लखनऊ (Lucknow News): उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने साल 2026 की शुरुआत में ही प्रदेश के युवाओं, वाहन मालिकों और आम जनता को बड़ी सौगात दी है। परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से योगी कैबिनेट ने परिवहन विभाग (UP Transport Department) के कई अहम प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है।READ ALSO:-स्मार्ट मीटर का 'अग्निपथ': केंद्र सरकार का अल्टीमेटम, 9 फरवरी से आपके दरवाजे पर होगी 'स्मार्ट मीटर' की परीक्षा; 3.92 लाख चेक मीटरों की 'दबी रिपोर्ट' पर मचा हड़कंप
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परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) ने कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि विभाग में 351 सहायक मोटरयान निरीक्षकों (Assistant Motor Vehicle Inspector - AMVI) के नए पद सृजित किए गए हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण शुल्क में 100% की छूट और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए तीन नए परिक्षेत्रों (Zones) के गठन को भी मंजूरी दी गई है।
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यह फैसला न केवल रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि यह प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव का संकेत भी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस कैबिनेट बैठक में कौन-कौन से 5 बड़े फैसले लिए गए हैं और इनका आम जनता पर क्या असर होगा।
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1. युवाओं के लिए खुशखबरी: 351 पदों पर होगी भर्ती
\r\n\r\nबेरोजगारी के खिलाफ लड़ाई और सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) की आस लगाए बैठे युवाओं के लिए यह सबसे बड़ी खबर है। कैबिनेट ने परिवहन विभाग में प्रवर्तन (Enforcement) ढांचे को मजबूत करने के लिए 351 सहायक मोटरयान निरीक्षक के नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है।
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नियमों में हुआ संशोधन: परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि इन भर्तियों को पारदर्शी और सुचारू रूप से करने के लिए नियमों में आवश्यक बदलाव किए गए हैं।
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- \r\n इसके लिए 'उत्तर प्रदेश परिवहन (अधीनस्थ) प्राविधिक सेवा (यथा संशोधित) नियमावली, 1980' में संशोधन किया गया है।\r\n \r\n
- \r\n कैबिनेट ने 'उत्तर प्रदेश परिवहन (अधीनस्थ) प्राविधिक सेवा (षष्टम संशोधन) नियमावली 2026' के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान कर दिया है।\r\n \r\n
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अन्य पदों को भी मंजूरी: केवल सहायक मोटरयान निरीक्षक ही नहीं, बल्कि विभाग में उच्च स्तरीय पदों को भी व्यवस्थित किया गया है। मंत्री ने बताया कि निम्नलिखित पदों पर भी अनुमोदन प्रदान किया गया है:
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- \r\n अगस्त 2016 में सृजित संभागीय अधिकारी।\r\n \r\n
- \r\n दिसंबर 2024 में सृजित सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) (साधारण वेतनमान) के 36 पद।\r\n \r\n
- \r\n जुलाई 2025 में सृजित उप परिवहन आयुक्त (Deputy Transport Commissioner) के 03 पद।\r\n \r\n
- \r\n प्रति परिक्षेत्र उप परिवहन आयुक्त के लिए प्रधान सहायक और आशुलिपि (Stenographer) के एक-एक पद।\r\n \r\n
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इन सभी पदों के लिए 'परिवहन सेवा (सातवां संशोधन) नियमावली 2026' को मंजूरी दी गई है। इससे विभाग में मैनपावर की कमी दूर होगी और कामकाज में तेजी आएगी।
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2. तीन नए परिक्षेत्र: गोरखपुर, अयोध्या और झांसी (बुंदेलखंड)
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश के विशाल क्षेत्रफल और बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए प्रशासनिक विकेंद्रीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने परिवहन विभाग के फील्ड स्तर के ढांचे में बड़ा बदलाव किया है।
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अब 6 नहीं, 9 जोन होंगे: अभी तक प्रदेश में परिवहन विभाग के 6 परिक्षेत्र (Zones) प्रभावी थे। अब इनका पुनर्गठन करते हुए 3 नए परिक्षेत्र बनाए गए हैं:
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- \r\n गोरखपुर (Gorakhpur)\r\n \r\n
- \r\n बुंदेलखंड (झांसी)\r\n \r\n
- \r\n अयोध्या (Ayodhya)\r\n \r\n
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- \r\n सड़क सुरक्षा: नए जोन बनने से अधिकारियों का कार्यक्षेत्र छोटा होगा, जिससे वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन बेहतर ढंग से करा पाएंगे। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी।\r\n \r\n
- \r\n राजस्व वसूली: अधिक कार्मिक और छोटे जोन होने से टैक्स चोरी रुकेगी और विभाग अपने राजस्व वसूली (Revenue Collection) के लक्ष्यों को आसानी से पूरा कर सकेगा।\r\n \r\n
- \r\n अयोध्या का महत्व: राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटकों और वाहनों का दबाव बढ़ा है, इसलिए वहां अलग जोन बनना समय की मांग थी।\r\n \r\n
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3. इलेक्ट्रिक वाहनों पर बड़ा तोहफा: रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100% छूट
\r\n\r\nप्रदूषण कम करने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV Policy) को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। परिवहन मंत्री ने बताया कि शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों (Pure Electric Vehicles) को पंजीकरण शुल्क (Registration Fee) में 100 प्रतिशत की छूट प्रदान किए जाने के लिए कार्योत्तर अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
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इसका क्या असर होगा?
