उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। X पर ‘नीला ड्रम’, ‘सौरभ राजपूत’, ‘मुस्कान रस्तोगी’ और ‘Blue Drum Case’ जैसे नाम ट्रेंड करने लगे। वहीं, अदालत के फैसले के बाद कोर्ट परिसर में लड्डू बांटे गए।

परिवार ने फैसले पर संतुष्टि जताई

सौरभ के परिवार ने दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। सजा सुनाए जाने के बाद सौरभ की मां ने फैसले पर संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय मिला है। परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि अगर इससे कठोर कोई सजा होती, तो वे उसकी मांग करते।

‘फैसले से संतुष्ट हैं, इससे भी बुरी सजा होती तो मांगते’

सौरभ की मां ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि परिवार को जिस सजा की उम्मीद थी, वह मिली है। उन्होंने दोनों दोषियों को फांसी दिए जाने पर संतुष्टि व्यक्त की। परिवार लंबे समय से इस मामले में अधिकतम सजा की मांग कर रहा था।

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फैसले के बाद कोर्ट परिसर में लड्डू बांटकर खुशी जताई गई। परिवार के लिए यह फैसला लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का अहम पड़ाव है। हालांकि, मृत्युदंड के मामलों में आगे भी निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाता है।

जज ने महाभारत का उदाहरण दिया

सजा सुनाते समय न्यायाधीश की ओर से महाभारत का उदाहरण दिए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि जज ने अपराध और दंड के संबंध को धर्म और न्याय के संदर्भ में समझाया। उनके कथन का आशय था कि अपराध करने वालों को उनके अपराध के अनुसार सजा देना न्याय का काम है।

अदालत ने मामले की गंभीरता, हत्या की परिस्थितियों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद दोनों दोषियों को मृत्युदंड सुनाया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने इसे दुर्लभतम श्रेणी का अपराध बताते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी।

मुकदमे की सुनवाई 13 महीने चली

सौरभ राजपूत हत्याकांड की सुनवाई करीब 13 महीने चली। मुकदमे के दौरान 126 सुनवाई हुईं और अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किए। अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को सजा सुनाई गई।

सौरभ पूर्व मर्चेंट नेवी कर्मचारी थे। मार्च 2025 में उनकी हत्या का मामला सामने आया था। जांच के दौरान उनका शव घर में रखे नीले ड्रम से बरामद हुआ था। शव के टुकड़ों को ड्रम में सीमेंट के साथ छिपाया गया था। इस घटना ने देशभर में ध्यान खींचा था।

सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में मामला

अदालत के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर मामले से जुड़े नाम और हैशटैग फिर चर्चा में आ गए। साझा किए गए ट्रेंडिंग स्क्रीनशॉट में ‘#Meerut’, ‘सौरभ राजपूत’, ‘प्रेमी साहिल’, ‘#Muskan’, ‘मुस्कान रस्तोगी’, ‘#SaurabhRajput’ और ‘#BlueDrumCase’ दिखाई दे रहे हैं।

यह ट्रेंड बताता है कि फैसले के बाद भी लोग मामले से जुड़ी खबरें और प्रतिक्रियाएं खोज रहे हैं। हालांकि, ट्रेंडिंग सूची में स्थान समय और उपयोगकर्ताओं की गतिविधियों के साथ बदल सकता है।

निष्कर्ष: सौरभ राजपूत हत्याकांड में फांसी की सजा के बाद परिवार ने संतोष जताया और कोर्ट परिसर में लड्डू बांटे गए। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर नीला ड्रम केस फिर चर्चा में आ गया। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

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