नई दिल्ली: अगर आप अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाने या उसमें पता अपडेट कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने हाल ही में बच्चों के आधार नामांकन और पता अपडेट से जुड़े नियमों को स्पष्ट कर दिया है। ये नियम हेड ऑफ फैमिली (HoF) बेस्ड प्रक्रिया पर अधिक केंद्रित हैं, जिससे बच्चों के आधार में पता अपडेट कराना अब पहले से ज्यादा व्यवस्थित और आसान हो गया है।READ ALSO:-मतदाताओं को बड़ी राहत: चुनाव आयोग ने बढ़ाई SIR फॉर्म भरने की डेडलाइन, अब 11 दिसंबर तक मौका; जानें चूक गए तो क्या होगा?
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UIDAI के नए नियमों के तहत, बच्चों के लिए अलग से एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं है, बल्कि माता-पिता या परिवार का कोई भी 18 साल से ऊपर का सदस्य 'हेड ऑफ फैमिली' बनकर बच्चे का पता अपडेट करवा सकता है।
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UIDAI का आयु-आधारित वर्गीकरण: किसे चाहिए एड्रेस प्रूफ?

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UIDAI ने बच्चों के आधार नामांकन को दो मुख्य आयु समूहों में बांटा है, जिनके नियम अलग-अलग हैं:
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    5 साल से कम उम्र के बच्चे:
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      इन बच्चों के लिए केवल जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) अनिवार्य है।
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      इनका आधार केवल हेड ऑफ फैमिली (HoF) बेस्ड प्रोसेस के जरिए ही बनेगा, जिसमें माता-पिता का आधार लिंक होता है।
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      इनके लिए बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन) नहीं लिया जाता है।
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    5 से 18 साल के बच्चे:
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      इन बच्चों का आधार बनवाने के लिए आप किसी भी वयस्क की तरह पहचान पत्र (PoI) या पता प्रमाण (PoA) जैसे दस्तावेज जमा कर सकते हैं।
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      जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का रिकॉर्ड भी मान्य है।
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      सबसे महत्वपूर्ण, इस आयु वर्ग के लिए भी HoF बेस्ड नामांकन और बच्चों के आधार में पता अपडेट करने की सुविधा जारी रहेगी।
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HoF के माध्यम से बच्चों के आधार में पता अपडेट करने का पूरा ऑनलाइन प्रोसेस

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बच्चों के आधार में पता अपडेट करने के लिए माता-पिता को अब लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं है। UIDAI ने MyAadhaar पोर्टल पर इस प्रक्रिया को ऑनलाइन और सुव्यवस्थित बना दिया है:
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स्टेप 1: MyAadhaar पोर्टल पर लॉगिन

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सबसे पहले UIDAI के आधिकारिक MyAadhaar पोर्टल पर जाएं और लॉगिन करें। यहां 'Update Aadhaar' विकल्प चुनें और फिर 'Head of Family (HoF) based address update' पर क्लिक करें। 
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स्टेप 2: HoF का विवरण और संबंध दस्तावेज़

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यहां आपको उस व्यक्ति का आधार नंबर डालना होगा, जिसे आप परिवार का मुखिया (HoF) बना रहे हैं। इसके बाद, एक ऐसा दस्तावेज़ अपलोड करना जरूरी है जो बच्चे और HoF के बीच संबंध साबित कर सके। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, या कोई अन्य मान्य दस्तावेज़ अपलोड किया जा सकता है।
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स्टेप 3: भुगतान और SRN

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पता अपडेट करने के लिए निर्धारित ₹50 का शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। भुगतान के बाद आपको एक सर्विस रिक्वेस्ट नंबर (SRN) मिलेगा। इस SRN को संभालकर रखें, क्योंकि इसी से आप अपनी रिक्वेस्ट को ट्रैक कर पाएंगे।
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HoF की मंजूरी: सबसे जरूरी स्टेप

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फॉर्म भरने और फीस जमा करने के बाद, प्रोसेस तुरंत पूरी नहीं होती। यह सबसे जरूरी और अंतिम चरण है।
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    SMS नोटिफिकेशन: परिवार के मुखिया (HoF) के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक SMS आता है।
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    30 दिनों की समय सीमा: HoF को MyAadhaar पोर्टल पर लॉग इन करके, 30 दिनों के भीतर इस रिक्वेस्ट को स्वीकार (Approve) करना होता है।
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जैसे ही HoF की मंजूरी मिलती है, बच्चे के आधार में पता अपडेट हो जाता है। यदि HoF समय पर यानी 30 दिनों के भीतर अप्रूवल नहीं देते हैं या रिक्वेस्ट रद्द कर देते हैं, तो आवेदन अपने आप रद्द हो जाएगा और जमा की गई ₹50 की फीस भी वापस नहीं की जाएगी। 
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HoF कौन बन सकता है?

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UIDAI के नियमों के अनुसार, 18 साल या उससे अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति HoF बन सकता है, जैसे कि माता-पिता, दादा-दादी या परिवार का कोई अन्य वयस्क सदस्य। यदि किसी के पास रिश्ते को प्रमाणित करने वाला कोई दस्तावेज़ नहीं है, तो HoF UIDAI के निर्धारित फॉर्मेट में सेल्फ-डिक्लेरेशन के जरिए भी इस प्रक्रिया को पूरा कर सकता है। 
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UIDAI द्वारा लाए गए ये नए नियम बच्चों के आधार में पता अपडेट करने की प्रक्रिया को सरल बनाते हैं और माता-पिता को यह सुविधा देते हैं कि वे अपने पते के आधार पर बच्चों का आधार पता अपडेट करा सकें। 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए HoF प्रक्रिया अनिवार्य है, जबकि 5 से 18 साल के बच्चों के लिए यह एक आसान विकल्प है। ऑनलाइन प्रक्रिया में ₹50 शुल्क और HoF द्वारा 30 दिनों के भीतर मंजूरी देना सबसे महत्वपूर्ण चरण हैं।
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