बिजनौर (क्राइम डेस्क रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश में अपराधियों और अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों के खिलाफ योगी सरकार और यूपी पुलिस का 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में बिजनौर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े निर्देशों का पालन करते हुए, धामपुर थाना पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। धामपुर पुलिस टीम ने इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो अपने पास अवैध हथियार (तमंचा) और जिंदा कारतूस लेकर घूम रहा था।READ ALSO:-बिजनौर के नजीबाबाद न्यायालय में सुनहरा व्यापारिक मौका: कैंटीन और फोटोस्टेट ठेके की नीलामी का ऐलान, 17 से 27 अगस्त तक जमा करें सीलबंद निविदा!
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पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने इलाके में किसी भी संभावित आपराधिक घटना को होने से पहले ही टाल दिया है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं (आर्म्स एक्ट) में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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कैसे हुई गिरफ्तारी? चेकिंग देखकर भागने की फिराक में था आरोपी

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अक्सर देखा गया है कि त्योहारों और कांवड़ यात्रा जैसे संवेदनशील समय में अपराधी सक्रिय होने का प्रयास करते हैं। इसे देखते हुए बिजनौर पुलिस इन दिनों पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर है। जिले के सभी प्रवेश द्वारों, प्रमुख चौराहों और सुनसान रास्तों पर पुलिस की नियमित गश्त और संदिग्ध वाहनों/व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, धामपुर थाना प्रभारी (SHO) के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए गश्त कर रही थी। इसी दौरान, पुलिस टीम को एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता हुआ दिखाई दिया। पुलिस की जीप और वर्दीधारी जवानों को अपनी ओर आता देख वह व्यक्ति घबरा गया और तेज कदमों से अपना रास्ता बदलकर वहां से भागने का प्रयास करने लगा।
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पुलिस कर्मियों को उसकी इस हरकत पर शक हुआ। टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और कुछ ही दूरी पर पीछा करके उस संदिग्ध व्यक्ति को धर दबोचा।
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तलाशी में निकला मौत का सामान: 315 बोर का तमंचा और कारतूस बरामद

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जब पुलिस टीम ने पकड़े गए संदिग्ध से उसकी घबराहट और भागने का कारण पूछा, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने लगा। इसके बाद पुलिस ने नियमों के तहत उसकी जामा तलाशी (Physical Search) ली।
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तलाशी के दौरान पुलिस के भी होश उड़ गए। आरोपी ने अपने कपड़ों के अंदर छिपाकर एक 315 बोर का अवैध देसी तमंचा (Country-made Pistol) रखा हुआ था। इतना ही नहीं, तमंचे के साथ उसकी जेब से एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया। यह तमंचा पूरी तरह से चालू हालत में था और इसे किसी भी समय फायर करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। पुलिस ने तुरंत हथियार को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर धामपुर थाने ले आई।
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पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम शिवम रस्तोगी बताया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि शिवम रस्तोगी यह अवैध हथियार कहां से लाया था और इसका क्या उद्देश्य था? क्या वह किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में था या हथियार तस्करी के किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ है?
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कानूनी कार्रवाई: आर्म्स एक्ट (Arms Act) के तहत दर्ज हुई FIR

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अवैध हथियार रखना, बनाना या बेचना भारतीय कानून के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। धामपुर पुलिस ने बरामद किए गए तमंचे और कारतूस के आधार पर आरोपी शिवम रस्तोगी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की है।
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थाना धामपुर में आरोपी के विरुद्ध शस्त्र अधिनियम (Arms Act, 1959) की संबंधित और गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से अदालत के आदेश पर उसे जेल (न्यायिक हिरासत) भेज दिया गया है।
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क्या है आर्म्स एक्ट (Arms Act)? भारत में शस्त्र अधिनियम (Arms Act) उन लोगों के खिलाफ लगाया जाता है जो बिना लाइसेंस के गैर-कानूनी तरीके से आग्नेयास्त्र (Firearms) या अन्य घातक हथियार रखते हैं। अवैध देसी तमंचा रखना अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना और कई वर्षों की कठोर कारावास की सजा का प्रावधान है।
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अवैध हथियारों के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है बिजनौर पुलिस

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अवैध देसी तमंचों का निर्माण और खरीद-फरोख्त एक पुरानी समस्या रही है। छोटी-मोटी रंजिशों, जमीनी विवादों या लूटपाट की घटनाओं में अक्सर इन्ही 315 बोर के देसी तमंचों का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इन्हें छुपाना और स्थानीय स्तर पर खरीदना आसान होता है।
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लेकिन हाल के दिनों में बिजनौर पुलिस ने इस नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए विशेष 'ऑपरेशन क्लीन' चलाया हुआ है। पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश हैं कि अवैध हथियारों के साथ पकड़े जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए और यह पता लगाया जाए कि हथियार सप्लायर कौन है। धामपुर पुलिस की यह कार्रवाई उसी 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एक अहम हिस्सा है।
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पुलिस की जनता से अपील: "संदिग्धों की जानकारी तुरंत दें"

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धामपुर पुलिस की इस सफल कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों और व्यापारियों से भी अपील की है कि अपराध मुक्त समाज बनाने के लिए पुलिस का सहयोग करें।
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अधिकारियों ने कहा है, "यदि आपके आस-पास कोई भी व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में घूमता दिखाई दे, या आपको किसी के पास अवैध हथियार होने की गुप्त सूचना मिले, तो तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या डायल 112 पर इसकी सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।"
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बिजनौर की धामपुर पुलिस द्वारा शिवम रस्तोगी की गिरफ्तारी इस बात का स्पष्ट संदेश है कि जिले में गैर-कानूनी गतिविधियों और अवैध हथियारों का कोई स्थान नहीं है। पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा हथियार बरामद हुआ है, जिसने निश्चित रूप से इलाके को एक संभावित खतरे से बचा लिया है। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड और बैकग्राउंड की जांच कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों तक भी पहुंचा जा सके।
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