बिजनौर (ग्राउंड रिपोर्ट - शकील अहमद): इंसान की जिंदगी कितनी अनिश्चित है, इसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता। कोई नहीं जानता कि कब, कहां और किस रूप में मौत सामने आकर खड़ी हो जाए। उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले से एक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला और दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई सन्न है।READ ALSO:-जौहर यूनिवर्सिटी पर 'सियासी महासंग्राम'! रामपुर कूच कर रहे पूर्व मंत्री ठाकुर मूलचंद चौहान को पुलिस ने किया 'हाउस अरेस्ट', धामपुर में पुलिस और सपाईयों के बीच भारी बवाल
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र (Noorpur Police Station) के अंतर्गत आने वाले गांव गोहावर हल्लू में गुरुवार की दोपहर मौत एक ऐसा खौफनाक रूप धरकर आई, जिसने पल भर में एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। घर पर आराम कर रहे एक युवक की हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आने से तड़प-तड़प कर जान चली गई। मौत की वजह कोई और नहीं, बल्कि जर्जर बिजली के तारों और उस पर कूदने वाला एक बंदर बना।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आइए जानते हैं कि आखिर उस मनहूस वक्त क्या हुआ था और कैसे एक बंदर की छलांग ने 3 मासूम बच्चों के सिर से उनके पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मौत की वह अचानक आई झपकी: कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?

\r\n\r\n
घटना गुरुवार दोपहर की है। गांव गोहावर हल्लू निवासी संजय (उम्र लगभग 30-35 वर्ष) अपने घर पर ही मौजूद थे और रोजमर्रा के कामकाज से फुर्सत पाकर आराम कर रहे थे। उस वक्त घर का माहौल बिल्कुल सामान्य था। बच्चे खेल रहे थे और घर के अन्य सदस्य अपने कामों में व्यस्त थे।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
मृतक की पत्नी कविता ने रोते हुए उस भयानक मंजर को बयां किया। उन्होंने बताया कि उनके घर के ऊपर/पास से ही बिजली की सप्लाई का एक तार गुजर रहा है। गुरुवार दोपहर अचानक गांव में घूमने वाले बंदरों का एक झुंड वहां आ गया। इसी दौरान एक भारी-भरकम बंदर तेजी से उस बिजली के तार पर कूद गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
तार पहले से ही जर्जर स्थिति में था और बंदर का वजन व छलांग का झटका वह सह नहीं सका। तार अचानक तेज आवाज के साथ टूट गया और सीधे नीचे आराम कर रहे संजय के शरीर पर आ गिरा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अस्पताल पहुंचने से पहले ही उखड़ गईं सांसें

\r\n\r\n
तार के गिरते ही संजय के शरीर में हाई-वोल्टेज करंट दौड़ गया। करंट का झटका इतना भयंकर था कि संजय को संभलने का मौका ही नहीं मिला। उनकी चीख सुनकर पत्नी और घर के अन्य लोग दौड़े, लेकिन करंट के खौफ से कोई तुरंत उनके पास नहीं जा सका।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जैसे-तैसे किसी सूखी लकड़ी या डंडे की मदद से तार को हटाया गया, लेकिन तब तक संजय अचेत होकर जमीन पर गिर चुके थे। बदहवास परिजन तुरंत गांव वालों की मदद से उन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल (Hospital) लेकर भागे। उन्हें उम्मीद थी कि शायद उनकी सांसें बच जाएं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने संजय की जांच की और उन्हें मृत घोषित (Brought Dead) कर दिया। मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार मच गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, बीमार माता-पिता बेसहारा

\r\n\r\n
इस खौफनाक हादसे ने सिर्फ संजय की जान नहीं ली, बल्कि उसके पूरे परिवार को जीते जी मार दिया है। संजय ही अपने घर में आजीविका चलाने वाला मुख्य सहारा था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पत्नी का दर्द: संजय अपने पीछे अपनी पत्नी कविता को छोड़ गए हैं, जिसका रो-रोकर बुरा हाल है। बार-बार वह बेहोश हो रही है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मासूम बच्चे: संजय के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिन्हें अभी यह भी ठीक से समझ नहीं आ रहा है कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके उज्जवल भविष्य पर अचानक ग्रहण लग गया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बीमार बुजुर्ग माता-पिता: मृतक संजय की बूढ़ी मां संतोष ने बिलखते हुए बताया कि वे दोनों (सास-ससुर) गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। मां संतोष की रीढ़ की हड्डी (Spine) में भारी दिक्कत है, जिसके चलते वह चलने-फिरने में भी मोहताज हैं। बुढ़ापे की लाठी छिन जाने से अब इन बुजुर्गों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस की जांच शुरू, पीड़ित परिवार की सरकार से मुआवजे की गुहार

\r\n\r\n
घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम की लहर दौड़ गई। भारी संख्या में ग्रामीण संजय के घर के बाहर जमा हो गए। सूचना डायल 112 और स्थानीय मुखबिरों के जरिए पुलिस को दी गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौके पर पहुंची नूरपुर थाना पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। पुलिस ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए पंचनामा भरने की कार्रवाई की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम (Post-mortem) के लिए बिजनौर जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मुआवजे की मांग: इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन (DM Bijnor) से तत्काल आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे (Compensation) की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि संजय की मौत एक 'सिस्टमेटिक फेल्योर' (जर्जर तार) के कारण हुई है। सरकार को इन 3 अनाथ बच्चों की पढ़ाई और बीमार बुजुर्ग माता-पिता के इलाज के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देना चाहिए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बंदरों का आतंक और जर्जर तार: एक जानलेवा कॉम्बिनेशन (Editorial Note)

\r\n\r\n
यह घटना ग्रामीण उत्तर प्रदेश में एक बहुत बड़ी समस्या की ओर भी ध्यान खींचती है। गांवों में बिजली के तार अक्सर बहुत नीचे और जर्जर हालत में झूलते रहते हैं। ऊपर से बंदरों का आतंक गांवों में इतना बढ़ गया है कि आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। बिजली विभाग (UPPCL) को चाहिए कि वह ग्रामीण इलाकों में झूलते तारों को दुरुस्त करे या भूमिगत (Underground) केबल बिछाए, ताकि भविष्य में फिर किसी 'संजय' को अपनी जान न गंवानी पड़े।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
गोहावर हल्लू गांव में पसरा सन्नाटा और उस घर से उठ रही चीखें प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगा रही हैं। अब यह देखना होगा कि स्थानीय विधायक, सांसद और जिला प्रशासन इस पीड़ित परिवार की मदद के लिए कब तक अपने हाथ आगे बढ़ाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें