खबरीलाल क्राइम डेस्क, बिजनौर: बिजनौर जिले के नजीबाबाद थाना क्षेत्र में पिछले 3 दिनों से चल रहा तलाश अभियान रविवार को एक दुखद अंत के साथ खत्म हुआ। ग्राम जहानाबाद के रहने वाले 38 वर्षीय युवक कृष्णा का शव रविवार (26 जुलाई) को गंग नहर में तैरता हुआ पाया गया।READ ALSO:-मुरादाबाद, बिजनौर, देहरादून और हरिद्वार समेत कई प्रमुख मार्गों पर रोडवेज का सफर हुआ महंगा! कांवड़ यात्रा रूट डायवर्जन के चलते 30 जुलाई से पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
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कृष्णा 24 जुलाई की शाम से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। शव मिलने के बाद से ही उसके घर में कोहराम मचा हुआ है। हालांकि, पुलिस इस मामले को डूबने या आत्महत्या के एंगल से देख रही थी, लेकिन मृतक की पत्नी के संगीन आरोपों ने इस घटना को एक संभावित हत्याकांड (Murder Mystery) में तब्दील कर दिया है।
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1. कैसे हुई शुरुआत? नहर किनारे मिले कपड़े और बाइक

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घटनाक्रम की शुरुआत 24 जुलाई की शाम करीब 5 बजे हुई। परिजनों के मुताबिक, कृष्णा घर से निकला था लेकिन देर शाम तक वापस नहीं आया। तलाश करने पर कृष्णा की मोटरसाइकिल (Bike), उसके कपड़े, मोबाइल फोन और पर्स गंग नहर के किनारे लावारिस हालत में पड़े मिले।
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नहर किनारे सामान मिलने के बाद परिजनों ने आशंका जताई कि कृष्णा नहर में डूब गया है। सूचना मिलते ही नजीबाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों से प्रारंभिक पूछताछ भी की।
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2. NDRF और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन (The Search Operation)

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मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
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    पानी का बहाव रोका गया: 25 जुलाई की सुबह एसडीएम (SDM) नजीबाबाद शैलेंद्र कुमार के निर्देश पर गंग नहर में पीछे से पानी का बहाव कुछ समय के लिए रुकवाया गया ताकि तलाश में आसानी हो सके।
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    रेस्क्यू टीम: इसके बाद एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीम और स्थानीय गोताखोरों ने नहर के गहरे पानी में सघन सर्च ऑपरेशन (Search Operation) चलाया।
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    शव की बरामदगी: काफी प्रयासों और 48 घंटे की मशक्कत के बाद, 26 जुलाई (रविवार) को कुछ ग्रामीणों ने नहर में एक शव तैरता हुआ देखा। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला, जिसकी शिनाख्त लापता कृष्णा के रूप में हुई।
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3. चार मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

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मृतक कृष्णा पेशे से एक पेंटर था और अपनी दिन-रात की मेहनत से परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी गीता और चार छोटे बच्चे हैं।
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    तीन बेटियां (उम्र 14, 12 और 10 वर्ष)
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    एक बेटा (उम्र 8 वर्ष)
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सभी बच्चे अभी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। कृष्णा ही इस परिवार का एकमात्र सहारा था। उसकी मौत के बाद पत्नी गीता बेसुध है और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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4. पत्नी का सनसनीखेज आरोप: "मेरे पति नहर में कूदे नहीं, उन्हें मारा गया है"

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जैसे ही कृष्णा का शव घर पहुंचा, उसकी पत्नी गीता ने पुलिस और प्रशासन के सामने एक बड़ा और सनसनीखेज खुलासा किया। गीता ने साफ तौर पर गांव के ही एक व्यक्ति पर अपने पति की हत्या (Murder) करने का आरोप लगाया है।
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गीता का कहना है कि कृष्णा आत्महत्या नहीं कर सकता था। उसके सामान को नहर किनारे जानबूझकर रखा गया था ताकि इसे आत्महत्या या हादसे का रूप दिया जा सके। गीता ने पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की सख्त मांग की है।
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5. क्या कहता है प्रशासन? (Police & Administration's Stand)

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इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीएम (SDM) शैलेंद्र कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया: "24 जुलाई को जब कृष्णा का मोबाइल, पर्स, कपड़े और मोटरसाइकिल नहर किनारे मिले थे, तब किसी भी प्रत्यक्षदर्शी ने उसे नहर में उतरते या डूबते हुए नहीं देखा था। इसलिए यह केवल एक अनुमान था कि वह शायद नहर में कूदा होगा। अब चूंकि उसका शव बरामद हो गया है, पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।"
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पत्नी के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि मौत का असली कारण क्या था— डूबना (Drowning) या हत्या (Homicide)। रिपोर्ट आने और आगे की जांच के आधार पर ही उचित कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाएगी।
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कृष्णा की मौत एक हादसा है, आत्महत्या है, या फिर कोई सोची-समझी हत्या की साजिश? यह सवाल अब नजीबाबाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी पहेली बन गया है। चार छोटे बच्चों की आंखों के आंसू पुलिस प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। खबरीलाल न्यूज़ इस संवेदनशील मामले की हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है और पुलिस की अगली कार्रवाई से आपको रूबरू कराता रहेगा।
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