    समस्याओं का त्वरित समाधान: अभी ऑनलाइन सेवाओं में आने वाली तकनीकी समस्याओं को सुलझाने में काफी वक्त लगता है, लेकिन नए टेक्निकल स्टाफ की तैनाती से ये समस्याएं समय पर हल हो जाएंगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    परेशानी से मुक्ति: आरटीओ से संबंधित कार्यों के लिए लोगों को बेवजह परेशान नहीं होना पड़ेगा और डिजिटल सेवाओं का अनुभव बेहतर होगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    भविष्य की योजना: विभाग कुछ और टेक्निकल पदों पर भी भर्ती की तैयारी कर रहा है, ताकि विभाग की सभी ऑनलाइन सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सके और डिजिटल सेवाओं को मजबूत बनाया जा सके।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
\r\n
भविष्य की योजना: विभाग कुछ और टेक्निकल पदों पर भी भर्ती की तैयारी कर रहा है, ताकि विभाग की सभी ऑनलाइन सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सके और डिजिटल सेवाओं को मजबूत बनाया जा सके।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर संजय नाथ झा ने जोर देकर कहा कि बेहतर डिजिटल सेवाओं के लिए टेक्निकल स्टाफ का होना बेहद जरूरी है, और इसी को ध्यान में रखकर यह महत्वपूर्ण प्लान बनाया जा रहा है।
\r\n
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें