उत्तर प्रदेश (UP) में अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंचायत चुनाव पर एक बार फिर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। हाल ही में चुनाव आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR - Special Intensive Revision) के दूसरे चरण की घोषणा के बाद, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहले से संभावित फरवरी 2026 में पंचायत चुनाव शुरू होने की तारीख टल सकती है। हालाँकि, UP में वोटर लिस्ट को अपडेट करने का काम जोरों पर चल रहा है।
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SIR की प्रक्रिया और चुनावी कार्यक्रम

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UP में पंचायत चुनाव के लिए ग्राम पंचायतों के परिसीमन (Delimitation) और मतदाता सूचियों को अपडेट करने का काम अगस्त 2025 से ही चल रहा है, जिसका अंतिम प्रकाशन 15 जनवरी 2026 को होना है।
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SIR का टकराव: ECI ने UP समेत 12 राज्यों में SIR की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है, जो 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक घर-घर गणना (House-to-house Enumeration) के रूप में चलेगी।
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अंतिम मतदाता सूची: SIR के बाद, वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को होना है।
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टालने की आशंका: जानकारों का कहना है कि अगर वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन फरवरी के पहले हफ्ते में होगा, तो चुनाव की तैयारियों और अधिसूचना जारी करने में काफी समय लगेगा, जिससे फरवरी 2026 की शुरुआत में चुनाव होना मुश्किल है।
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 मुख्य निर्वाचन अधिकारी का बयान

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UP के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने SIR की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक बयान दिया है। नवदीप रिणवा ने कहा कि प्रदेश में SIR को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए अधिकारियों (BLOs, EROs, AEROs) को प्रशिक्षित किया जा चुका है। SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है, ताकि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए और कोई भी अयोग्य मतदाता शामिल न हो।
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ग्रामीण राजनीति पर असर

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पंचायत चुनाव का टलना UP की ग्रामीण राजनीति पर सीधा असर डालेगा:
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राजनीतिक समीकरण: UP में हाल ही में हुए परिसीमन के कारण 30 जिला पंचायत वार्ड और 495 ग्राम पंचायतों का अस्तित्व खत्म हुआ है। चुनाव टलने से इन क्षेत्रों के नेताओं (जैसे विकल चपराना विवाद से जुड़े) को अपनी नई राजनीतिक जमीन तलाशने का और समय मिल जाएगा।
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नई तारीख: UP पंचायत चुनाव अब फरवरी के बजाय मार्च-अप्रैल 2026 में होने की संभावना है।
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