नई दिल्ली: देश में मिलावटी खाद्य पदार्थों, असुरक्षित पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर और फर्जी हेल्थ सप्लीमेंट्स के खिलाफ भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली कंपनियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाते हुए FSSAI ने दो प्रमुख राज्यों—त्रिपुरा और पंजाब—की स्थापित निर्माण इकाइयों पर बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है।READ ALSO:-ब्रेकिंग न्यूज़: बिजनौर के नूरपुर में दो कारों की आमने-सामने भीषण भिड़ंत, चीख-पुकार के बीच कई लोग गंभीर रूप से घायल
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
नियामक संस्था ने त्रिपुरा स्थित एम/एस मातृ ड्रिंकिंग वॉटर (M/s Matri Drinking Water) का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। इसके साथ ही, पंजाब के मोहाली स्थित एम/एस नोबल हेल्थकेयर (M/s Noble Healthcare) द्वारा बनाए जा रहे हेल्थ सप्लीमेंट के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध (Prohibition) लगा दिया है। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

1. त्रिपुरा का मामला: जंग लगे RO टैंक और दूषित पानी की सप्लाई

\r\n\r\n
FSSAI द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, त्रिपुरा के गोमती जिले में स्थित एम/एस मातृ ड्रिंकिंग वॉटर के खिलाफ एक उपभोक्ता ने पैकेज्ड पानी में बाहरी तत्व (Foreign Materials/कचरा) होने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जब निर्माण इकाई पर औचक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

निरीक्षण में सामने आई खतरनाक कमियां:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    गंदगी और जाले: पानी की प्रोसेसिंग और बॉटलिंग यूनिट में भयंकर गंदगी पाई गई। दीवारों से पेंट उतर रहा था, छत पर मकड़ी के जाले फैले थे और कीट नियंत्रण (Pest Control) के कोई इंतजाम नहीं थे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जंग लगे उपकरण: पानी को साफ करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) स्टोरेज टैंक और केमिकल डोजिंग कंटेनर बुरी तरह जंग (Corroded) से ग्रस्त पाए गए, जिससे पानी में भारी धातुएं और जहर घुलने का खतरा था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    असुरक्षित भंडारण: तैयार पानी की बोतलों को खुले में, बिना किसी ढकी जगह के, गैर-खाद्य सामग्री के साथ सीधे जमीन पर रखा गया था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दस्तावेजों में हेराफेरी: स्वच्छता, उपकरण रखरखाव और इंटरनल ऑडिट से जुड़े अनिवार्य रिकॉर्ड गायब मिले।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इन गंभीर खामियों के सामने आने के बाद FSSAI ने आम जनता के स्वास्थ्य को खतरे में डालने के आरोप में इकाई का लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

2. पंजाब का मामला: दवा वाले केमिकल मिलाकर बेचा जा रहा था 'हेल्थ सप्लीमेंट'

\r\n\r\n
दूसरा मामला पंजाब के मोहाली का है, जहां एम/एस नोबल हेल्थकेयर नामक कंपनी अपने प्रोडक्ट 'वेनोलेक्स फोर्टे' (Venolex Forte) को "डाइट्री फूड सप्लीमेंट" के रूप में बाजार में बेच रही थी। जांच में पाया गया कि यह उत्पाद खाद्य सुरक्षा और मानक (स्वास्थ्य पूरक, न्यूट्रास्यूटिकल्स, आदि) नियम 2022 का खुला उल्लंघन कर रहा था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

उत्पाद में पाई गई गैर-कानूनी खामियां:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    प्रतिबंधित फार्मास्यूटिकल साल्ट: FSSAI की लैब जांच में पाया गया कि इस सप्लीमेंट में कैल्शियम डोबेसीलेट (Calcium Dobesilate), डियोस्मिन (Diosmin) और यूफोर्बिया प्रोस्ट्रेटा (Euphorbia Prostrata) जैसे औषधीय और एक्टिव केमिकल मिले हुए थे। कानूनन, खाद्य पूरक पदार्थों में इन तत्वों का प्रयोग सख्त वर्जित है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    विटामिन C का खतरनाक ओवरडोज: उत्पाद में विटामिन C की मात्रा 90 mg पाई गई, जो आईसीएमआर-एनआईएन (ICMR-NIN) 2020 की गाइडलाइंस द्वारा निर्धारित दैनिक अनुशंसित खुराक (RDA) से कहीं अधिक है। इसका अत्यधिक सेवन किडनी और पेट संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    भ्रामक लेबलिंग: कंपनी अपने प्रोडक्ट के नाम के ठीक नीचे FSSAI का लाइसेंस नंबर बड़े-बड़े अक्षरों में छापकर ग्राहकों को यह धोखा दे रही थी कि यह प्रोडक्ट सरकार से प्रमाणित स्वास्थ्यवर्धक सप्लीमेंट है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 की धारा 36(3)(b) के तहत कार्रवाई करते हुए 'वेनोलेक्स फोर्टे' के निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

एक नजर में: दोनों कंपनियों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा

\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
कंपनी का नाम
\r\n
\r\n
राज्य / स्थान
\r\n
\r\n
उत्पाद का नाम
\r\n
\r\n
FSSAI का एक्शन
\r\n
\r\n
कार्रवाई का मुख्य कारण
\r\n
\r\n
एम/एस मातृ ड्रिंकिंग वॉटर
\r\n
\r\n
गोमती, त्रिपुरा
\r\n
\r\n
पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर
\r\n
\r\n
लाइसेंस निलंबित
\r\n
\r\n
दूषित पानी, जंग लगे RO टैंक, गंदगी और कीट नियंत्रण न होना।
\r\n
\r\n
एम/एस नोबल हेल्थकेयर
\r\n
\r\n
मोहाली, पंजाब
\r\n
\r\n
वेनोलेक्स फोर्टे (Venolex Forte)
\r\n
\r\n
उत्पादन व बिक्री पर रोक
\r\n
\r\n
अमान्य केमिकल, विटामिन C का ओवरडोज व भ्रामक दावे।
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

FSSAI की देशभर के खाद्य कारोबारियों को सख्त चेतावनी

\r\n\r\n
इस बड़ी कार्रवाई के बाद FSSAI ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के जरिए देश के सभी खाद्य उत्पादकों, पानी की पैकेजिंग करने वाली कंपनियों और न्यूट्रास्यूटिकल निर्माताओं को कड़ा संदेश जारी किया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
\r\n
"उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पैक्ड पानी में स्वच्छता मानकों की अनदेखी करना या सप्लीमेंट्स में अवैध दवाओं का मिश्रण करना अक्षम्य अपराध है। पूरे देश में ऐसे मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हमारा प्रवर्तन अभियान (Enforcement Drive) लगातार जारी रहेगा।" - FSSAI प्रवक्ता
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

उपभोक्ताओं के लिए सलाह

\r\n\r\n
FSSAI ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे बाजार से पैक्ड वॉटर या कोई भी हेल्थ सप्लीमेंट खरीदते समय लेबल पर लिखे न्यूट्रिशनल वैल्यू और घटकों को ध्यान से पढ़ें। यदि किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो या पानी में कचरा/बदबू दिखाई दे, तो तुरंत FSSAI के 'स्मार्ट ऐप' या आधिकारिक पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें