बिजनौर (प्रशासनिक डेस्क): उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में इन दिनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात और जलभराव की समस्याएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में बिजनौर जिले में भी जिला प्रशासन ने किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। जनपद की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बुधवार को खुद मैदानी मोर्चे पर उतरने का निर्णय लिया।READ ALSO:-बिजनौर में मानसून का असर: संभावित बाढ़ क्षेत्रों का एसडीएम सदर व धामपुर ने किया धरातलीय निरीक्षण, प्रशासन ने जारी किए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम नंबर
\r\n\r\n\r\n\r\n
बुधवार को जिलाधिकारी ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के एक दल के साथ नगीना तहसील के अंतर्गत आने वाले बाढ़-संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), उपजिलाधिकारी नगीना, क्षेत्राधिकारी (CO) नगीना, नायब तहसीलदार बढ़ापुर एवं नगीना के अलावा विभिन्न संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों के इस दल ने ग्राम मुरादबख्शपुर उर्फ मतवाली और कादरगंज का बारीकी से दौरा किया। आइए जानते हैं कि इस पूरे दौरे के दौरान क्या कुछ खास रहा और प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए गए हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मंगलवार की रात मची अफरा-तफरी और प्रशासनिक तत्परता
\r\n\r\nइस पूरे दौरे की पृष्ठभूमि मंगलवार की एक घटना से जुड़ी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को तहसील नगीना के परगना बढ़ापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुरादबख्शपुर उर्फ मतवाली में अचानक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। पानी का दबाव इतना अधिक था कि वह गांवों के अंदरूनी हिस्सों और रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने लगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n@Shakeel57767846 बिजनौर में बाढ़ के हालात का जायजा लेने DM जसजीत कौर ने नगीना तहसील के प्रभावित गांवों का दौरा किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर अधिकारियों ने स्थिति परखी और ग्रामीणों व वन गुर्जरों को सुरक्षा का भरोसा दिया। pic.twitter.com/aoCuPXgrcQ
\r\n— MK Vashisth (@vadhisth) August 19, 2026
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
अचानक पानी भरने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, सतर्कता दिखाते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना उपजिलाधिकारी नगीना को दी। प्रशासनिक तंत्र की कार्यकुशलता देखिए कि सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी नगीना अपनी पूरी राजस्व टीम के साथ कुछ ही समय में मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्यों की अगुवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू कर दिए थे, जिससे किसी भी प्रकार के बड़े नुकसान को समय रहते टाल लिया गया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर पहुंचे अधिकारी, परखा जमीनी सच
\r\n\r\nजलस्तर बढ़ने और रास्तों में पानी भर जाने के कारण सामान्य प्रशासनिक गाड़ियों का अंदरूनी इलाकों तक पहुंचना बेहद कठिन था। इस चुनौती से पार पाने के लिए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने एक अनूठी पहल की। प्रशासनिक अमला पारंपरिक लग्जरी गाड़ियों को छोड़कर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार हो गया।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बैठकर डीएम और अन्य अधिकारियों ने उफनती नदी के तटों का भ्रमण किया और पानी के बहाव की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने यह भी परखा कि तटबंधों पर पानी का कितना दबाव है और कहां-कहां सुरक्षात्मक उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर जिला मुखिया को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा और अधिक मजबूत हुआ।
\r\n\r\n\r\n\r\n
ग्रामीणों और वन गुर्जर समुदाय से सीधा संवाद
\r\n\r\nनिरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर ने केवल दूर से हालात नहीं देखे, बल्कि वे सीधे आम जनता के बीच गईं। उन्होंने ग्राम मुरादबख्शपुर और कादरगंज के प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को बेहद गंभीरतापूर्वक सुना।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस दौरान विशेष रूप से उस इलाके में निवासरत वन गुर्जर समुदाय के लोगों से भी विस्तृत बातचीत की गई। प्रशासन ने वन गुर्जरों की दैनिक आवश्यकताओं, उनकी समस्याओं और मौजूदा हालात में उन्हें आ रही कठिनाइयों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने सभी ग्रामीणों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मौजूदा मानसून सीजन के दौरान वे पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नदी के तट से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें और पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अधिकारियों को दिए गए सख्त और त्वरित निर्देश
\r\n\r\nदौरे के अंत में जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद सभी संबंधित विभागों (सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग) के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निसातारण सुनिश्चित किया जाए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
डीएम ने कहा कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर 24 घंटे पैनी नजर रखे हुए है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राहत सामग्री, चिकित्सा दल और बचाव उपकरणों को पूरी तरह तैयार रखा गया है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशील तटबंधों पर लगातार निगरानी रखें और जहां भी कमजोरी दिखाई दे, तुरंत मज़बूती के उपाय किए जाएं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रशासनिक संदेश
\r\n\r\nसंक्षेप में कहें तो, बिजनौर जिला प्रशासन ने यह साबित कर दिया है कि आपदा प्रबंधन केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिकारी धरातल पर उतरकर खुद सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। डीएम जसजीत कौर का ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अमला पूरी तरह मुस्तैद है। स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और आपातकाल की स्थिति में तुरंत प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.