बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार (9 अक्टूबर) को लखनऊ में पार्टी संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर एक विशाल महारैली का आयोजन कर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान मायावती ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया और गठबंधन को पार्टी के लिए "नुकसानदायक" बताया। रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने यह संकेत दिया कि बसपा प्रमुख 2024 लोकसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी कैडर में नई जान फूंकने में जुटी हैं। READ ALSO:-ब्रेकिंग: मेरठ के 'लाइव मर्डर' आदिल हत्याकांड का मुख्य आरोपी 'हमजा' दिल्ली में एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nजय भीम pic.twitter.com/MJCqm4vu4K
\r\n— BSP (@Bsp4u) October 9, 2025
\r\n\r\n
रैली का मुख्य उद्देश्य और भीड़ का दावा
\r\nबसपा ने यह रैली मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य दलित, पिछड़े और मुस्लिम (DBM) समाज को एकजुट कर खिसकते जनाधार को वापस पाना था।
\r\n\r\n\r\nबसपा ने यह रैली मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य दलित, पिछड़े और मुस्लिम (DBM) समाज को एकजुट कर खिसकते जनाधार को वापस पाना था।
\r\n\r\n
कारण और लक्ष्य
\r\nकार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना: लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा एक भी सीट नहीं जीत पाई, जिससे कार्यकर्ताओं में निराशा थी। मायावती ने उन्हें 2027 विधानसभा चुनाव के लिए तैयार करने की कोशिश की।
\r\n\r\n\r\nकार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना: लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा एक भी सीट नहीं जीत पाई, जिससे कार्यकर्ताओं में निराशा थी। मायावती ने उन्हें 2027 विधानसभा चुनाव के लिए तैयार करने की कोशिश की।
- \r\n
- शक्ति प्रदर्शन: 2027 के चुनाव से पहले यह रैली राजनीतिक विरोधियों को पार्टी की ताकत दिखाने का प्रयास थी। \r\n
- रणनीति का ऐलान: पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति, खासकर गठबंधन पर अपनी स्थिति साफ करना। \r\n
- पार्टी संगठन ने इस रैली में 5 लाख लोगों के जुटान का दावा किया। रैली में उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड राज्यों से भी समर्थक शामिल हुए। \r\n
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
मायावती के भाषण की 5 बड़ी बातें और प्रमुख बयान
\r\nबसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भाषण में बीजेपी, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को जमकर लताड़ा और 2027 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान किया।
\r\n\r\n\r\nबसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भाषण में बीजेपी, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को जमकर लताड़ा और 2027 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान किया।
\r\n\r\n
1. 2027 विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी BSP
\r\n\r\n- \r\n
- मायावती ने स्पष्ट किया कि बहुजन समाज पार्टी 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेगी। उन्होंने गठबंधन की राजनीति को पार्टी के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा: \r\n
- "गठबंधन में बसपा का वोट तो दूसरे दलों को ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन सवर्ण समाज का वोट हमारी पार्टी को नहीं मिलता। इसलिए, गठबंधन से हमें कोई फायदा नहीं होता।" \r\n
- उन्होंने 1993 में सपा और 1996 में कांग्रेस के साथ गठबंधन के उदाहरण दिए, जिनमें पार्टी को सिर्फ 67-67 सीटें मिली थीं, जबकि 2007 में बिना गठबंधन पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी। \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
2. सपा पर सबसे तीखा हमला
\r\n\r\n- \r\n
- बसपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी और उसके 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले पर तगड़ा हमला किया। \r\n
- "अखिलेश का 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) झूठ है। ये सभी जातिवादी दल मिलकर बसपा को कमजोर करना चाहते हैं। समाज के कुछ स्वार्थी लोगों को आगे कर, उनसे छोटे-छोटे दल बनवाकर वोटों का विभाजन कर रहे हैं।" \r\n
खबरीलाल न्यूज़ का Telegram चैनल जॉइन करें Join › \r\n\r\n
3. कांग्रेस और बीजेपी पर निशाना
\r\n\r\n- \r\n
- उन्होंने कांग्रेस और केंद्र की बीजेपी सरकार दोनों पर निशाना साधा। \r\n
- उन्होंने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने उनके और उनके परिवार के ऊपर झूठे मामलों में सीबीआई और इनकम टैक्स की जांच कराकर छवि धूमिल कराई। \r\n
- उन्होंने यूपी सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यहां कानून का राज सही से नहीं चल रहा है। \r\n
\r\n\r\n
4. आकाश आनंद को लेकर संकेत
\r\n\r\n- \r\n
- उत्तराधिकार के सवाल पर मायावती ने इशारों-इशारों में अपने भतीजे आकाश आनंद को आगे बढ़ाने का संकेत दिया। उन्होंने समर्थकों से कहा: \r\n
- "जिस तरह आपने कांशीराम जी का साथ दिया। उनके बाद मेरा साथ दिया। उसी तरह मेरे साथ-साथ आप आकाश आनंद का भी साथ दीजिए।" \r\n
\r\n\r\n
5. पांचवी बार सरकार बनाने का संकल्प
\r\n\r\n- \r\n
- मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब बसपा की सरकार बनाना बहुत जरूरी है, और वह पांचवी बार सरकार बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगी। उन्होंने समर्थकों को बाबा साहेब के उस कथन की याद दिलाई कि बहुजन को सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथ में लेनी होगी। \r\n
\r\n\r\n
बसपा की आगामी चुनावी रणनीति (Mission 2027)
\r\nबसपा अब 2027 के लिए जमीनी स्तर पर काम करने की रणनीति पर लौट रही है।
\r\n\r\n\r\nबसपा अब 2027 के लिए जमीनी स्तर पर काम करने की रणनीति पर लौट रही है।
- \r\n
- भाईचारा कमेटियों की वापसी: वर्ष 2007 में सरकार बनाने वाले 'भाईचारा कमेटियों' के फार्मूले पर काम फिर से शुरू किया जा रहा है। \r\n
- ओबीसी वर्ग पर फोकस: पार्टी अब उत्तर प्रदेश की 52-53% ओबीसी आबादी को साधने की कोशिश में जुटी है। बसपा नेता गांव-गांव जाकर चौपाल लगाएंगे और ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे। \r\n
- संगठन मजबूत करना: पार्टी की करीब 1600 टीमें गांव-गांव जाकर पोलिंग बूथ और सेक्टर कमेटियां बनाकर लोगों को जोड़ रही हैं। \r\n
- यह महारैली 2027 के लिए बसपा के 'करो या मरो' जैसे संघर्ष की शुरुआत मानी जा रही है। \r\n
\r\n\r\n
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
\r\n\r\n\r\nसवाल 1: मायावती की लखनऊ रैली किस अवसर पर हुई?
\r\nजवाब: यह रैली बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस (9 अक्टूबर) के अवसर पर आयोजित की गई थी।
\r\nसवाल 2: मायावती ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्या ऐलान किया है?
\r\nजवाब: मायावती ने स्पष्ट ऐलान किया है कि बसपा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अकेले चुनाव लड़ेगी और किसी दल से गठबंधन नहीं करेगी।
\r\nसवाल 3: रैली में बसपा ने कितने लोगों के जुटने का दावा किया?
\r\nजवाब: बसपा संगठन ने रैली में 5 लाख लोगों के जुटान का दावा किया है।
\r\nसवाल 4: मायावती ने अपनी पार्टी के लिए गठबंधन को क्यों नुकसानदायक बताया?
\r\nजवाब: उन्होंने कहा कि गठबंधन में बसपा का मूल वोट बैंक दूसरे दलों को ट्रांसफर हो जाता है, जबकि दूसरी पार्टियों का वोट बसपा को नहीं मिल पाता, जिससे पार्टी को नुकसान होता है।
\r\nसवाल 5: मायावती ने किसे उत्तराधिकार के लिए आगे बढ़ाने का संकेत दिया है?
\r\nजवाब: मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद का नाम लेते हुए समर्थकों से कहा कि वे उन्हें भी सहयोग करें, जिसे राजनीतिक गलियारों में अनौपचारिक उत्तराधिकार घोषणा के रूप में देखा जा रहा है।



Sabse pehle comment karne wale banein.