जनपद बिजनौर के थाना कोतवाली शहर पुलिस ने कानून और रिश्ते-नातों को शर्मसार कर देने वाले एक खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। 7 अगस्त 2026 को हुई बुजुर्ग अनिल सोती की हत्या कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि महीनों से बुना जा रहा एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश करते हुए हत्याकांड को अंजाम देने वाली मुख्य आरोपी महिला क्लर्क समेत चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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​कत्ल की शुरुआत: 7 अगस्त को दर्ज हुआ था मुकदमा

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​घटना का क्रम 7 अगस्त 2026 से शुरू होता है। नई दिल्ली के मयूर विहार फेज-2 निवासी आलोक शर्मा पुत्र स्वर्गीय राम अवतार शर्मा ने थाना कोतवाली शहर बिजनौर में लिखित तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके चाचा अनिल कुमार (अनिल सोती) की संपत्ति हड़पने व रंजिश के चलते आरोपी गौरव सोती (पुत्र स्व. अश्वनी कुमार सोती), प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना, सुनील खन्ना, नावेद तथा अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर हत्या कर दी है।
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​प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया:

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    ​मुकदमा संख्या: मु0अ0सं0 618/2026
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    ​धाराएं: धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS)
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​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बिजनौर ने कोतवाली नगर पुलिस के साथ-साथ सर्विलांस और स्वाट (SWAT) टीम को जांच में लगा दिया।
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​ज़मीनी रंजिश और वकील के दिमाग की खौफनाक उपज

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​विवेचनात्मक कार्रवाई और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जब पुलिस ने मामले की परतों को उधेड़ना शुरू किया, तो कहानी में पूरी तरह नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया।
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पूछताछ में पकड़ी गई आरोपी महिला नीशा उर्फ अंजुम परवीन ने पूरी साजिश का खुलासा किया:
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    ​ज़मीन का विवाद: नीशा पिछले लगभग एक साल से झांसी के निवासी और बिजनौर में वकालत करने वाले अधिवक्ता राजन नारायण के पास क्लर्क के रूप में काम कर रही थी।
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    ​चाचा और भतीजे का विवाद: वकील राजन नारायण का एक बड़ा क्लाइंट गौरव सोती था। गौरव सोती की बिजनौर में कीमती ज़मीन थी, और उसके बेऔलाद चाचा अनिल सोती की ज़मीन भी गौरव की ज़मीन से सटी हुई थी। अनिल सोती के कोई संतान न होने के कारण उनकी संपत्ति पर गौरव सोती अपना वारिसान हक मानता था।
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    ​वकील की घबराहट: दोनों पक्षों के बीच कुराबंदी (ज़मीन के बंटवारे) का मामला न्यायालय में लंबित था। इसके लिए गौरव सोती ने अधिवक्ता राजन नारायण को अच्छी-खासी रकम तय कर रखी थी। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी फैसला न होने से गौरव सोती अपने वकील राजन नारायण से बेहद नाराज हो गया था।
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    ​₹10 लाख की सुपारी का ऑफर: वकील राजन नारायण को डर सताने लगा कि अगर काम समय पर नहीं हुआ तो इतना मोटा पैसा देने वाला क्लाइंट उनके हाथ से निकल जाएगा। इस डर से वकील ने पहले अनिल सोती को झूठे मुकदमों में फंसाने का प्लान बनाया, लेकिन जब उसमें सफलता नहीं मिली, तो उसने अपनी क्लर्क नीशा को अनिल सोती को रास्ते से हटाने (हत्या करने) का सौदा ₹10 लाख में तय कर दिया।
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    ​₹80,000 एडवांस: वकील ने नीशा को हत्या की एडवांस राशि (पेशगी) के रूप में ₹80,000 नकद भी दिए थे।
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दिल्ली से बिजनौर आकर काले नाड़े से घोंटा गला

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​₹10 लाख के लालच में अंधी हो चुकी नीशा ने हत्या के इस खौफनाक खेल में अपने परिजनों और परिचितों को भी शामिल कर लिया।
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    ​1 अगस्त 2026 (रेकी): नीशा के कहने पर उसके भाई अलीमुद्दीन ने बिजनौर पहुंचकर अनिल सोती के घर और उनके आने-जाने के रास्तों की पूरी रेकी की।
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    ​6 अगस्त 2026 (वारदात की रात): नीशा, उसका भाई अलीमुद्दीन और बहन हीना दिल्ली से एक किराए की टैक्सी लेकर बिजनौर पहुंचे। वहां उन्होंने अपने परिचित सुभाष (निवासी ढरियापुर, नूरपुर) को भी मौके पर बुला लिया।
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    ​हत्या का तरीका: योजना के मुताबिक अलीमुद्दीन, हीना और सुभाष घर के बाहर सड़क पर निगरानी (रेकी) करते रहे। मौका पाकर नीशा चुपके से अनिल सोती के घर के भीतर दाखिल हुई और उसने काले रंग के नाड़े से गला घोंटकर बुजुर्ग अनिल सोती की बेरहमी से हत्या कर दी।
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    ​फरार होना: वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी तुरंत बिजनौर से नूरपुर पहुंचे और वहां से टैक्सी बदलकर वापस दिल्ली भाग निकले।
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​पुलिस का एक्शन: 18 अगस्त को 4 आरोपी गिरफ्तार

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हत्याकांड के बाद जब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तेज की और मुख्य साजिशकर्ताओं के नाम सामने आए, तो मामले में धारा 61(2) BNS की वृद्धि की गई।
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​18 अगस्त 2026 को मुखबिर की सूचना और सर्विलांस की मदद से पुलिस टीम ने चारों आरोपियों को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया जब वे मुकदमा दर्ज होने की खबर पाकर अपने वकील से मिलने बिजनौर आए हुए थे।
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​गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

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    ​नीशा उर्फ अंजुम परवीन पत्नी आरिफ (निवासी: A7/145 राजवीर कॉलोनी, घरोली एक्सटेंशन, थाना गाजीपुर, दिल्ली)।
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  3. \r\n
    ​अलीमुद्दीन पुत्र अकबर (निवासी: खोड़ा कॉलोनी, दिल्ली; स्थायी पता: ग्राम ढरियापुर, थाना नूरपुर, बिजनौर)।
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    ​सुभाष पुत्र विजय सिंह (निवासी: ग्राम ढरियापुर, थाना नूरपुर, बिजनौर)।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    ​हीना पुत्री मौ० अकबर (निवासी: A7/145 राजवीर कॉलोनी, घरोली एक्सटेंशन, थाना गाजीपुर, दिल्ली)।
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  8. \r\n
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​वांछित (फरार) अभियुक्त:

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    ​राजन नारायण (अधिवक्ता) पुत्र रूप सिंह (निवासी: इतवारी गंज, झांसी) — पुलिस टीम आरोपी वकील की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
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बरामदगी और आपराधिक इतिहास

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​पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कत्ल में इस्तेमाल सामान और सुपारी के पैसों में से बची हुई नकदी बरामद की है:
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आरोपी का नाम
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बरामदगी का विवरण
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नीशा उर्फ अंजुम परवीन
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₹16,000 नकद
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अलीमुद्दीन
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₹12,240 नकद
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सुभाष
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घटना में प्रयुक्त आला कत्ल (काला नाड़ा)
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कुल बरामद नकदी: ₹28,240

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​अपराधिक इतिहास: आरोपी सुभाष पुत्र विजय सिंह के खिलाफ पूर्व में भी थाना नूरपुर पर आर्म्स एक्ट (मु0अ0सं0 35/2025 धारा 4/25) के तहत मुकदमा दर्ज है।
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​सफलता हासिल करने वाली पुलिस टीम

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​इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करने में जनपद बिजनौर की संयुक्त पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही:
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    ​निरीक्षक सचिन मलिक (प्रभारी सर्विलांस टीम, जनपद बिजनौर)
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    ​थानाध्यक्ष अवनीत मान (थाना कोतवाली शहर, बिजनौर)
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  • \r\n
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    ​उ०नि० हिमांशु गोस्वामी (प्रभारी स्वाट टीम, बिजनौर)
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  • \r\n
  • \r\n
    ​म०उ०नि० ममता, उ०नि० संजीव कुमार, हे०कां० नासिर अली, कां० संदीप कुमार, म०कां० सरिता एवं म०कां० शालू (थाना कोतवाली शहर, बिजनौर)।
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पुलिस प्रशासन का कहना है कि फरार चल रहे मुख्य साजिशकर्ता वकील राजन नारायण को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। 
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