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- \r\n वाहन सस्ते होंगे: रजिस्ट्रेशन फीस माफ होने से इलेक्ट्रिक गाड़ियां सस्ती होंगी, जिससे आम आदमी पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों की जगह EV खरीदने के लिए प्रेरित होगा।\r\n \r\n
- \r\n पर्यावरण संरक्षण: इससे प्रदेश में कार्बन उत्सर्जन कम होगा।\r\n \r\n
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4. वन-टाइम टैक्स (One-Time Tax) व्यवस्था में बदलाव
\r\n\r\nव्यावसायिक वाहनों के मालिकों के लिए टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सरकार ने 'एकमुश्त कर व्यवस्था' (One-Time Tax System) के दायरे को बढ़ाया है।
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किन वाहनों पर लागू होगा? कैबिनेट ने निम्नलिखित वाहनों के लिए कर की दर निर्धारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है:
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- \r\n हल्के व्यावसायिक यात्री वाहन (Light Commercial Passenger Vehicles) - इसमें दो पहिया और तीन पहिया वाहन शामिल हैं।\r\n \r\n
- \r\n मोटर कैब / मैक्सी कैब।\r\n \r\n
- \r\n हल्के माल वाहन (Light Goods Vehicles) - जिनका सकल यान भार 7500 किलोग्राम से कम है।\r\n \r\n
- \r\n निर्माण उपस्कर वाहन (Construction Equipment Vehicles - जैसे क्रेन, जेसीबी आदि)।\r\n \r\n
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इसके लिए 'उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1997 (यथा संशोधित 2025)' की विभिन्न धाराओं के तहत नई अधिसूचना जारी की जाएगी। इससे वाहन मालिकों को बार-बार टैक्स जमा करने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
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5. RTO के चक्कर खत्म: 4 सेवाएं हुईं 'फेसलेस'
\r\n\r\nडिजिटल इंडिया मिशन को आगे बढ़ाते हुए परिवहन विभाग ने जनता की सुविधा के लिए आरटीओ (RTO) की 4 महत्वपूर्ण सेवाओं को 'फेसलेस मोड' (Faceless Mode) में लाइव करने का निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि इन कामों के लिए अब आपको आरटीओ ऑफिस की लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा; ये काम घर बैठे ऑनलाइन हो जाएंगे।
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ये 4 सेवाएं होंगी ऑनलाइन:
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- \r\n ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि बदलना (Change of DOB in DL): अब आप घर बैठे अपने डीएल में जन्मतिथि सुधार सकेंगे।\r\n \r\n
- \r\n पहाड़ी क्षेत्र में वाहन चलाने की अनुमति: हिल एरिया इंडोर्समेंट के लिए अब ऑफिस नहीं जाना होगा।\r\n \r\n
- \r\n पंजीकरण संख्या का प्रतिधारण (Retention of Registration Number): अपनी पुरानी गाड़ी का नंबर नई गाड़ी पर लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।\r\n \r\n
- \r\n गैर-उपयोग सूचना परमिट: यदि आप वाहन का उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो इसकी सूचना भी ऑनलाइन दी जा सकेगी।\r\n \r\n
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इन सेवाओं को लागू करने के लिए 'उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली 1998' में संशोधन करते हुए 'उत्तर प्रदेश मोटरयान (बत्तीसवां संशोधन) नियमावली 2026' को मंजूरी दी गई है।
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सुगम यातायात और सुरक्षित प्रदेश की ओर कदम
\r\n\r\nयोगी कैबिनेट के ये फैसले बताते हैं कि सरकार का फोकस केवल बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर ही नहीं, बल्कि सिस्टम को पारदर्शी और जनता के अनुकूल बनाने पर भी है। 351 पदों पर भर्ती से जहां विभाग को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं 3 नए जोन बनने से निगरानी तंत्र मजबूत होगा।
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इलेक्ट्रिक वाहनों पर छूट और फेसलेस सेवाएं यह साबित करती हैं कि उत्तर प्रदेश अब 'स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन' की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इन फैसलों का जमीनी असर बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था और कम होती दुर्घटनाओं के रूप में देखने को मिल सकता है।
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उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने परिवहन विभाग में 351 सहायक मोटरयान निरीक्षकों की भर्ती को मंजूरी दी है। इसके साथ ही अयोध्या, गोरखपुर और बुंदेलखंड (झांसी) को नए परिवहन जोन बनाया गया है। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100% छूट और 4 आरटीओ सेवाओं को फेसलेस (ऑनलाइन) करने का भी अहम फैसला लिया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.