आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। आजकल सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग फोटो बनाने का क्रेज है — कोई अपनी तस्वीर को "ग़िब्ली स्टाइल" में बदल रहा है, तो कोई "नैनो-बनाना मॉडल" में। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन एप्लिकेशन पर अपलोड की गई आपकी तस्वीरों का आगे क्या होता है? कंपनियों की शर्तों के मुताबिक आपकी इमेज केवल आपके लिए नहीं रहती, बल्कि AI ट्रेनिंग और सर्विस इंप्रूवमेंट में भी इस्तेमाल हो सकती है।

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ChatGPT की पॉलिसी क्या कहती है?

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  • OpenAI का ChatGPT जब भी आपसे कोई फोटो, टेक्स्ट या फाइल लेता है, तो उसे अपने सर्वर पर सेव करता है।
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  • उनकी प्राइवेसी पॉलिसी के अनुसार, ये डेटा मॉडल को बेहतर बनाने और ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
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  • अगर यूज़र फोटो को पब्लिकली शेयर करता है, तो OpenAI को उसे रीप्रोड्यूस, डिस्ट्रिब्यूट और मॉडिफाई करने का अधिकार होता है।
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  • हालांकि कंपनी का दावा है कि संवेदनशील डेटा या पर्सनल आइडेंटिटी को बिना अनुमति के इस्तेमाल नहीं किया जाता।
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Google Gemini भी करता है डेटा इस्तेमाल

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  • Google का Gemini प्लेटफॉर्म भी कुछ इसी तरह की शर्तों पर काम करता है।
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  • अगर आपकी “Keep Activity” सेटिंग ऑन है, तो आपकी फोटो और चैट डेटा AI ट्रेनिंग और सर्विस डेवलपमेंट के लिए उपयोग किए जा सकते हैं।
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  • अगर यह सेटिंग ऑफ है, तो डेटा लंबे समय तक सेव नहीं किया जाता, लेकिन कुछ समय के लिए सिस्टम सिक्योरिटी और परफॉर्मेंस के लिए रखा जा सकता है।
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  • खास बात यह है कि Google अपने यूज़र्स को सेटिंग से डेटा डिलीट करने का विकल्प भी देता है।
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साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि—

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  • किसी भी AI ऐप में निजी या संवेदनशील फोटो अपलोड करने से बचें।
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  • भरोसेमंद ऐप्स पर भी हमेशा अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें।
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  • थर्ड-पार्टी या अज्ञात ऐप्स, खासकर फ्री APKs, में फोटो डालना सबसे बड़ा खतरा है।
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यूज़र्स के लिए जरूरी टिप्स

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  • प्राइवेसी पॉलिसी पढ़ें — फोटो अपलोड करने से पहले Terms of Service ज़रूर चेक करें।
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  • सुरक्षित ऐप चुनें — सिर्फ भरोसेमंद कंपनियों के AI टूल्स का इस्तेमाल करें।
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  • सेंसिटिव कंटेंट अपलोड न करें — पर्सनल डॉक्यूमेंट या प्राइवेट फोटो कभी शेयर न करें।
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  • सेटिंग्स कंट्रोल करें — Gemini में "Keep Activity" और ChatGPT में डेटा शेयरिंग ऑप्शन ऑफ रखें।
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AI से ट्रेंडिंग फोटो बनाना मज़ेदार और क्रिएटिव ज़रूर है, लेकिन इसके पीछे एक प्राइवेसी रिस्क भी छिपा है। ChatGPT और Google Gemini दोनों ही आपकी तस्वीरों को अपनी पॉलिसी के मुताबिक इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए अगली बार जब आप किसी ऐप पर फोटो अपलोड करें, तो सावधानी बरतना बेहद ज़रूरी है।

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