हाल के वर्षों में कई वैज्ञानिक अध्ययनों ने इस बात का दावा किया है कि किसी व्यक्ति का ब्लड ग्रुप (Blood Group) दिल की बीमारियों के खतरे को प्रभावित कर सकता है। सामान्यतः चार मुख्य ब्लड ग्रुप होते हैं – A, B, AB और O। आपका ब्लड ग्रुप ABO जीन पर निर्भर करता है, जो हमें माता-पिता से विरासत में मिलता है। कई स्टडीज से पता चला है कि O ब्लड ग्रुप की तुलना में कुछ अन्य ब्लड ग्रुप्स में हार्ट अटैक (Heart Attack) का जोखिम अधिक होता है।
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किस ब्लड ग्रुप को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा है?
\r\n\r\nसाल 2012, 2017 और 2020 में हुई अलग-अलग स्टडीज के आंकड़ों के अनुसार, हार्ट अटैक का खतरा नॉन-ओ ब्लड ग्रुप (Non-O Blood Groups) वाले लोगों में अधिक देखा गया है:
\r\n\r\n| \r\n स्टडी का वर्ष \r\n | \r\n \r\n तुलनात्मक ब्लड ग्रुप \r\n | \r\n \r\n हार्ट अटैक का खतरा \r\n | \r\n
| \r\n जनवरी 2020 \r\n | \r\n \r\n टाइप A और B की तुलना में टाइप O \r\n | \r\n \r\n A में 8% और B में 10% ज्यादा \r\n | \r\n
| \r\n साल 2017 \r\n | \r\n \r\n O ब्लड ग्रुप के अलावा बाकी सभी \r\n | \r\n \r\n 9% ज्यादा \r\n | \r\n
| \r\n साल 2012 \r\n | \r\n \r\n O ब्लड ग्रुप की तुलना में \r\n | \r\n \r\n AB में 23%, B में 11% और A में 5% ज्यादा \r\n | \r\n
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इन स्टडीज के आंकड़ों का सार यह है कि जिन लोगों का ब्लड टाइप A, B, या AB है, उनमें O ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है। इनमें भी, टाइप AB और B को सबसे ज्यादा जोखिम वाला माना गया है।
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इन ब्लड ग्रुप्स में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा क्यों है?
\r\n\r\nशोधकर्ताओं ने नॉन-ओ ब्लड ग्रुप्स (A, B, AB) में हार्ट अटैक का खतरा अधिक होने के पीछे दो प्रमुख कारण पाए हैं:
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- \r\n खून के थक्के बनने का खतरा: नॉन-ओ ब्लड ग्रुप्स में वॉन विलेब्रैंड फैक्टर (Von Willebrand Factor) और फैक्टर VIII जैसे खून के थक्के बनने से जुड़े कारक (Clotting Factors) O ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। ये थक्के धमनियों में जमा होकर उन्हें ब्लॉक कर सकते हैं, जिससे Heart Attack Risk बढ़ जाता है।\r\n \r\n
- \r\n सूजन (इंफ्लेमेशन): इन ब्लड ग्रुप्स में इंफ्लेमेशन मार्कर (सूजन का खतरा) भी ज्यादा होता है, जो धमनियों की दीवारों को नुकसान पहुँचा सकता है और दिल की बीमारियों को बढ़ा सकता है।\r\n \r\n
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सबसे बड़ा जोखिम ब्लड ग्रुप नहीं, जीवनशैली है
\r\n\r\nचिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति का ब्लड ग्रुप केवल एक आनुवंशिक जोखिम कारक (Genetic Risk Factor) है। हार्ट अटैक का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण कारण ब्लड ग्रुप नहीं, बल्कि आपकी लाइफस्टाइल और रोजमर्रा की आदतें होती हैं।
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- \r\n नियंत्रण योग्य कारक: हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, अत्यधिक शराब का सेवन, धूम्रपान, उच्च रक्तचाप (Blood Pressure) और खराब खान-पान जैसी समस्याएं दिल की दिक्कतों (Heart Problems) की वजह बनती हैं।\r\n \r\n
- \r\n सलाह: ब्लड ग्रुप चाहे कोई भी हो, स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित डाइट और नियमित व्यायाम करके हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।\r\n \r\n
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लाइफस्टाइल पर ध्यान देना सबसे जरूरी
\r\n\r\nयह जानना जरूरी है कि ब्लड ग्रुप हार्ट अटैक के कई जोखिम कारकों में से सिर्फ एक है। ब्लड ग्रुप से कहीं ज्यादा आपकी लाइफस्टाइल, खानपान और रोजमर्रा की आदतें दिल की बीमारियों (Heart Problems) की वजह बनती हैं।
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इसलिए, आपका ब्लड ग्रुप कोई भी हो, अपनी जीवनशैली और डाइट का खास ख्याल रखें। हाई कॉलेस्ट्रोल, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और स्मोकिंग जैसी आदतें हार्ट अटैक के सबसे बड़े रिस्क फैक्टर्स में शामिल हैं। इनसे बचकर रहना ही दिल को सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा तरीका है।
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अस्वीकरण: इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है। यह किसी भी तरह से डॉक्टरी सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें। खबरीलाल मीडिया इस जानकारी की सटीकता का कोई दावा नहीं करता है।
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