उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चेकिंग अभियान और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर तीन शातिर हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है (Muzaffarnagar Arms Smugglers Arrested)। पुलिस की इस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में असलहों का जखीरा बरामद किया गया है, जिससे क्षेत्र में एक बड़ी आपराधिक साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है।
हथियारों का बड़ा जखीरा और बाइक बरामद पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तस्करों के पास से हथियारों की एक बड़ी खेप पकड़ी गई है। पुलिस की तलाशी में आरोपियों के कब्जे से कुल 4 अवैध पिस्टल, 7 तमंचे (देसी कट्टे) और 40 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों का पकड़ा जाना इस बात का संकेत है कि आरोपी किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा हैं।
पैसे के लालच में करते थे हथियारों की सप्लाई पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंकित, वैभव और आकाश के रूप में हुई है। कड़ी पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि वे कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में अवैध हथियारों की तस्करी के इस काले धंधे में शामिल हुए थे। वे चोरी-छिपे इन हथियारों को डिमांड के आधार पर अपराधियों तक पहुंचाते थे।
आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास, 28 मुदकमे दर्ज पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया है कि अंकित, वैभव और आकाश कोई साधारण अपराधी नहीं हैं, बल्कि उनका एक लंबा और गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन तीनों शातिर तस्करों के खिलाफ केवल मुजफ्फरनगर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले सहारनपुर के विभिन्न थानों में भी कुल 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन पर हत्या के प्रयास, लूट, डकैती की योजना बनाने और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर धाराओं में पहले से केस चल रहे हैं।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस अब इस पूरे तस्करी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल जांच दल यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि:
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आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की खेप कहां से और किस अवैध हथियार फैक्ट्री से लाते थे?
मुजफ्फरनगर और आसपास के किन जिलों में इन हथियारों की सप्लाई की जानी थी?
इस पूरे गिरोह का सरगना कौन है और असलहों के अंतिम खरीदार कौन थे?
आगे की कार्रवाई जारी पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और खरीदारों की जानकारी भी जुटा रही है, ताकि हथियारों की सप्लाई चैन को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। मुजफ्फरनगर पुलिस का कहना है कि अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों के खिलाफ जिले में यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.