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1. त्रिपुरा का मामला: जंग लगे RO टैंक और दूषित पानी की सप्लाई
\r\n\r\nनिरीक्षण में सामने आई खतरनाक कमियां:
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- \r\n गंदगी और जाले: पानी की प्रोसेसिंग और बॉटलिंग यूनिट में भयंकर गंदगी पाई गई। दीवारों से पेंट उतर रहा था, छत पर मकड़ी के जाले फैले थे और कीट नियंत्रण (Pest Control) के कोई इंतजाम नहीं थे।\r\n \r\n
- \r\n जंग लगे उपकरण: पानी को साफ करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) स्टोरेज टैंक और केमिकल डोजिंग कंटेनर बुरी तरह जंग (Corroded) से ग्रस्त पाए गए, जिससे पानी में भारी धातुएं और जहर घुलने का खतरा था।\r\n \r\n
- \r\n असुरक्षित भंडारण: तैयार पानी की बोतलों को खुले में, बिना किसी ढकी जगह के, गैर-खाद्य सामग्री के साथ सीधे जमीन पर रखा गया था।\r\n \r\n
- \r\n दस्तावेजों में हेराफेरी: स्वच्छता, उपकरण रखरखाव और इंटरनल ऑडिट से जुड़े अनिवार्य रिकॉर्ड गायब मिले।\r\n \r\n
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2. पंजाब का मामला: दवा वाले केमिकल मिलाकर बेचा जा रहा था 'हेल्थ सप्लीमेंट'
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उत्पाद में पाई गई गैर-कानूनी खामियां:
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- \r\n प्रतिबंधित फार्मास्यूटिकल साल्ट: FSSAI की लैब जांच में पाया गया कि इस सप्लीमेंट में कैल्शियम डोबेसीलेट (Calcium Dobesilate), डियोस्मिन (Diosmin) और यूफोर्बिया प्रोस्ट्रेटा (Euphorbia Prostrata) जैसे औषधीय और एक्टिव केमिकल मिले हुए थे। कानूनन, खाद्य पूरक पदार्थों में इन तत्वों का प्रयोग सख्त वर्जित है।\r\n \r\n
- \r\n विटामिन C का खतरनाक ओवरडोज: उत्पाद में विटामिन C की मात्रा 90 mg पाई गई, जो आईसीएमआर-एनआईएन (ICMR-NIN) 2020 की गाइडलाइंस द्वारा निर्धारित दैनिक अनुशंसित खुराक (RDA) से कहीं अधिक है। इसका अत्यधिक सेवन किडनी और पेट संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है।\r\n \r\n
- \r\n भ्रामक लेबलिंग: कंपनी अपने प्रोडक्ट के नाम के ठीक नीचे FSSAI का लाइसेंस नंबर बड़े-बड़े अक्षरों में छापकर ग्राहकों को यह धोखा दे रही थी कि यह प्रोडक्ट सरकार से प्रमाणित स्वास्थ्यवर्धक सप्लीमेंट है।\r\n \r\n
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एक नजर में: दोनों कंपनियों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा
\r\n\r\n| \r\n कंपनी का नाम \r\n | \r\n \r\n राज्य / स्थान \r\n | \r\n \r\n उत्पाद का नाम \r\n | \r\n \r\n FSSAI का एक्शन \r\n | \r\n \r\n कार्रवाई का मुख्य कारण \r\n | \r\n
| \r\n एम/एस मातृ ड्रिंकिंग वॉटर \r\n | \r\n \r\n गोमती, त्रिपुरा \r\n | \r\n \r\n पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर \r\n | \r\n \r\n लाइसेंस निलंबित \r\n | \r\n \r\n दूषित पानी, जंग लगे RO टैंक, गंदगी और कीट नियंत्रण न होना। \r\n | \r\n
| \r\n एम/एस नोबल हेल्थकेयर \r\n | \r\n \r\n मोहाली, पंजाब \r\n | \r\n \r\n वेनोलेक्स फोर्टे (Venolex Forte) \r\n | \r\n \r\n उत्पादन व बिक्री पर रोक \r\n | \r\n \r\n अमान्य केमिकल, विटामिन C का ओवरडोज व भ्रामक दावे। \r\n | \r\n
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FSSAI की देशभर के खाद्य कारोबारियों को सख्त चेतावनी
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nFSSAI has suspended license of M/S Matri Drinking Water, Tripura & has issued prohibition order to M/S Noble Healthcare, Punjab for serious food safety violations.
\r\n— FSSAI (@fssaiindia) August 3, 2026
\r\nFSSAI continues to maintain strict enforcement across food sectors to protect consumer health.#FSSAINotice pic.twitter.com/bgoVH0xIEY
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\r\n\r\n\r\n"उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पैक्ड पानी में स्वच्छता मानकों की अनदेखी करना या सप्लीमेंट्स में अवैध दवाओं का मिश्रण करना अक्षम्य अपराध है। पूरे देश में ऐसे मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हमारा प्रवर्तन अभियान (Enforcement Drive) लगातार जारी रहेगा।" - FSSAI प्रवक्ता\r\n
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Sabse pehle comment karne wale banein.