नई दिल्ली (Railway News Desk): भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है, जिससे रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं। पिछले कुछ सालों में रेलवे ने स्टेशनों के आधुनिकीकरण (Amrit Bharat Station Scheme) और वंदे भारत (Vande Bharat Express) जैसी प्रीमियम ट्रेनों के संचालन पर भारी निवेश किया है। लेकिन, अक्सर देखा जाता है कि कुछ लापरवाह यात्री स्टेशनों और ट्रेनों में पान-गुटखा थूककर या कचरा फैलाकर गंदगी मचाते हैं।
\r\n\r\nइस समस्या पर लगाम लगाने और यात्रियों में साफ-सफाई के प्रति कड़ा अनुशासन लाने के लिए भारतीय रेलवे ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने 'भारतीय रेलवे (संशोधन) नियम, 2026' (Indian Railways Amendment Rules, 2026) लागू कर दिया है। इसके तहत रेलवे परिसरों (Railway Premises) में गंदगी फैलाने (Littering) पर लगने वाले जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया है।
\r\n\r\n500 से बढ़कर 1000 रुपये हुआ जुर्माना (Littering Fine Hiked)
\r\n\r\nअब तक रेलवे स्टेशन या ट्रेन के डिब्बों में कचरा फैलाने, थूकने या गंदगी करने पर रेलवे अधिनियम के तहत अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना (Fine) लगाने का प्रावधान था। लेकिन कई लोग इस मामूली जुर्माने को देकर आसानी से छूट जाते थे और अपनी आदतें नहीं बदलते थे।
\r\n\r\nइस लापरवाही को रोकने के लिए रेल मंत्रालय ने नियमों में संशोधन किया है। 24 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन (Gazette Notification) के साथ ही यह नया नियम पूरे देश में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अब अगर कोई भी व्यक्ति रेलवे परिसर में तय डस्टबिन के अलावा कहीं और कचरा फेंकता है या गंदगी फैलाता है, तो उसे सीधे 1000 रुपये का चालान भरना होगा।
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\r\n\r\nकिन-किन गलतियों पर कटेगा 1000 रुपये का चालान? (List of Offences)
\r\n\r\nरेलवे के नए नियमों के मुताबिक, सिर्फ कचरा फेंकना ही नहीं, बल्कि कई अन्य ऐसी गतिविधियां हैं जिन्हें रेलवे परिसर में पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। अगर आप नीचे दी गई किसी भी गतिविधि में लिप्त पाए गए, तो आप पर 1000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा:
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- \r\n कचरा फेंकना या थूकना (Spitting & Littering): ट्रेन के कोच के अंदर, पटरियों (Railway Tracks) पर, या प्लेटफॉर्म पर प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स के पैकेट, जूठन फेंकना, या पान-गुटखा खाकर थूकना अब बहुत महंगा पड़ेगा। आपको अपना कचरा सिर्फ डस्टबिन में ही डालना होगा।\r\n \r\n
- \r\n खुले में नहाना या शौच करना (Open Defecation & Bathing): कई बार देखा जाता है कि लोग प्लेटफॉर्म के किनारों या स्टेशन परिसर में खुले में पेशाब करते हैं, शौच करते हैं या नहाने लगते हैं। इस कृत्य पर अब जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) नीति अपनाई जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n कपड़े व बर्तन धोना (Washing Clothes/Utensils): स्टेशन पर यात्रियों के पीने के पानी के लिए नल (Water Taps) लगे होते हैं। कई लोग वहां अपने गंदे कपड़े, जूठे बर्तन या यहां तक कि अपनी गाड़ियां धोने लगते हैं। इससे पानी बर्बाद होता है और प्लेटफॉर्म पर फिसलन होती है। नए नियम में इसे गंभीर अपराध माना गया है।\r\n \r\n
- \r\n जानवरों को खाना खिलाना (Feeding Stray Animals): यह नियम बहुत से लोगों को हैरान कर सकता है, लेकिन प्लेटफॉर्म पर आवारा कुत्तों, गायों या पक्षियों को दाना या बचा हुआ खाना डालना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इससे स्टेशन पर आवारा जानवरों का जमावड़ा लगता है, गंदगी फैलती है और यात्रियों (खासकर बच्चों) के कटने का खतरा रहता है।\r\n \r\n
- \r\n खाना पकाना या अनाधिकृत सामान रखना (Cooking & Storage): बिना रेलवे की पूर्व अनुमति या इजाजत के स्टेशन परिसर में चूल्हा जलाकर खाना बनाना, या अपना भारी-भरकम व्यापारिक सामान (अनाधिकृत रूप से) प्लेटफॉर्म पर जमा करना भी जुर्माने के दायरे में आएगा।\r\n \r\n
\r\n\r\nजुर्माना न देने पर होगी जेल या 2000 रुपये का कोर्ट फाइन!
\r\n\r\nअगर आप सोचते हैं कि आप रेलवे अधिकारी से बहस करके या जुर्माना देने से इनकार करके बच जाएंगे, तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। रेलवे का नया नियम कानूनन बेहद सख्त है:
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- \r\n अदालती कार्रवाई (Court Case): यदि कोई यात्री या बाहरी व्यक्ति रंगे हाथों पकड़ा जाता है और वह 1000 रुपये का ऑन-द-स्पॉट (On-the-spot) जुर्माना भरने से साफ मना कर देता है, तो मामला वहीं खत्म नहीं होगा। अधिकारी उस व्यक्ति का रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) की मदद से चालान बनाकर मामला रेलवे मजिस्ट्रेट (Railway Court) को सौंप देंगे।\r\n \r\n
- \r\n जुर्माना होगा डबल: कोर्ट में मामला साबित होने पर जज इस जुर्माने की राशि को बढ़ाकर 2000 रुपये तक कर सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n जेल की सजा: यदि आरोपी कोर्ट का जुर्माना भी नहीं भरता है, तो रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत उसे कुछ दिनों की जेल (Imprisonment) भी काटनी पड़ सकती है।\r\n \r\n
\r\n\r\nजुर्माना वसूलने का अधिकार किसके पास होगा? (Who can impose the fine?)
\r\n\r\nरेलवे ने स्टेशनों और ट्रेनों में 24 घंटे निगरानी रखने और नया नियम सख्ती से लागू करने के लिए कई अधिकारियों को विशेष अधिकार सौंपे हैं। यदि आप नियम तोड़ते हैं, तो इनमें से कोई भी अधिकारी आपका चालान काट सकता है:
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- \r\n स्टेशन मास्टर (Station Master) और स्टेशन मैनेजर (Station Manager): पूरे स्टेशन परिसर की जिम्मेदारी इनकी होती है।\r\n \r\n
- \r\n टिकट चेकर (TTE / Ticket Collectors): कमर्शियल विभाग के टीटीई (TTE) न केवल ट्रेनों के अंदर बल्कि प्लेटफॉर्म पर भी गंदगी फैलाने वालों का चालान काटने के लिए अधिकृत हैं।\r\n \r\n
- \r\n RPF जवान और अन्य अधिकारी: ऑपरेटिंग डिपार्टमेंट के समकक्ष अधिकारी, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान और रेलवे बोर्ड द्वारा अधिकृत अन्य जोनल अधिकारी भी इस कार्रवाई को अंजाम दे सकते हैं।\r\n \r\n
\r\n\r\nरेलवे की जनता से अपील
\r\n\r\nभारतीय रेलवे अरबों रुपये खर्च करके स्टेशनों को 'एयरपोर्ट' जैसी सुविधाएं दे रहा है। ऐसे में इन विश्वस्तरीय सुविधाओं को साफ और सुरक्षित बनाए रखना हम सभी नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे कूड़ा हमेशा डस्टबिन (सूखे कचरे के लिए नीला और गीले कचरे के लिए हरा डस्टबिन) में ही डालें और रेलवे को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें।
\r\n\r\nअगली बार जब आप ट्रेन पकड़ने स्टेशन जाएं या ट्रेन में सफर कर रहे हों, तो अपनी मूंगफली के छिलके, चाय के कप या पानी की बोतलें सीट के नीचे या खिड़की से बाहर फेंकने की गलती बिल्कुल न करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी जेब पर 1000 रुपये का भारी डाका डाल सकती है। एक जिम्मेदार नागरिक बनें, साफ-सफाई रखें और भारी भरकम जुर्माने से बचें।
\r\n\r\n(भारतीय रेलवे के नए नियमों और यात्रा से जुड़ी ताज़ा जानकारियों के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें। इस खबर को अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ जरूर शेयर करें ताकि वे भी जुर्माने से बच सकें!)
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