राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi NCR) में वायु प्रदूषण का संकट एक बार फिर गहरा गया है। ठंड की दस्तक के साथ ही हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' (Very Poor) श्रेणी में पहुँच गई है। गुरुवार (16 अक्टूबर 2025) की सुबह कई निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के खतरनाक स्तर को पार कर गया। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे Delhi NCR में GRAP-1 (Graded Response Action Plan) की पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं।READ ALSO:-यूपी में अब गांव-गांव दौड़ेगी रोडवेज, किराया भी 20% सस्ता! योगी सरकार का दिवाली तोहफा, 'मुख्यमंत्री ग्रामीण जनता बस सेवा' को मिली हरी झंडी
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
Background: पिछले 3 दिन से हवा 'खराब'
\r\n\r\n
Delhi NCR में वायु प्रदूषण के स्तर में यह वृद्धि अचानक नहीं है। पिछले तीन दिनों से दिल्ली का औसतन AQI लगातार 200 के पार 'खराब' श्रेणी में दर्ज किया जा रहा था। गुरुवार की सुबह तो कई इलाके 'बेहद खराब' श्रेणी में आ गए।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सबसे प्रदूषित इलाके: आनंद विहार में सबसे अधिक AQI (339) दर्ज किया गया, जिसके बाद वजीरपुर (342) और द्वारका सेक्टर-8 (338) का स्थान रहा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मुख्य प्रदूषक: हवा में पीएम 2.5 (PM2.5) और पीएम 10 (PM10) का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ा हुआ है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    Latest Update: GRAP-1 की पाबंदियां और कारण
    \r\n\r\n
    प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए, CAQM ने मंगलवार को ही GRAP-1 को लागू कर दिया था। ये पाबंदियां बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए एक प्रारंभिक कदम हैं।
    \r\n\r\n
    GRAP-1 के तहत मुख्य पाबंदियां:
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    धूल नियंत्रण: निर्माण (Construction) और विध्वंस (Demolition) स्थलों पर धूल नियंत्रण के सख्त उपाय अनिवार्य।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ईंधन प्रतिबंध: सड़कों के किनारे भोजनालयों और व्यावसायिक रसोई में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अपशिष्ट जलाना: कचरा, बायोमास या नगरपालिका ठोस अपशिष्ट को खुले में जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध।प्रदूषण के कारण: इस मौसम में प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारणों में पड़ोसी राज्यों (पंजाब, हरियाणा) में पराली जलाना, वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, धीमी हवाओं के कारण प्रदूषकों का ठहराव और निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल शामिल हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
\r\n
 
\r\n\r\n
Official Statements: आगे 'बहुत खराब' श्रेणी की चेतावनी
\r\n\r\n
मौसम विभाग (IMD) और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (EWS) के पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि Delhi NCR में प्रदूषण का स्तर अगले कुछ दिनों में 'बेहद खराब' श्रेणी में बना रह सकता है।
\r\n
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पूर्वानुमान: EWS के अनुसार, शुक्रवार (17 अक्टूबर) को AQI 303-304 तक जा सकता है, जो 'बेहद खराब' श्रेणी का निचला स्तर है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    स्वास्थ्य सलाह: विशेषज्ञों ने नागरिकों, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों वाले लोगों को घर के अंदर रहने और बाहरी शारीरिक गतिविधियों से बचने की सलाह दी है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
\r\n
 
\r\n\r\n
Impact & Next Step: दिवाली से पहले चुनौती
\r\n\r\n
Delhi NCR में दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण का यह बिगड़ता स्तर एक बड़ी चुनौती है। यदि AQI 400 के पार 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में पहुँचता है, तो GRAP के अगले चरण (Stage-2) की पाबंदियां लागू की जाएंगी। सरकार को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है, और नागरिकों को भी GRAP-1 के तहत जारी 'नागरिक चार्टर' का पालन करना अनिवार्य है।
\r\n
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें