नई दिल्ली: दिल्ली के वसंत कुंज स्थित प्रतिष्ठित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के पूर्व प्रमुख स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। EWS स्कॉलरशिप के तहत PGDM कर रही 17 छात्राओं ने उन पर अश्लील मैसेज भेजने, गंदी भाषा का इस्तेमाल करने और जबरन छूने का आरोप लगाया है। यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।READ ALSO:-नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ का आरोपी बिजनौर में गिरफ्तार: POCSO एक्ट के तहत जेल भेजा गया
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फैकल्टी पर भी लगे गंभीर आरोप
\r\n\r\nपीड़ित छात्राओं का दावा है कि चैतन्यानंद सरस्वती की इन हरकतों में इंस्टीट्यूट की कुछ महिला फैकल्टी और अन्य कर्मचारी भी अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थीं। छात्राओं का आरोप है कि ये फैकल्टी और कर्मचारी उन पर आरोपी की बातें मानने और उसके कहने पर काम करने के लिए दबाव डालती और उकसाती थीं। यह आरोप मामले को और भी गंभीर बना देता है, क्योंकि यह संस्थान के भीतर एक बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करता है।
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पुलिस कार्रवाई और आरोपी फरार
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- \r\n FIR दर्ज: चैतन्यानंद के खिलाफ 4 अगस्त को FIR दर्ज की गई थी।\r\n \r\n
- \r\n पद से हटाया गया: आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, 9 अगस्त को उसे अपने पद से हटा दिया गया।\r\n \r\n
- \r\n फरार आरोपी: वर्तमान में चैतन्यानंद फरार है, लेकिन पुलिस को उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के आगरा के पास मिली है।\r\n \r\n
- \r\n फर्जी कार: पुलिस ने उसकी एक वॉल्वो कार जब्त की है, जिस पर फर्जी यूनाइटेड नेशन (39 UN 1) का नंबर प्लेट लगा हुआ था, जिससे उसकी संदिग्ध गतिविधियों का पता चलता है।\r\n \r\n
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छात्राओं के बयान और जाँच का दायरा
\r\n\r\nदिल्ली पुलिस के मुताबिक, 4 अगस्त को मठ और उसकी संपत्तियों के एडमिनिस्ट्रेटर पी.ए. मुरली ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जाँच के दौरान, कुल 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, जिनमें से 17 ने चैतन्यानंद पर सीधे तौर पर यौन शोषण के आरोप लगाए। छात्राओं ने यह भी बताया कि इंस्टीट्यूट में काम करने वाले कुछ वार्डन ने ही उन्हें आरोपी से मिलवाया था।
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वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(2)/79/351(2) के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।
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वॉल्वो कार जब्त और इंस्टीट्यूट का बयान
\r\n\r\nपुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी के ठिकानों पर कई जगह छापे मारे। इसी दौरान, श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के बेसमेंट से वह वॉल्वो कार मिली, जिसका इस्तेमाल चैतन्यानंद करता था। फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट वाली इस कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
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इंस्टीट्यूट का संचालन करने वाली कर्नाटक के श्रृंगेरी की संस्था, दक्षिणाम्नॉय श्री शारदा पीठ ने इस पूरे मामले पर बयान जारी करते हुए कहा है कि स्वामी चैतन्यानंद का आचरण और गतिविधियां अवैध हैं और पीठ के हितों के खिलाफ हैं, इसलिए पीठ का उससे कोई संबंध नहीं है।
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यह मामला शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और ऐसे पदों पर बैठे व्यक्तियों के कदाचार पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिस पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
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Sabse pehle comment karne wale banein.