उत्तर प्रदेश के चर्चित जनता वैदिक इंटर कॉलेज (Janta Vedic Inter College) में शनिवार को भारी बवाल देखने को मिला। विद्यालय में चल रही अर्धवार्षिक परीक्षाओं (Half-yearly exams) के तुरंत बाद सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए। गुस्साए छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगों और प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में बिजरौल रोड पर पूरी तरह से चक्का जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। छात्रों का मुख्य आक्रोश उनके बैंक खातों को सीज किए जाने और खेलकूद के फंड पर लगाई गई रोक को लेकर था।

बिजली बिल की आरसी और छात्रों पर गिरी गाज प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर में लगे नलकूप (ट्यूबवेल) का बिजली बिल लंबे समय से जमा नहीं किया गया था। इस बकाया बिल की वसूली के लिए प्रशासन की तरफ से कॉलेज को रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी किया गया। छात्रों का कहना है कि इस विभागीय कार्रवाई की आड़ में प्रशासन ने कॉलेज के मुख्य बैंक खातों को सुरक्षित रखा, जबकि इसके बजाय सीधे छात्रों की 'छात्र निधि' (Student Fund) वाले खातों को सीज कर दिया।

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶

जमीन कब्जे और बाउंड्री वॉल तोड़ने का विरोध आर्थिक रोक के अलावा, Janta Vedic Inter College Protest में शामिल छात्रों ने कॉलेज की संपत्ति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कुछ लोगों द्वारा कॉलेज की दीवार तोड़ी जा रही है और विद्यालय की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। घंटों तक चले इस हंगामे के कारण बिजरौल रोड पर लंबा जाम लग गया और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद छात्रों को समझा-बुझाकर शांत किया और यातायात सुचारू कराया।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रधानाचार्य का बयान और परीक्षा में आ रही बाधाएं हैरानी की बात यह रही कि जब छात्र सड़क पर पुलिस व प्रशासन से जूझ रहे थे, तब कॉलेज के शिक्षक और प्रधानाचार्य अपने कार्यालयों व कमरों तक ही सीमित रहे। इस पूरे मामले पर जनता वैदिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. यशपाल शास्त्री ने बताया कि प्रशासन की कार्रवाई से करीब 1500 छात्रों की 'छात्र निधि' पूरी तरह से फ्रीज हो गई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय के अन्य सभी खाते सामान्य रूप से चल रहे हैं।

फंड रुकने का सीधा असर कॉलेज की शैक्षणिक और पाठ्येतर गतिविधियों पर पड़ रहा है। डॉ. शास्त्री के अनुसार, पैसे के अभाव में परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं (Answer sheets) उपलब्ध कराने में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। इसके अतिरिक्त, जो खिलाड़ी छात्र विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले थे, उन्हें भी फंड न होने के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगें सीधे प्रशासनिक स्तर की हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें