सर्दियों के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम तेजी से बढ़ जाते हैं। जिस तरह हार्ट अटैक (Heart Attack) के मामलों में वृद्धि होती है, उसी तरह ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि जो लोग शराब (Alcohol) का सेवन और धूम्रपान (Smoking) करते हैं, उन्हें सर्दियों में खास तौर पर सावधान रहने की जरूरत है। चौंकाने वाली बात यह है कि अब कम उम्र के लोग भी ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं, जिसकी सबसे बड़ी वजह नशाखोरी है।READ ALSO:-दिल्ली ब्लास्ट: 'तीन कार बम' धमाके की थी साजिश! फरीदाबाद से उमर का रिश्तेदार फहीम गिरफ्तार, तीसरी कार 'ब्रेजा' भी बरामद
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महिलाओं और पुरुषों में घटता अंतर
\r\n\r\nचिकित्सकों के अनुसार, ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में पुरुषों और महिलाओं के बीच अब अधिक अंतर नहीं रह गया है।
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- \r\n लिंग अनुपात: लखनऊ के राम मनोहर लोहिया संस्थान के न्यूरोसर्जन डॉ. कुलदीप का कहना है कि लगभग 5 साल पहले ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में पुरुषों की संख्या अधिक होती थी, लेकिन अब महिलाओं की संख्या पुरुषों के लगभग बराबर पहुँच रही है।\r\n \r\n
- \r\n कारण: डॉ. कुलदीप के अनुसार, आज के समय में महिला हो या पुरुष, हर कोई नशे का सेवन कर रहा है, जिसके चलते दोनों वर्गों से मरीज आ रहे हैं।\r\n \r\n
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15 दिनों में 53 मरीज, युवा वर्ग भी प्रभावित
\r\n\r\nडॉ. कुलदीप ने बताया कि सर्दियों में रक्त का संचार उचित तरीके से नहीं हो पाता, जिससे ब्रेन स्ट्रोक के केस अधिक सामने आते हैं।
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- \r\n केस की संख्या: राम मनोहर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में पिछले 15 दिनों में अब तक ब्रेन स्ट्रोक के 53 मरीज आ चुके हैं, जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं।\r\n \r\n
- \r\n कम उम्र के शिकार: उन्होंने बताया कि संस्थान में युवा वर्ग के लोग भी काफी आ रहे हैं, जिन्हें ब्रेन स्ट्रोक पड़ रहा है।\r\n \r\n
- \r\n बड़ी वजह: इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि युवा वर्ग किसी न किसी तरीके का कोई न कोई नशा (अल्कोहल और स्मोकिंग) जरूर करते हैं, जो एक लंबे समय तक शरीर में बदलाव पैदा करता है।\r\n \r\n
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क्यों पड़ता है ब्रेन स्ट्रोक?
\r\n\r\nडॉ. कुलदीप ने ब्रेन स्ट्रोक के वैज्ञानिक कारणों को समझाया। यह तब होता है, जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त का प्रवाह बाधित होता है, जिससे मस्तिष्क के ऊतकों (Tissues) को ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं।
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- \r\n इस्केमिक स्ट्रोक: इसमें रक्त वाहिका में थक्का जम जाता है और रक्त प्रवाह को रोक देता है।\r\n \r\n
- \r\n रक्तस्रावी स्ट्रोक: इसमें मस्तिष्क में कोई रक्त वाहिका फट जाती है और रक्तस्राव होता है।\r\n \r\n
- \r\n मुख्य जोखिम: इन ब्लॉकेज या रक्तस्राव के मुख्य कारण हैं: उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग।\r\n \r\n
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स्वस्थ रहने के लिए क्या करें?
\r\n\r\nकेजीएमयू के न्यूरोसर्जन डॉ. रवि उनियाल ने Brain Stroke समेत अन्य गंभीर बीमारियों से बचने के लिए नियमित जांच और जीवनशैली में सुधार पर जोर दिया।
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- \r\n जरूरी जाँचें: उन्होंने कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर की जांच नियमित रूप से कराने की सलाह दी, ताकि बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता चल सके।\r\n \r\n
- \r\n जीवनशैली में सुधार: डॉ. रवि उनियाल ने कहा कि आज के समय में नशा (धूम्रपान और अल्कोहल) नियंत्रित करने और जीवनशैली को बेहतर करने की सबसे ज्यादा जरूरत है।\r\n \r\n
- \r\n समय पर अस्पताल: उन्होंने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के मरीज अक्सर इमरजेंसी में आते हैं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी होती है। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच कराना सबसे जरूरी है।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.