लखनऊ: उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और बीजेपी नेत्री अपर्णा यादव के भाई चंद्रशेखर बिष्ट के खिलाफ लखनऊ में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह एफआईआर एक प्रॉपर्टी डील से जुड़े मामले में हुई है, जिसमें उन पर 14 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद गोमतीनगर थाने में केस दर्ज किया गया है।READ ALSO:-न्याय की कलम से जातिवाद पर चोट: हाईकोर्ट ने वाहनों और सोशल मीडिया पर 'जाति महिमा' के प्रतीकों पर लगाया बैन
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क्या है पूरा मामला?
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शिकायतकर्ता ठाकुर सिंह मनराल, जो मरर्चन्टास इन्फाहाइट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं, ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन की खरीद-बिक्री का व्यवसाय है। उन्होंने चंद्रशेखर बिष्ट से 22.10 बीघा जमीन का सौदा 14 करोड़ रुपये में तय किया था। उन्होंने यह धनराशि चेक और नकद में दी भी, लेकिन जब रजिस्ट्री कराई गई, तो सिर्फ 13,450 वर्गफुट जमीन ही उनके नाम की गई।
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मनराल ने इस मामले में न्याय के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने सुनवाई के बाद चंद्रशेखर बिष्ट (जिन्हें अमन बिष्ट भी कहा गया है) और उनके सहयोगी हिमांशु राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद 20 सितंबर को गोमतीनगर थाने में संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
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मां के खिलाफ भी दर्ज है केस
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यह पहली बार नहीं है जब अपर्णा यादव के परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इससे पहले, 19 सितंबर को उनकी मां और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की समधन अंबी बिष्ट के खिलाफ भी 2016 के जानकीपुरम जमीन घोटाले से जुड़े एक मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी।
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