बरेली (उत्तर प्रदेश): 26 सितंबर को हुई हिंसा के बाद बरेली में प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। इस कड़ी में शनिवार को बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने मौलाना तौकीर रजा के करीबी बताए जा रहे आरिफ की संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई की है। BDA की टीम ने पीलीभीत रोड और जगतपुर इलाके में बनी आरिफ की 17 अवैध दुकानों को सील कर दिया, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया।Read also:-ब्रेकिंग न्यूज़: लाखों का अवैध धर्मांतरण, यौन शोषण और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान... छांगुर बाबा के खिलाफ चार्जशीट में 5 बड़े खुलासे
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इस कार्रवाई की सबसे बड़ी वजह यह थी कि ये सभी निर्माण बिना नक्शा पास कराए किए गए थे।
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दो स्थानों पर चला सीलिंग अभियान
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BDA की टीम ने आरिफ की दो प्रमुख जगहों पर यह कार्रवाई की, जिसमें भारी पुलिस फोर्स तैनात रही।
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1. पीलीभीत रोड (फ्लोरा गार्डन के पास)
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    अवैध निर्माण: पीलीभीत रोड पर आरिफ की बिल्डिंग फ्लोरा गार्डन के बराबर स्थित है। ग्राउंड फ्लोर पर एक पीटर इंग्लैंड (Peter England) का शोरूम और ऊपरी फ्लोर पर एक जिम चल रहा था।
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    कार्रवाई: BDA अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के किया गया था। चेतावनी के बावजूद कोई जवाब न मिलने पर टीम ने मौके पर पहुँचकर दोनों दुकानों को ताले में बंद करवा दिया।
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2. जगतपुर मार्केट (15 दुकानें सील)
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    संपत्ति का विवरण: इसके बाद टीम थाना बरादरी क्षेत्र के जगतपुर मोहल्ले पहुंची, जहाँ आरिफ की करीब 1200 स्क्वायर फीट में बनी दो मंजिला मार्केट है। इस मार्केट में कुल 15 दुकानें हैं।
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    अनुमानित कीमत: पूरे मार्केट की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपए आंकी गई है। BDA ने इन सभी 15 दुकानों को सील कर दिया।
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व्यापारियों में भारी आक्रोश: 'हमारा क्या कसूर?'
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इस अचानक हुई कार्रवाई से दुकानदारों में भारी नाराजगी है। कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि BDA ने उन्हें बिना कोई पूर्व नोटिस दिए दुकानें सील कर दीं, जिससे उन्हें अपना सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला।
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    व्यापारियों का तर्क: कुछ व्यापारियों ने बताया कि आरिफ ने इन दुकानों में से 13 पहले ही बेच दी थीं। उनका कहना था, "हमने तो अपनी मेहनत की कमाई से दुकानें खरीदी थीं। अगर मालिक पर कार्रवाई हो रही है, तो इसमें हमारा क्या दोष है?"
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    सामान फंसा: कई व्यापारियों का करोड़ों रुपए का सामान दुकानों के अंदर ही फंसा रह गया।
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BDA के ओएसडी अजीत सिंह ने इस संबंध में बताया कि शनिवार को कुल 17 दुकानों पर सील लगाई गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये सभी निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के किए गए थे, जिसके कारण नियमानुसार कार्रवाई की गई है और आगे भी यह जारी रहेगी।
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₹500 करोड़ से अधिक की संपत्ति पर एक्शन 
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26 सितंबर की हिंसा के बाद से ही बरेली प्रशासन 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है। 
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    विशाल कार्रवाई: प्रशासन ने अब तक ₹500 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की है, जिनमें कई बारात घर, मार्केट और प्लॉट शामिल हैं।
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    अन्य करीबी: आरिफ पर पहले भी फ्लोरा गार्डन और फहम लॉन को सील करने की कार्रवाई हो चुकी है। वहीं, तौकीर रजा के दूसरे करीबी नफीस के बारात घर पर भी बुलडोजर चल चुका है।
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    तौकीर रजा जेल में: हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा समेत 104 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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