माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यह बदलाव मुख्य रूप से प्रशासनिक चुनौतियों और छात्रों की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पहले हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों की हिंदी की परीक्षा एक ही पाली (शिफ्ट) में आयोजित होने वाली थी, जिससे 45 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा एक ही समय में होती, जो प्रशासनिक दृष्टि से अव्यवहारिक थी। इस समस्या को देखते हुए, माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मंगलवार देर रात संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। शेष सभी विषयों की परीक्षाएँ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी।READ ALSO:-दिल्ली ब्लास्ट ने छीना बेटा, फिर बहू-सास में छिड़ा 'शव युद्ध'! पति के अंतिम संस्कार के लिए आपस में भिड़ीं, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा
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यूपी बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में हुए मुख्य बदलाव

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संशोधित कार्यक्रम के तहत हिंदी और संस्कृत की परीक्षाओं की पालियों (Shifts) में बदलाव किया गया है, ताकि परीक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
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परीक्षा
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पाली (समय)
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पुराना कार्यक्रम
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नया कार्यक्रम (संशोधित)
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हाईस्कूल (हिंदी)
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प्रथम पाली (8:30 से 11:45 बजे तक)
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एक साथ (इंटर के साथ)
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अब अलग पाली में
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इंटरमीडिएट (हिंदी)
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द्वितीय पाली (2:00 से 5:15 बजे तक)
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एक साथ (हाईस्कूल के साथ)
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अब अलग पाली में
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इंटरमीडिएट (संस्कृत)
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द्वितीय पाली (2:00 से 5:15 बजे तक)
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पूर्व निर्धारित
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12 मार्च 2026 को द्वितीय पाली में
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मुख्य बिंदु: अब हाईस्कूल की हिंदी एवं प्रारंभिक हिंदी परीक्षा प्रथम पाली में, जबकि इंटरमीडिएट की हिंदी एवं सामान्य हिंदी परीक्षा द्वितीय पाली में आयोजित होगी।
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क्यों किया गया यह बदलाव?

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माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि यह बदलाव परीक्षा व्यवस्था को सुचारू और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए अनिवार्य था।
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    ओवरलैपिंग की चुनौती: पहले के कार्यक्रम में, हाईस्कूल और इंटर दोनों की हिंदी की परीक्षा एक साथ रखे जाने से एक ही समय में 45 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा होने की स्थिति बन रही थी। यह परीक्षा केंद्रों की क्षमता और सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती थी।
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    व्यवस्था में सुधार: अब अलग-अलग पालियों में परीक्षा होने से किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या ओवरलैपिंग की संभावना नहीं रहेगी।
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    अन्य परीक्षाएँ: सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड की शेष सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी और उनमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
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नकल विहीन परीक्षा के लिए तैयारियां

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यूपी बोर्ड द्वारा नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए शासन के निर्देशों के क्रम में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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    सीसीटीवी निगरानी: सभी परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरे की चौबीसों घंटे निगरानी में रहेंगे।
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    सचल दस्ते: सचल दस्ते (Flying Squads) बोर्ड परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए निरंतर भ्रमणशील रहेंगे।
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    सुरक्षा व्यवस्था: परीक्षा के प्रश्न पत्र सीधे बोर्ड की निगरानी में ट्रिपल लॉकर्स में सुरक्षित रखे जाएंगे, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
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यह संशोधन सुनिश्चित करता है कि UP Board Exam 2026 व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके और लाखों छात्रों को बिना किसी प्रशासनिक बाधा के परीक्षा देने का अवसर मिल सके।
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