\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\n\r\n@Shakeel57767846 बिजनौर के स्योहारा में जमाल शेख द्वारा बड़े पैमाने पर किए जा रहे छोटी गौरैया संरक्षण अभियान को देखने खुद जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर उनके घर पहुंचीं। संपूर्ण समाधान दिवस के बाद DM ने पर्यावरण बचाने की इस मुहिम की जमकर तारीफ की और मीडिया को बाइट दी। pic.twitter.com/nC2bqjUjuM
\r\n— MK Vashisth (@vadhisth) May 2, 2026
\r\n\r\n
संपूर्ण समाधान दिवस के बाद सीधे स्योहारा पहुंचीं DM
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
- \r\n
- \r\n तहसील धामपुर में आयोजन: जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर सुबह से ही तहसील धामपुर में आयोजित 'संपूर्ण समाधान दिवस' (Sampoorna Samadhan Diwas) में जनता की समस्याएं सुन रही थीं और उनका निस्तारण कर रही थीं।\r\n \r\n
- \r\n जमाल शेख के घर अचानक दौरा: समाधान दिवस की समाप्ति के बाद, डीएम जसजीत कौर का काफिला सीधे स्योहारा कस्बे की तरफ मुड़ गया। वे बिना किसी बड़े तामझाम के स्योहारा निवासी जमाल शेख के आवास पर पहुंचीं। प्रशासन की मुखिया को अचानक अपने घर और आंगन में देखकर जमाल शेख और उनका परिवार भी खुशी से गदगद हो गया।\r\n \r\n
\r\n\r\n
बड़े पैमाने पर 'गौरैया पालन एवं संरक्षण' का किया अवलोकन
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
- \r\n
- \r\n सुरक्षित घोंसले और दाना-पानी: जमाल शेख ने अपने घर में छोटी गौरैया के लिए विशेष रूप से लकड़ी और मिट्टी के कृत्रिम घोंसले (Artificial Nests) बनवाए हैं। इसके अलावा गर्मी के मौसम को देखते हुए जगह-जगह पर दाना और साफ पानी रखने की अचूक व्यवस्था की गई है।\r\n \r\n
- \r\n बड़ी संख्या में चिड़ियों का बसेरा: डीएम ने देखा कि जमाल के घर के आंगन में सैकड़ों की संख्या में नन्हीं गौरैया बिना किसी डर के चहचहा रही हैं और दाना चुग रही हैं। एक ऐसे दौर में जब शहरों में एक गौरैया दिखना भी दुर्लभ हो गया है, वहां इतनी बड़ी संख्या में इन चिड़ियों का संरक्षण देखना प्रशासन के लिए भी एक सुखद आश्चर्य था।\r\n \r\n
\r\n\r\n
DM जसजीत कौर ने जमाल शेख को दी बधाई और की तारीफ
\r\n\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
गौरैया संरक्षण क्यों है जरूरी? (पर्यावरणीय महत्व)
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n जैव विविधता (Biodiversity): गौरैया हमारे इको-सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े-मकोड़ों को खाकर किसानों की मदद करती है।\r\n \r\n
- \r\n विलुप्ति का खतरा: शहरीकरण, पेड़ों की कटाई और रसायनों (Pesticides) के अत्यधिक उपयोग के कारण यह मासूम पक्षी विलुप्ति की कगार पर है। जमाल शेख जैसे लोगों के प्रयास ही इन्हें बचा सकते हैं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
हम सब के लिए एक प्रेरणा
\r\n\r\n\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.