उत्तर प्रदेश में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है, लेकिन इसके बावजूद पुरानी रंजिश और आपसी दुश्मनी के चलते कुछ अपराधी खौफनाक वारदातों को अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा और बेहद सनसनीखेज मामला पश्चिमी यूपी के बिजनौर (Bijnor) जिले से सामने आया है। यहां शहर कोतवाली क्षेत्र में एक ऐसी घटना घटी है जिसने पूरे इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। करीब तीन दशक (30 साल) पुरानी एक गवाही की रंजिश ने आज एक हिंसक और जानलेवा रूप धारण कर लिया। एक सिरफिरे हमलावर ने न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि बेखौफ होकर एक निहत्थी महिला पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हालांकि, बिजनौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आइए, जानते हैं इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात की पूरी कहानी और इसके पीछे छिपे उस तीन दशक पुराने खौफनाक राज को।READ ALSO:-इलाहाबाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: पहली पत्नी के रहते बिना सबूत दूसरी शादी या 'लिव-इन' को मान्यता नहीं, गुजारा भत्ता देने से इनकार
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बुधवार की शाम और वो खौफनाक मंजर: घर में घुसकर मारी दो गोलियां

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यह दिल दहला देने वाली घटना बिजनौर के शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव गुजरपुरा की है। जानकारी के अनुसार, गांव की रहने वाली रेखा (पत्नी स्वर्गीय रमेश सिंह) बुधवार की शाम अपने घर पर मौजूद थीं। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन तभी गांव का ही रहने वाला चंद्रशेखर उर्फ शेखर हाथ में तमंचा लिए जबरन उनके घर में घुस आया। इससे पहले कि रेखा कुछ समझ पातीं या बचाव के लिए शोर मचा पातीं, आरोपी ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
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आरोपी चंद्रशेखर ने बिना कोई मौका दिए रेखा पर कथित तौर पर दो फायर झोंक दिए। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा गांव गूंज उठा। गोली लगने से रेखा लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से हथियार लहराते हुए फरार हो गया। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग और महिला के परिजन दौड़कर वहां पहुंचे। खून से लथपथ रेखा को आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत मेरठ (Meerut) के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया। फिलहाल महिला जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।
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एफआईआर दर्ज और पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन

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इस दुस्साहसिक वारदात की सूचना मिलते ही बिजनौर शहर कोतवाली पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। घायल महिला रेखा के बेटे संजय कुमार ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
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बेटे संजय कुमार की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी चंद्रशेखर उर्फ शेखर और उसके एक नाबालिग बेटे के खिलाफ गंभीर धाराओं में जानलेवा हमले (Attempt to Murder) का मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया और संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश देना शुरू कर दिया।
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मुखबिर की सटीक सूचना और आरोपी की गिरफ्तारी

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बिजनौर पुलिस आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। इसी बीच रविवार को शहर कोतवाली पुलिस को अपने एक खास मुखबिर से बेहद अहम और सटीक सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि गोलीकांड का मुख्य आरोपी चंद्रशेखर उर्फ शेखर रेलवे स्टेशन रोड स्थित वर्धमान कॉलेज के पीछे वाले इलाके में छिपा हुआ है और कहीं भागने की फिराक में है।
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सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए इलाके की घेराबंदी कर ली। पुलिस की चाक-चौबंद घेराबंदी के आगे आरोपी की एक न चली और उसे वर्धमान कॉलेज के पीछे से दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हथियार छिपाने की जगह भी उगल दी।
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शीशम के पेड़ के नीचे छिपाए थे मौत के हथियार

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आरोपी चंद्रशेखर की निशानदेही पर पुलिस टीम नगीना रोड पर पहुंची। वहां एक शीशम के पेड़ के नीचे मिट्टी में छिपाकर रखे गए वारदात में इस्तेमाल किए गए दो अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद कर लिए गए। इन हथियारों की बरामदगी पुलिस के लिए एक बड़ा सबूत है, जो कोर्ट में आरोपी को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा। हथियारों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
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क्या थी वो 30 साल पुरानी रंजिश जिसने करवाया ये खूनी खेल?

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इस पूरी वारदात के पीछे का सबसे हैरान करने वाला पहलू वह दुश्मनी है जो पिछले 30 सालों से आरोपी के मन में सुलग रही थी। शहर कोतवाल अवनीत मान ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस जानलेवा हमले की जड़ें तीन दशक पुराने एक केस से जुड़ी हुई हैं।
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पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी चंद्रशेखर के पिता के खिलाफ करीब 30 वर्ष पहले दुष्कर्म (Rape) का एक गंभीर मुकदमा दर्ज हुआ था। उस समय, पीड़ित महिला (घायल रेखा) के पति स्वर्गीय रमेश सिंह ने अदालत में चंद्रशेखर के पिता के खिलाफ अहम गवाही दी थी। इसी गवाही के आधार पर मामला मजबूती से चला और आरोपी का पिता पिछले एक वर्ष से अधिक समय से इसी मामले में जेल की हवा खा रहा है।
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अपने पिता के जेल जाने और उस 30 साल पुरानी गवाही का बदला लेने के लिए ही चंद्रशेखर के मन में नफरत का बीज पनप रहा था। इसी रंजिश के चलते उसने रमेश सिंह की विधवा पत्नी रेखा को निशाना बनाया और उनकी जान लेने की नीयत से उन पर हमला कर दिया।
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आदतन अपराधी है चंद्रशेखर, खंगाला जा रहा है पूरा आपराधिक इतिहास

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पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किया गया आरोपी चंद्रशेखर उर्फ शेखर कोई नौसिखिया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ पहले भी जानलेवा हमले, मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। वह एक आदतन अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो कानून को हाथ में लेने से नहीं हिचकिचाता।
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फिलहाल पुलिस उसके पूरे आपराधिक इतिहास (Criminal Record) का कच्चा-चिट्ठा खंगाल रही है, ताकि उस पर गैंगस्टर या गुंडा एक्ट जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सके। पुलिस ने आरोपी को सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से मजिस्ट्रेट ने साक्ष्यों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे सीधे जेल भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई से बिजनौर पुलिस ने यह कड़ा संदेश दिया है कि अपराध चाहे किसी भी वजह से किया गया हो, अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है और उन्हें हर हाल में सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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