भारतीय सर्राफा बाजार में आज तहलका मचा हुआ है। कीमती धातुओं की घरेलू और वैश्विक मांग में आए अप्रत्याशित उछाल के कारण कीमतों ने एक बार फिर रॉकेट जैसी रफ्तार पकड़ ली है। आज यानी 12 जून को कमोडिटी बाजारों के खुलते ही खरीदारों और निवेशकों की भारी लिवाली देखने को मिली। हर कोई आज के Gold Silver Rate 12 June 2026 को देखकर हैरान है, क्योंकि इसमें एक ही दिन में भारी बढ़त दर्ज की गई है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को बचाने के लिए कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने की भावुक अपील की थी। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर ज्वेलरी की मांग कम होने का नाम नहीं ले रही है।READ ALSO:-प्रशांत महासागर में खौफनाक 'एल नीनो' की दस्तक से भारत पर मंडराया सूखे का खतरा, PM मोदी ने खुद संभाला मोर्चा, मुख्यमंत्रियों को किया हाई-अलर्ट!
\r\n\r\n\r\n\r\n
शादियों का सीजन और भारतीय परिवारों की सांस्कृतिक परंपराएं सरकारी अपीलों और सख्त नीतिगत फैसलों पर भारी पड़ती दिखाई दे रही हैं। आज सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक और मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंच गया, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। आइए, इस लेख में बाजार की इस अजीबोगरीब स्थिति, कीमतों के उतार-चढ़ाव और इसके पीछे के वैश्विक व घरेलू कारणों का विस्तृत विश्लेषण करते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
MCX पर सोने-चांदी की जोरदार रिकवरी: देखें आज के लाइव रेट्स
\r\n\r\nआज सुबह 11:45 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी का रुख देखा गया। वायदा बाजार में दोनों ही कीमती धातुएं अपने पुराने रिकॉर्ड्स को तोड़ने के लिए आगे बढ़ती दिख रही हैं। नीचे दी गई तालिका में आज के आधिकारिक आंकड़ों को स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है:
\r\n\r\n| \r\n धातु का नाम \r\n | \r\n \r\n आज की बढ़त (रुपये में) \r\n | \r\n \r\n वर्तमान बाजार मूल्य (MCX) \r\n | \r\n \r\n ट्रेडिंग का स्तर \r\n | \r\n
| \r\n सोना (Gold) प्रति 10 ग्राम \r\n | \r\n \r\n ₹1,021 ▲ \r\n | \r\n \r\n ₹1,49,942 \r\n | \r\n \r\n ₹1.50 लाख के बेहद करीब \r\n | \r\n
| \r\n चांदी (Silver) प्रति किलोग्राम \r\n | \r\n \r\n ₹2,579 ▲ \r\n | \r\n \r\n ₹2,42,232 \r\n | \r\n \r\n रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर अग्रसर \r\n | \r\n
\r\n\r\n
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सोना अब ₹1,50,000 के सबसे महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल को पार करने की जद्दोजहद में लगा हुआ है। यदि आज शाम तक यह इस स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहता है, तो आने वाले दिनों में Gold Silver Rate 12 June 2026 में और भी ज्यादा तेजी देखने को मिल सकती है। तकनीकी चार्ट्स पर सोने और चांदी दोनों के लिए सकारात्मक मोमेंटम साफ नजर आ रहा है।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
PM मोदी की अपील और 15% इंपोर्ट ड्यूटी भी क्यों रही बेअसर?
