उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अलीगढ़ पुलिस ने लोधा क्षेत्र के दो गांवों के मंदिरों की दीवारों पर 'आई लव मोहम्मद' (I love Mohammad) जैसे धार्मिक नारे लिखने के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने किसी सांप्रदायिक भावना से नहीं, बल्कि निजी विवादों का बदला लेने और अपने विरोधियों को फंसाने के लिए यह साजिश रची थी।READ ALSO:-मेरठ के 'सौरभ हत्याकांड' में सनसनीखेज खुलासा: डॉ. दिनेश सिंह चौहान ने कोर्ट में बताया- "बॉडी तीन टुकड़ों में मिली, गर्दन पर गहरी चोटें"
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दो गांवों के मंदिरों को बनाया निशाना

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यह घटना 25 अक्टूबर 2025 को लोधा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दो गांव बुलाकगढ़ी और भगवानपुर में हुई थी।
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    विवादित लेखन: दोनों गांवों के चार मंदिरों की दीवारों पर 'I love Mohammad' जैसे धार्मिक नारे लिखे गए थे।
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    तनाव: इस लेखन से ग्रामीणों में, विशेषकर हिंदू संगठनों के लोगों में, भारी आक्रोश व्याप्त हो गया था, और उन्होंने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
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    पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों मंदिरों की दीवारों पर लिखे गए धार्मिक नारों को मिटवाया और आक्रोशित ग्रामीणों से बात कर मामला दर्ज किया।
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4 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अलीगढ़ नीरज सिंह जादौन ने इस पूरे मामले का खुलासा किया।
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    गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने बुलाकगढ़ी निवासी जीशान समेत भगवानपुर गांव निवासी तीन हिंदू युवकों— अभिषेक, आकाश और दिलीप को गिरफ्तार किया है।
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    फरार आरोपी: पुलिस के अनुसार, इस साजिश में शामिल पाँचवाँ आरोपी राहुल अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
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निजी रंजिश बनी साजिश का आधार

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एसएसपी नीरज सिंह जादौन ने आरोपियों से पूछताछ के बाद विवादित पोस्ट करने के पीछे की चौंकाने वाली वजह बताई:
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    साजिश का उद्देश्य: गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने यह सब एक प्लान के तहत किया था। उनका मुख्य उद्देश्य अपने विरोधियों को पुलिस कार्रवाई में फंसाना था।
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    जीशान का मकसद: आरोपी जीशान का मकसद मुस्तकीम के खिलाफ दर्ज एक पुराने मुकदमे का फैसला अपने पक्ष में कराना था।
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    राहुल का मकसद: वहीं, फरार आरोपी राहुल के पिता का भगवानपुर निवासी गुल मोहम्मद से एक मकान को लेकर विवाद चल रहा था। यह विवादित मकान उसी मंदिर के पास स्थित था जिसकी दीवारों पर नारे लिखे गए थे।
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    सोच: आरोपियों का मानना था कि मंदिर की दीवारों पर धार्मिक नारे लिखने से पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी और उनके विरोधियों (गुल मोहम्मद और मुस्तकीम) को इस मामले में फंसाकर गिरफ्तार कर लेगी।
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षड्यंत्र पर सवाल

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इस खुलासे ने पूरे जिले में एक नई बहस छेड़ दी है। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए निजी रंजिश का सहारा लेने की इस साजिश की कड़ी आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग पुलिस की तत्परता और जांच की सराहना कर रहे हैं, जिसने माहौल को बिगड़ने से पहले ही शांत कर दिया।
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सांप्रदायिक माहौल को बचाने का प्रयास

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पुलिस ने इस घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार आरोपी राहुल की तलाश जारी है। इस कार्रवाई से यह सुनिश्चित हो गया है कि धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल निजी दुश्मनी साधने के लिए नहीं किया जा सकेगा। पुलिस का यह कदम अलीगढ़ के सांप्रदायिक माहौल को शांत करने और कानूनी व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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