मेरठ/देहरादून/शिमला (विशेष संवाददाता):
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दक्षिण-पश्चिम मानसून भले ही देश के कुछ हिस्सों से विदाई ले रहा हो, लेकिन इसका "आखिरी प्रहार" पहाड़ों पर प्रलय बनकर टूट रहा है और मैदानी इलाकों में दहशत पैदा कर रहा है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में तबाही का मंजर जारी है, जहां पिछले 24 घंटों में फिर से बादल फटने की घटना हुई है, वहीं उत्तर प्रदेश के 41 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों को बेहद नाजुक बताया है।READ ALSO:-"भाई आंखों के सामने सैलाब में बह गया..." - देहरादून आपदा से लौटे मेरठ के किठौर के घायल गुड्डू ने सुनाई तबाही की वो खौफनाक दहलाने देने वाली कहानी
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 बादल फटने के कारण नंदानगर घाट इलाके के 6 मकानों में मलबा और पानी भर गया।

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उत्तराखंड: 48 घंटे, दो प्रलय
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देवभूमि उत्तराखंड में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा।
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    चमोली में तबाही: बुधवार (17 सितंबर) की रात चमोली के नंदानगर घाट में बादल फटने से भारी तबाही हुई। कुंटरी लंगाफली वार्ड में छह घर मलबे में जिंदा दफन हो गए, जिसमें 14 लोग लापता हैं और 20 घायल बताए जा रहे हैं। SDRF और NDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं और अब तक 2 लोगों को बचाया जा सका है।
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    मसूरी में फंसे पर्यटक: इससे ठीक एक दिन पहले 16 सितंबर को देहरादून में हुए बादल फटने का असर अब तक जारी है। देहरादून-मसूरी मार्ग कई जगहों पर टूट गया है, जिससे 2500 से अधिक पर्यटक लगातार तीसरे दिन भी मसूरी में फंसे हुए हैं।
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 नंदानगर में बादल फटने के बाद पूरे इलाके में मलबा जमा हो गया। घरों में भी मलबा भर गया।

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हिमाचल का दर्दनाक Bilan: 419 मौतें, 4596 करोड़ का नुकसान
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हिमाचल प्रदेश इस मानसून सीजन में सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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    मौत का आंकड़ा: प्रदेश में इस सीजन में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में अब तक 419 लोगों की जान जा चुकी है।
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    आर्थिक तबाही: सार्वजनिक संपत्ति को 4596 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है, और 5300 से ज्यादा घर तबाह हो गए हैं। किन्नौर में 6 दिन पहले हुए लैंडस्लाइड के बाद नेशनल हाईवे-5 को खोलने का काम अभी भी जारी है।
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उत्तर प्रदेश पर असर और अलर्ट
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पहाड़ों की बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है।
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    शाकंभरी देवी में उफान: सहारनपुर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ शाकंभरी देवी मंदिर के पास नदी में आए उफान से श्रद्धालुओं के लिए बनाया गया अस्थाई लोहे का पुल बह गया।
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    41 जिलों में अलर्ट: मौसम विभाग ने आज (18 सितंबर) प्रदेश के 41 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले दो दिन मानसून सक्रिय रहेगा, जिसके बाद इसके कमजोर पड़ने की संभावना है।
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क्यों हो रहा है ऐसा? समझिए मौसम का मिजाज
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देश में अब तक सामान्य से 8% ज्यादा बारिश हो चुकी है। मानसून राजस्थान, पंजाब और हरियाणा से लौट रहा है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक नया, शक्तिशाली मानसूनी सिस्टम बन रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 25-26 सितंबर के आसपास बनने वाला यह लो-प्रेशर एरिया मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2-3 दिनों तक मूसलाधार बारिश करा सकता है, जिससे बाढ़ का खतरा फिर बढ़ सकता है।
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