\r\n\r\nवैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से एक विशेष आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि भारत अपनी जरूरतों का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे हमारा कीमती विदेशी मुद्रा भंडार बाहर चला जाता है। अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए उन्होंने नागरिकों से कम से कम एक वर्ष तक सोने के आभूषण या बार न खरीदने की अपील की थी। इसके साथ ही सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए सोने और चांदी पर लगने वाले आयात शुल्क (Import Tariff) को भी 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया था ताकि घरेलू मांग को हतोत्साहित किया जा सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
लेकिन भारतीय मानसिकता में सोने का स्थान केवल एक धातु या आभूषण का नहीं है, बल्कि इसे सबसे सुरक्षित निवेश और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। देश में चल रहे शादियों के सीजन के कारण लोग भारी कीमतों और टैक्स के बावजूद जमकर खरीदारी कर रहे हैं। सर्राफा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में शादियों के रीति-रिवाज और परंपराएं किसी भी नीतिगत संदेश या ऊंचे करों से कहीं अधिक प्रभावी साबित होती हैं। यही कारण है कि आज Gold Silver Rate 12 June 2026 में इतनी बड़ी तेजी दर्ज होने के बाद भी रिटेल बाजारों में ग्राहकों की भीड़ कम नहीं हुई है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
ज्वेलरी खरीदारों की वापसी: 'प्राइस डिप' बना सबसे बड़ा ट्रिगर
\r\n\r\nबाजार में अचानक आई इस तेजी के पीछे पिछले कुछ दिनों में हुई कीमतों में गिरावट को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। दरअसल, समझदार खरीदार काफी समय से कीमतों के थोड़े नीचे आने का इंतजार कर रहे थे। हैदराबाद स्थित कैप्सगोल्ड (CapsGold) के प्रबंध निदेशक (MD) चंदा वेंकटेश ने बाजार के इस रुख पर अपनी महत्वपूर्ण राय साझा की है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\nचंदा वेंकटेश (MD, कैप्सगोल्ड) के अनुसार: "हाल ही में कीमतों में जो मामूली गिरावट आई थी, उसने ग्राहकों को दोबारा शोरूम तक खींचने का काम किया है। इस हफ्ते गुरुवार को सोना गिरकर ₹1,46,444 के निचले स्तर पर आ गया था, जो 2 अप्रैल के बाद का सबसे निचला स्तर था। ग्राहकों को लगा कि यह खरीदारी करने का सबसे सही और मुफीद समय है, जिसके कारण अचानक मांग बढ़ गई और कीमतों में फिर से उछाल आ गया।"\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
हालांकि, जहां एक तरफ खुदरा खरीदार बाजार में लौट रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़े ज्वेलर्स और डीलर्स अभी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। मुंबई के प्रमुख सर्राफा डीलरों का कहना है कि वे अभी भारी मात्रा में स्टॉक जमा नहीं कर रहे हैं। ज्वेलर्स केवल उतनी ही बुकिंग कर रहे हैं जितनी उन्हें तुरंत जरूरत है, क्योंकि वैश्विक मोर्चे पर अस्थिरता को देखते हुए भविष्य की मांग को लेकर बाजार अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
वैश्विक उथल-पुथल और Gold Silver Rate 12 June 2026 पर असर
\r\n\r\nसोने और चांदी की घरेलू कीमतें कभी भी अकेले भारतीय कारणों पर निर्भर नहीं करतीं। अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और बड़े देशों के राजनीतिक बयान इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। वर्तमान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक नया बयान सामने आया है, जिसने वैश्विक बाजारों में जोखिम और अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल-ईस्ट (मध्य पूर्व) के संघर्ष को सुलझाने की दिशा में कुछ प्रगति होने का संकेत दिया है, लेकिन बाजार अभी इस पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर पा रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इजरायल और ईरान के बीच चल रहा छद्म युद्ध और सीधा तनाव अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की लगातार बढ़ती कीमतों और डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) की स्थिरता ने सोने को एक 'सेफ हेवन' (सुरक्षित निवेश) के रूप में स्थापित कर रखा है। जब भी दुनिया में युद्ध या आर्थिक मंदी का खतरा मंडराता है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में लगाते हैं। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने को यदि एक लंबी और टिकाऊ मजबूती हासिल करनी है, तो इसे डोमेस्टिक मार्केट में ₹1,55,000 के स्तर को मजबूती से पार करना होगा। तब तक Gold Silver Rate 12 June 2026 इसी तरह के उतार-चढ़ाव वाले दायरे में घूमता रहेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
दिल्ली-गाजियाबाद के खुदरा बाजार में आज का भाव
\r\n\r\nयदि आप आज दिल्ली, नोएडा या गाजियाबाद के स्थानीय सर्राफा बाजार में आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण एमसीएक्स के रेट से थोड़ा अलग भाव मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर में आज विभिन्न कैरेट के सोने के खुदरा भाव (बिना जीएसटी और मेकिंग चार्ज के) इस प्रकार हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 18-कैरेट सोना (ज्वेलरी के लिए उपयुक्त): ₹1,092 से ₹1,115 प्रति ग्राम (यानी 10 ग्राम के लिए आपको लगभग ₹10,920 से ₹11,150 खर्च करने होंगे)।\r\n \r\n
- \r\n 22-कैरेट सोना (916 हॉलमार्क): ₹1,335 से ₹1,363 प्रति ग्राम (यानी 10 ग्राम का भाव लगभग ₹13,350 से ₹13,635 के बीच चल रहा है)।\r\n \r\n
- \r\n 24-कैरेट सोना (999 शुद्धता): ₹1,456 से ₹1,458 प्रति ग्राम (यानी 10 ग्राम शुद्ध सोने की ईंट या सिक्के का भाव लगभग ₹14,560 से ₹14,582 के आसपास है)।\r\n \r\n
\r\n\r\n
नोट: कृपया ध्यान दें कि इन रिटेल कीमतों में स्थानीय स्तर पर 3% का वस्तु एवं सेवा कर (GST) और ज्वेलर्स का मेकिंग चार्ज (घड़ाई शुल्क) अलग से जोड़ा जाएगा, जिससे अंतिम बिल की राशि थोड़ी बढ़ सकती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
क्या इस समय सोने में निवेश करना सही है?
\r\n\r\nबाजार की इस अभूतपूर्व तेजी को देखते हुए आम निवेशकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उन्हें इस सर्वकालिक उच्च स्तर पर सोना खरीदना चाहिए या कीमतों के घटने का इंतजार करना चाहिए। वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि सोना हमेशा लंबी अवधि में बेहतरीन रिटर्न देता है। यदि आपका नजरिया अगले 3 से 5 साल का है, तो हर गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा सोना (Sovereign Gold Bond या Digital Gold के रूप में) खरीदना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है। हालांकि, केवल अल्पावधि (Short-term) के मुनाफे के लिए इस उच्च स्तर पर एकमुश्त बड़ी रकम फंसाने से बचना चाहिए, क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव कम होते ही बाजार में एक बड़ा करेक्शन भी देखने को मिल सकता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
आज का Gold Silver Rate 12 June 2026 यह साफ दर्शाता है कि तमाम सरकारी कोशिशों, ऊंचे टैक्स और प्रधानमंत्री की भावुक अपील के बावजूद भारत में सोने का सम्मोहन कम होने वाला नहीं है। वैश्विक स्तर पर जारी इजरायल-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने सोने और चांदी की चमक को और ज्यादा निखार दिया है। हालांकि, कीमतों में आई इस एक दिवसीय ₹1,021 की भारी उछाल के बाद अब घरेलू बाजार ₹1,50,000 के बेहद करीब पहुंच चुका है। आने वाले हफ्तों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या बढ़ती कीमतें और सरकार की सख्त नीतियां आखिरकार भारतीय खरीदारों के इस बेकाबू उत्साह पर लगाम लगा पाती हैं या सोना एक नया इतिहास रचने की ओर आगे बढ़ जाता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
12 जून 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने में ₹1021 और चांदी में ₹2579 की भारी तेजी दर्ज की गई है। एमसीएक्स पर सोना ₹1,49,942 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,42,232 प्रति किलो पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए सोना न खरीदने की अपील और आयात शुल्क को 15% करने के बावजूद, शादियों के सीजन और अंतरराष्ट्रीय मिडिल-ईस्ट तनाव के कारण देश में सोने-चांदी की मांग और कीमतें लगातार रिकॉर्ड बना रही हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.