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\r\n\r\n\r\n\r\nFake LPG booking scams से सतर्क रहें।
\r\n— CyberDost I4C (@Cyberdost) March 31, 2026
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\r\nUrgent booking, discount offers या panic messages के माध्यम से scammers लोगों को trap कर रहे हैं - fake links, apps और QR codes के ज़रिए उनसे payment और personal details ली जा रही हैं।#LPGScamAlert #OnlineFraud #CyberSafetyIndia #ScamAware pic.twitter.com/l4UUEhIlo4
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गृह मंत्रालय का 'रेड अलर्ट': CyberDost I4C ने दी सख्त चेतावनी
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\r\n\r\n\r\n"Fake LPG booking scams से सतर्क रहें। Urgent booking, discount offers या panic messages के माध्यम से scammers लोगों को trap कर रहे हैं। fake links, apps और QR codes के ज़रिए उनसे payment और personal details ली जा रही हैं।"\r\n
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1. डार्क वेब और डेटा की खरीद (The Data Mining)
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2. खौफ और लालच का मैसेज (The Bait)
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- \r\n खौफ का मैसेज: "प्रिय ग्राहक, केवाईसी (KYC) अपडेट न होने के कारण आपका गैस कनेक्शन रद्द किया जा रहा है। तुरंत इस लिंक से अपडेट करें।"\r\n \r\n
- \r\n लालच का मैसेज: "उज्ज्वला योजना के तहत आज गैस बुक करने पर 500 रुपये की सब्सिडी सीधे खाते में। अभी क्लिक करें।"\r\n \r\n
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3. असली जैसी दिखने वाली नकली दुनिया (The Phishing Trap)
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4. आखिरी वार: APK फाइल या QR कोड (The Final Blow)
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- \r\n रिमोट एक्सेस ऐप (APK): यूजर को बुकिंग ट्रैक करने के नाम पर एक 'कस्टमर सपोर्ट ऐप' डाउनलोड करने को कहा जाता है। यह असल में एक मैलवेयर (Malicious APK) होता है। इसे इंस्टॉल करते ही ठगों को आपके फोन की स्क्रीन देखने और OTP पढ़ने का पूरा एक्सेस मिल जाता है।\r\n \r\n
- \r\n QR कोड/UPI पिन स्कैनिंग: डिलीवरी चार्ज के नाम पर 5 या 10 रुपये का पेमेंट करने को कहा जाता है। जब यूजर अपना यूपीआई पिन (UPI PIN) डालता है, तो असल में वह पैसे प्राप्त नहीं कर रहा होता, बल्कि ठगों को अपने खाते से बड़ी रकम निकालने की अनुमति दे रहा होता है।\r\n \r\n
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पढ़े-लिखे लोग भी क्यों बन रहे हैं शिकार? (The Psychology of Scam)
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गैस बुकिंग का 100% सुरक्षित और असली तरीका (The Right Way)
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1. आधिकारिक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें:
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- \r\n Indane: IndianOil ONE ऐप\r\n \r\n
- \r\n HP Gas: HP Pay ऐप\r\n \r\n
- \r\n Bharat Gas: Hello BPCL ऐप\r\n \r\n
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2. सत्यापित (Verified) व्हाट्सएप नंबर:
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- \r\n Indane: 7588888824\r\n \r\n
- \r\n HP Gas: 9222201122\r\n \r\n
- \r\n Bharat Gas: 1800224344 इन नंबरों को सेव करें और सिर्फ 'Hi' या 'Book' लिखकर मैसेज करें।\r\n \r\n
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3. मिस्ड कॉल या IVRS सेवा:
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CyberDost I4C की सख्त गाइडलाइंस: ये गलतियां भूलकर भी न करें
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- \r\n लिंक पर 'नो क्लिक': SMS, WhatsApp या ईमेल पर आए किसी भी अनजान लिंक (URL) पर कभी क्लिक न करें। अगर कोई ऑफर है, तो सीधे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट (Google पर टाइप करके) पर जाएं।\r\n \r\n
- \r\n UPI PIN का गोल्डन रूल: याद रखें, यूपीआई पिन (UPI PIN) का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ पैसा भेजने (Send Money) के लिए होता है। पैसा प्राप्त करने, बुकिंग कन्फर्म करने या कैशबैक लेने के लिए कभी भी पिन की जरूरत नहीं होती।\r\n \r\n
- \r\n थर्ड-पार्टी ऐप्स को 'ना': किसी कस्टमर केयर के कहने पर कभी भी AnyDesk, TeamViewer, QuickSupport या कोई अंजान .apk फाइल डाउनलोड न करें।\r\n \r\n
- \r\n फर्जी कस्टमर केयर: गूगल (Google) पर कभी भी कस्टमर केयर का नंबर सर्च न करें। जालसाज गूगल सर्च रिजल्ट्स में अपने फर्जी नंबर सबसे ऊपर रैंक करवा कर रखते हैं।\r\n \r\n
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अगर आप ठगी का शिकार हो जाएं, तो क्या करें? ('गोल्डन आवर' का महत्व)
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- \r\n तत्काल 1930 पर कॉल करें: सबसे पहला काम, भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। अगर आप तुरंत शिकायत दर्ज कराते हैं, तो पुलिस उस पैसे को जालसाज के बैंक खाते से आगे ट्रांसफर होने से पहले ही 'फ्रीज' (Freeze) कर सकती है।\r\n \r\n
- \r\n पोर्टल पर शिकायत: गृह मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन लिखित शिकायत दर्ज करें और रिफरेंस नंबर नोट कर लें।\r\n \r\n
- \r\n बैंक को अलर्ट करें: तुरंत अपने बैंक को कॉल करके अपने सभी डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग को ब्लॉक करवाएं ताकि खाते से और पैसे न कट सकें।\r\n \r\n
- \r\n पुलिस स्टेशन जाएं: अपने नजदीकी थाने या जिले के विशेष साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन (Cyber Crime Police Station) में जाकर एफआईआर (FIR) दर्ज कराएं।\r\n \r\n
- \r\n स्मार्टफोन को 'रिसेट' करें: अगर आपने गलती से कोई ऐप (APK) डाउनलोड कर ली थी, तो बैंक खाते ब्लॉक करने के बाद अपने फोन का 'फैक्ट्री डेटा रिसेट' (Factory Data Reset) जरूर करें, ताकि छिपा हुआ वायरस हमेशा के लिए खत्म हो जाए।\r\n \r\n
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Sabse pehle comment karne wale banein.