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लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश एटीएस (UP ATS) ने अवैध धर्मांतरण के एक सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन और उसके गिरोह के खिलाफ फाइनल चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में बाबा को यौन शोषण, अवैध धर्मांतरण, हिंदू धर्म और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोपी करार दिया गया है।READ ALSO:-बिजनौर ब्रेकिंग: फिर चला खालिद के आरा मशीन पर बुलडोजर, राजस्व टीम ने 150 मीटर लंबी सरकारी नाली को कब्ज़े से कराया मुक्त

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चार्जशीट में 33 गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने बाबा के अवैध धर्मांतरण के नेटवर्क का पूरा 'कच्चा-चिट्ठा' खोलकर रख दिया है।
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चार्जशीट में गवाहों के 5 बड़े खुलासे
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गवाहों के बयानों और पुलिस जाँच के आधार पर छांगुर बाबा और उसके गिरोह की कार्यप्रणाली को लेकर 5 प्रमुख बातें सामने आई हैं:
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1. हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और गलत व्याख्या
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  • गवाहों ने बताया कि छांगुर बाबा की मानसिकता कट्टरपंथी थी। वह लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने से पहले हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करता था और हिंदू धर्म की गलत व्याख्या करके लोगों का माइंड वॉश करता था।
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2. जहन्नुम का डर और इस्लाम की खूबियाँ
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  • बाबा धर्मांतरण के लिए लोगों को 'जहन्नुम' (नरक) का डर दिखाता था, जबकि इस्लाम धर्म की खूबियाँ बताकर उन्हें धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करता था। इस तरह वह गरीबों, दलितों और लाचार लोगों को अपने जाल में फँसाता था।
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3. मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड
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  • चार्जशीट में छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन को इस पूरे अवैध धर्मांतरण केस का मुख्य आरोपी और सरगना (मास्टरमाइंड) करार दिया गया है। उस पर छेड़छाड़ के भी आरोप हैं।
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4. गिरोह का नेटवर्क और दुष्कर्म की संलिप्तता
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    नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन को गिरोह का दूसरा मास्टरमाइंड बताया गया है।
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    उसकी पत्नी नीतू रोहरा उर्फ नसरीन पर भी भारत में इस्लाम धर्म का प्रचार करके अवैध धर्मांतरण कराने का आरोप है।
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    जाँच में उसकी दुष्कर्म और जातीय अपमान करने में भी संलिप्तता का पता चला है।
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5. सरकारी पद का दुरुपयोग
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  • बलरामपुर कोर्ट का बाबू राजेश कुमार उपाध्याय भी इस गिरोह को सहयोग देने का आरोपी है। उस पर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
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गवाहों में शामिल हैं महत्वपूर्ण व्यक्ति
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इस चार्जशीट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें धर्मांतरण पीड़िताओं और पुलिस अधिकारियों के बयान शामिल किए गए हैं।
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    पीड़ित गवाह: औरैया की रेप पीड़िता के साथ-साथ धर्मांतरण का शिकार हुई 3 महिलाओं के बयान दर्ज किए गए हैं।
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    अन्य गवाह: 18 पुलिस अधिकारियों, और गिरोह के अन्य सहयोगियों जैसे संचित कुमार, राम नरेश मौर्य, नरेंद्र कुमार, जग प्रसाद, मनोज कुमार, छांगे उर्फ सागर, रमेश चंद्र, नंदराम उर्फ भंडारी के बयान भी शामिल किए गए हैं।
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कार्रवाई का घटनाक्रम
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    गिरफ्तारी: एटीएस ने छांगुर बाबा को 5 जुलाई को लखनऊ के एक होटल से दबोचा था।
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    ED केस: बाबा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था और उसे 28 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया था।
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इस फाइनल चार्जशीट के बाद अब कोर्ट में बाबा और उसके गिरोह के खिलाफ मुक़दमा चलेगा। एटीएस का दावा है कि उनके पास सभी आरोपियों को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
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