मवाना (मेरठ): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में महिलाओं, विशेषकर बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाकर ठगी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक कुख्यात और शातिर गिरोह का मवाना पुलिस (Mawana Police) ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए इस अंतर्राज्यीय गिरोह के सरगना को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से पुलिस ने ठगी किए गए सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान बरामद किया है।READ ALSO:-Meerut News: सिस्टम की 'काली करतूत' ने ली जान! नाले में समाया ई-रिक्शा, 30 मिनट तक तड़पते चालक की दर्दनाक मौत; नोएडा जैसा खौफनाक मंजर
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इस गिरफ्तारी से न केवल मवाना बल्कि आसपास के जिलों में भी सक्रिय ठगों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
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19 जनवरी की घटना: विश्वास में लेकर लूटे थे जेवर

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यह पूरा मामला 19 जनवरी 2026 का है, जब मवाना कस्बा क्षेत्र में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज वारदात हुई थी। एक महिला अपने घरेलू काम से बाजार जा रही थी, तभी रास्ते में उसे दो अज्ञात युवकों ने रोक लिया।
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ठगी का तरीका (Modus Operandi): इन शातिर ठगों का तरीका बेहद पेशेवर था। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर या फिर किसी और बहाने से महिला को अपनी बातों में उलझा लिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने महिला को डराया कि "आगे चेकिंग चल रही है" या "माहौल खराब है, आप अपने जेवर उतारकर पर्स में रख लीजिए।" महिला उनके झांसे में आ गई और उसने अपने सोने के कंगन और ईयररिंग्स उतारकर उन्हें दे दिए। ठगों ने बड़ी चालाकी से असली जेवर अपनी जेब में रख लिए और महिला को कागज की पुड़िया या नकली जेवर थमाकर वहां से रफूचक्कर हो गए। जब महिला को ठगी का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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पीड़िता ने तुरंत मवाना थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
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पुलिस का एक्शन: 72 घंटे में सुलझाई गुत्थी

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मेरठ और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP Rural) के निर्देश पर मवाना पुलिस ने इस घटना को चुनौती के रूप में लिया। क्षेत्राधिकारी मवाना (CO Mawana) के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी ने घटना के खुलासे के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया:
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    सर्विलांस टीम: जिसका काम इलाके के मोबाइल डंप डेटा और संदिग्ध नंबरों की ट्रेसिंग करना था।
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    क्राइम ब्रांच व स्थानीय पुलिस टीम: जिसका काम सीसीटीवी फुटेज खंगालना और मुखबिरों को सक्रिय करना था।
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सीसीटीवी बना अहम सुराग: पुलिस ने घटना स्थल और उसके आसपास के करीब 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो संदिग्ध युवक एक बाइक पर जाते हुए दिखाई दिए। हुलिए और बाइक के नंबर के आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान सुनिश्चित की।
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गिरफ्तारी: 22 जनवरी को दबोचा गया सरगना

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मुखबिर की सटीक सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से पुलिस को पता चला कि घटना का मुख्य आरोपी इलाके से भागने की फिराक में है। 22 जनवरी 2026 को पुलिस ने घेराबंदी करते हुए मुख्य आरोपी खुर्शीद पुत्र फजलुद्दीन को हिरासत में ले लिया।
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अभियुक्त का विवरण:

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    नाम: खुर्शीद
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    पिता का नाम: फजलुद्दीन
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    निवासी: (पुलिस द्वारा विस्तृत पता सत्यापित किया जा रहा है, लेकिन वह एक बाहरी जिले का निवासी बताया जा रहा है)
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    अपराधिक इतिहास: खुर्शीद एक पेशेवर अपराधी है और उस पर पहले भी कई शहरों में ठगी और चोरी के मुकदमे दर्ज होने की आशंका है।
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बरामदगी: शत-प्रतिशत माल रिकवर

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पुलिस के लिए यह एक बड़ी सफलता रही क्योंकि उन्होंने आरोपी की निशानदेही पर ठगी गया लगभग पूरा सामान बरामद कर लिया है। अमूमन ऐसे मामलों में माल रिकवर करना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि ठग तुरंत उसे बेच देते हैं।
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बरामद सामान की सूची:

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    2 सोने के कंगन (Gold Kangan): जिनका वजन काफी ज्यादा बताया जा रहा है।
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    2 सोने के ईयररिंग्स (Earrings): जो पीड़िता के थे।
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    1 एटीएम कार्ड: जो संभवतः महिला के पर्स से निकाला गया था।
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    1 ओप्पो (OPPO) मोबाइल फोन: जिसे आरोपी इस्तेमाल कर रहा था या चोरी का था।
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    1 पर्स: जिसमें कुछ नकदी और दस्तावेज थे।
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पूछताछ में खुलासा: अंतर्राज्यीय नेटवर्क का हिस्सा

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पुलिस पूछताछ में आरोपी खुर्शीद ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह और उसका साथी अलग-अलग शहरों में घूमकर वारदातों को अंजाम देते हैं।
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ठगी का पैटर्न: ये लोग अक्सर सुबह या दोपहर के वक्त सुनसान इलाकों या बाजारों के बाहरी हिस्सों में शिकार ढूंढते हैं। उनका मुख्य टारगेट अकेली महिलाएं या बुजुर्ग होते हैं। ये लोग कभी 'पुलिस चेकिंग' का बहाना बनाते हैं, तो कभी 'जेवर चमकाने' का पाउडर बेचने वाले बनकर घरों में घुसते हैं। कभी-कभी ये लोग 'सम्मोहन' (Hypnotism) जैसी ट्रिक्स का इस्तेमाल करने का भी दावा करते हैं, हालांकि पुलिस इसे 'कॉन्फिडेंस ट्रिक' (Confidence Trick) मानती है।
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साथी अभी भी फरार, दबिश जारी

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वारदात के वक्त खुर्शीद के साथ उसका एक और साथी भी मौजूद था। वह बाइक चलाने और आसपास नजर रखने का काम करता था। पुलिस की दबिश के दौरान वह अंधेरे या भीड़ का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गया। मवाना थाना प्रभारी ने बताया, "फरार आरोपी की पहचान कर ली गई है। हमारी टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।"
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स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस

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मवाना और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से टप्पेबाजी और ठगी की घटनाओं ने लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया था। इस गिरफ्तारी से स्थानीय नागरिकों, खासकर महिलाओं ने राहत की सांस ली है। स्थानीय व्यापार मंडल और नागरिक संगठनों ने मवाना पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है।
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पुलिस की अपील: सावधान रहें, सुरक्षित रहें

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इस घटना के बाद मेरठ पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि नागरिक निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
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    अनजान पर भरोसा न करें: अगर कोई अनजान व्यक्ति सड़क पर रोककर आपसे बात करने की कोशिश करे, तो सतर्क हो जाएं।
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    पुलिस चेकिंग के नियम: पुलिस कभी भी सड़क पर किसी के जेवर नहीं उतरवाती। अगर कोई सिविल ड्रेस में खुद को पुलिस बताकर ऐसा करने को कहे, तो तुरंत 112 नंबर पर कॉल करें या शोर मचाएं।
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    जेवर पहनकर सावधानी: सुनसान रास्तों पर कीमती जेवर पहनकर अकेले जाने से बचें।
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    संदिग्ध गतिविधि: अगर आपके मोहल्ले में कोई संदिग्ध व्यक्ति या बाइक बार-बार घूमती दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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मवाना पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित रूप से सराहनीय है। 19 जनवरी की घटना का मात्र 3 दिनों के भीतर खुलासा करना और शत-प्रतिशत माल बरामद करना पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाता है। खुर्शीद जैसे शातिर अपराधी की गिरफ्तारी से भविष्य में होने वाली कई वारदातों पर रोक लगेगी। हालांकि, पुलिस के लिए चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। फरार साथी की गिरफ्तारी और इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना अभी बाकी है। उम्मीद है कि मवाना पुलिस अपनी इस मुहिम को जारी रखेगी और क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाने में सफल होगी।
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मवाना पुलिस ने 19 जनवरी को हुई ठगी की घटना का खुलासा करते हुए 22 जनवरी 2026 को अंतर्राज्यीय गिरोह के सरगना खुर्शीद को गिरफ्तार किया। आरोपी ने महिला को बातों में उलझाकर उसके सोने के कंगन और ईयररिंग्स ठग लिए थे। पुलिस ने सारा माल बरामद कर लिया है और फरार साथी की तलाश जारी है।
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