राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के महत्वपूर्ण शहर मेरठ (Meerut) के अंदर औद्योगिक और आवासीय प्लॉट की बढ़ती किल्लत का अब एक बड़ा और स्थायी समाधान होने जा रहा है। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा - MDA) ने शहर में एक विशाल औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Area) और एक आधुनिक टाउनशिप विकसित करने का खाका पूरी तरह तैयार कर लिया है। यह महात्वाकांक्षी परियोजना नमो भारत कॉरिडोर (रैपिड रेल) के पास टीओडी (ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट - TOD) जोन में विकसित की जाएगी। मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि इस प्रस्ताव को जल्द ही अंतिम स्वीकृति और बजट के लिए उत्तर प्रदेश शासन को भेजा जाएगा।

1,932 करोड़ रुपये से होगा भूमि अधिग्रहण

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इस मेगा प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने के लिए 'मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना' के तहत शासन से धनराशि की मांग की जाएगी। शासन से हरी झंडी मिलते ही यह शहर में बड़े स्तर पर बदलाव लाने वाली ऐतिहासिक परियोजना साबित होगी। सबसे खास बात यह है कि इस पूरी योजना के लिए भूमि का अधिग्रहण किसानों से आपसी सहमति के आधार पर किया जाएगा।

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योजना के अनुसार, कुल 650 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है, जिस पर 1,932 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च होगी:

  • औद्योगिक क्षेत्र (549 एकड़): इसके लिए 821 गाटा चिह्नित किए गए हैं, जिससे रिठानी, मोहकमपुर, कुंडा और सुंदरा (पूठा) गांवों के करीब 2,451 किसान प्रभावित होंगे। इस भूमि की खरीद पर 1,669 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

  • आवासीय टाउनशिप (101 एकड़): इसके लिए 99 गाटा का चिह्नांकन हुआ है, जिससे अकेले कुंडा गांव के 420 किसान प्रभावित होंगे। इसके लिए 263 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।

टीओडी जोन: नमो भारत स्टेशनों के डेढ़ किमी के दायरे में विकास

प्रस्तावित टाउनशिप नमो भारत कॉरिडोर पर लागू टीओडी (Transit Oriented Development) नीति के तहत विकसित की जा रही है। यह क्षेत्र कॉरिडोर के निर्धारित 1.5 किलोमीटर के दायरे में आता है। इस टाउनशिप का सीधा लाभ शताब्दी नगर, रिठानी और परतापुर रैपिड रेल स्टेशनों के आसपास रहने वाले लोगों को मिलेगा, जहां से बेहतरीन ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

'नीचे दुकान, ऊपर मकान' का रहेगा नया सिद्धांत

आवासीय टाउनशिप को टीओडी नीति के तहत 'मिश्रित भू-उपयोग' (Mixed Land Use) का विशेष लाभ मिलेगा। इसके अंतर्गत किसी भी प्लॉट में एक साधारण भवन के बजाय फ्लैटेड (बहुमंजिला) व्यवस्था को प्रमुखता से बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें निवेशकों को यह छूट रहेगी कि वे एक ही इमारत के निचले हिस्से में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (व्यावसायिक उपयोग) और ऊपरी हिस्से में आवासीय फ्लैट बना सकेंगे। परिवहन कॉरिडोर के आसपास अधिक से अधिक आवासीय और व्यावसायिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मिश्रित निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है।

किस गांव की कितनी जमीन का होगा अधिग्रहण?

मेडा ने 549 एकड़ के विशाल औद्योगिक क्षेत्र और 101 एकड़ की आवासीय टाउनशिप के लिए नगर निगम क्षेत्र के जिन गांवों की जमीन का चिह्नांकन किया है, उसका विवरण इस प्रकार है:

औद्योगिक क्षेत्र के लिए (549 एकड़):

  • रिठानी: 329 एकड़

  • मोहकमपुर: 82 एकड़

  • कुंडा: 71 एकड़

  • सुंदरा (उर्फ पूठा): 66 एकड़

आवासीय टाउनशिप के लिए (101 एकड़):

  • कुंडा: 101 एकड़

मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने कहा है कि खसरों का चिह्नांकन कर लिया गया है। शासन को प्रस्ताव भेजकर किसानों की सहमति के आधार पर जल्द ही जमीन क्रय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह प्रोजेक्ट मेरठ के रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

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