उत्तर प्रदेश के मेरठ कैंट स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल (Army Public School) में 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय 'इंडियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN 2026) सम्मेलन का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस IIMUN Conference in Meerut में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से लेकर राष्ट्रीय नीतियों पर अपनी बेबाक राय रखी। यह कार्यक्रम छात्रों को कूटनीतिक कौशल, संवाद और वार्ता की अहमियत समझाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आर्मी पब्लिक स्कूल प्रबंधन की ओर से आयोजित इस इवेंट ने शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान को भी मंच प्रदान किया है, जो भविष्य के लीडर्स तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

7 स्कूलों के 200 से अधिक छात्रों ने लिया हिस्सा आयोजन समिति से मिली जानकारी के अनुसार, इस तीन दिवसीय प्रतिष्ठित कार्यक्रम में कुल 200 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इसमें अकेले आर्मी पब्लिक स्कूल के 106 छात्रों ने हिस्सा लिया, जबकि अन्य 100 से अधिक छात्र शहर और आसपास के 7 अलग-अलग प्रमुख विद्यालयों से आए थे। इन बाहरी स्कूलों में डीपीएस बिजनौर, विद्या ग्लोबल स्कूल, रॉम्बस वर्ल्ड स्कूल, दयावती मोदी एकेडमी, जीएमएसएसएस, दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) और क्रिस्टु ज्योति स्कूल शामिल रहे।

वैश्विक मुद्दों पर हुई जोरदार बहस सम्मेलन के दौरान सभी छात्रों को छह अलग-अलग कमेटियों में विभाजित किया गया था। इन कमेटियों में छात्रों ने प्रतिनिधियों (डेलिगेट्स) के रूप में विभिन्न देशों और पक्षों का प्रतिनिधित्व किया। अंतरराष्ट्रीय पटल की बात करें तो, ग्लोबल सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, ग्लोबल ट्रेड और क्लाइमेट चेंज (जलवायु परिवर्तन) जैसे गंभीर और ज्वलंत विषयों पर छात्रों के बीच तार्किक और शानदार बहस देखने को मिली। इन युवा प्रतिनिधियों ने मानवता के सामने आने वाले वर्तमान खतरों पर विस्तार से चर्चा की और अपने स्तर पर उनके व्यावहारिक समाधान भी मंच पर प्रस्तुत किए। इस पूरे प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक परिस्थितियों को एक व्यापक और नए नजरिए से समझने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ। विचार-विमर्श और कूटनीतिक संवाद के माध्यम से उन्होंने जाना कि जटिल वैश्विक चुनौतियों को सुलझाने में आपसी सहयोग और शांतिपूर्ण वार्ता का कितना अधिक महत्त्व है।

यूपी के किसानों और राष्ट्रीय एजेंडे पर भी चर्चा वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ इस सम्मेलन में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। लोकसभा और उत्तर प्रदेश विधानसभा जैसी राष्ट्रीय कमेटियों के प्रारूप में छात्रों ने संसदीय कार्यवाही के तरीकों को बारीकी से समझा। इन कमेटियों के एजेंडे में ऊर्जा सप्लाई (Energy Supply), नई कृषि नीतियां और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलने वाले मुआवजे जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जोरदार और तर्कपूर्ण बहस हुई। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक समझ का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

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विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह इस खास अवसर पर कई विशिष्ट अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राजदूत अखिलेश मिश्रा शामिल हुए, जो इससे पहले आयरलैंड और मालदीव में भारत के राजदूत तथा टोरंटो में महावाणिज्य दूत के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके साथ ही सम्मानित अतिथि के तौर पर एक प्रतिष्ठित शिक्षक डॉ. पवन द्विवेदी ने भी शिरकत की। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. (श्रीमती) रीटा गुप्ता और विंग कमांडर प्रवीण कुमार गौतम की गरिमामयी उपस्थिति ने भी छात्रों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें कूटनीति के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से अवगत कराया।

योग सत्र से हुई अंतिम दिन की शुरुआत कार्यक्रम के अंतिम दिन की शुरुआत एक विशेष योग सत्र के साथ हुई। इस सत्र के जरिए छात्रों को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सजगता के महत्त्व के बारे में जागरूक किया गया। समापन समारोह में मेरठ छावनी स्थित सी.एम.वी.एल. (CMVL) के उप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अनीस ए. विशेष रूप से मौजूद रहे।

अपने संबोधन में आर्मी पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. रीटा गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों के उत्साह और उनकी सक्रिय सहभागिता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और एक मजबूत वैश्विक दृष्टिकोण से परिपूर्ण नागरिक बनाने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्रों को तार्किक चिंतन विकसित करने, दूसरे के विचारों का सम्मान करने और समस्याओं का आत्मविश्वास के साथ समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। यह सम्मेलन केवल एक अकादमिक आयोजन नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से छात्रों की वक्तृत्व कला, संवाद शैली, आपसी वार्ता कौशल और नेतृत्व क्षमता को निखारने का एक सशक्त प्रयास किया गया।

 

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